कोंग्रेस कि नई रणनीति क्या कर पायेगी कमाल...?
आपके अनुसार इस लेख को पहली बार वोट दें 0 comments 22222Visits Bharat Kesari
Related Articles
लोकसभा चुनावों में मोदी कि लहर कि सरगर्मियां इतनी तेज हो गयी कि कोंग्रेस का दल तक ही डाला परिणामस्वरूप कोंग्रेस ने चुनावी जिम्मेदारियों वाले दल में फेरबदल करते हुए लोकसभा चुनाव तक पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा राजस्थान की प्रदेश प्रभारी महासचिव बनाई गई हैं। यहां के प्रभारी महासचिव गुरूदास कामत महराष्ट्र में चुनाव लड़ रहे हैं। वही कामत के प्रभार वाले दूसरे राज्य गुजरात का प्रभार राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत संभालेंगे। वे दादर नगर हवेली और दमन दीव भी देखेंगे। माना जा रहा है कि अशोक गेहलोत को राजस्थान से बाहर भेजने के पीछे कही न कही विधानसभा चुनावों में कोंग्रेस कि बुरी तरह हार का होना है वही पार्टी में उनकी ख़राब छवि भी इसकी जिम्मेदार हो सकती है. राजस्थान के कद्दावर नेता माने जाने वाले गेहलोत को गुजरात भेजना पार्टी के लिए उचित निर्णय हो सकता है परन्तु गुजरात में पार्टी के लिए गेहलोत कि भूमिका पर अभी भी सवालिया निशान हो सकता है उनके साथ गुजरात में नरेंद्र बुढानिया को समन्वयक और पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। अजय माकन की जगह अब कांग्रेस के मीडिया विभाग का प्रभार मनीष तिवारी और रणदीप सुरजेवाल देखेंगे। रागनी नायक को उनके साथ समन्वयक लगाया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नए प्रभारियों के नामों को हरी झंडी दी है वही अन्य जगहों पर भी बड़े फेरबदल किया गए है ऐसे में अब कोंग्रेस आलाकमान को उम्मीद है कि शायद कोंग्रेस कि आंतरिक स्तिथि के साथ बहारी स्तिथि में कोई सुधार हो जाये और कोंग्रेस का देश पर राज यूं ही कायम रहे पर सत्ता अब जनता के हाथो में है... हमे याद रहे कि जब जब भारत जैसे देश के नागरिकों पर अत्याचारों कि अति हुई है तो यहाँ कि जनता ने भी अत्याचारियों को बख्सा नहीं है .फिलहाल इस स्तिथि को मध्यनजर रखते हुए ही देश कि उन तमाम राजनितिक दलों को चौकन्ना होना चाहिए जो इस लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सेदार बन रहे है
| More

Your Comments

0 comments

Discussions

 
Press Ctrl+G To Change Between Hindi and English
Your Name :  
Email Address :  
Your Comment :  

Your Poll
How Much Tension generated through security risks.



Breaking News