Bharat Kesari Breaking News with Latest Updates and Detailed Information
Bharat Kesari is online News portal of India. Special Coverage of India's Parliament Election 2014 
मोदी की हुंकार को राहुल की चुनौती
आपके अनुसार इस लेख को पहली बार वोट दें 0 comments 106802Visits Bharat Kesari

Politics In India

1 Photo
यूँ तो हर चुनाव के वक्त चुनावी पार्टियां अपनी अपनी जीत के दावे करती हुई दिखाई देती हैं लेकिन भारत में होने वाला २०१४ का आम चुनाव इस बार ऐतिहासिक साबित होने वाला है | एक ओर जहाँ गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने की दावेदारी कर रहे हैं तो वही पतन का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी की साख बचाने में राहुल गांधी जुटे हुए दिखाई देते है|

भारत विविधताओं का देश कहा जाता है | किसी भी वक्त किसी भी परिस्थिति का सामना करने में यहाँ के वाशिंदे माहिर माने जाते हैं | जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारा देश पिछले कई सालों से भ्रष्टाचार, महंगाई, और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है | आम जनता की राय अगर देखी जाये तो कांग्रेस पार्टी को इस परिस्थिती के लिए जिम्मेदार माना जाता है | इसी का परिणाम है कि आज देश में कांग्रेस पार्टी को पतन का सामना करना पड़ रहा है | २०१३ में हुयी करारी हार को देखते हुए अब कांग्रेस के नेता भविष्य जानते हुए भी २०१४ में कांग्रेस की सरकार बनाने की जुगत में हैं | इसी कोशिश के चलते जहाँ कोंग्रेसी नेता विदेशी तोर तरीकों को अपनाकर सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं वहीँ आम जन के बीच जाकर सरकार की १० सालों की सफलताओं को जता बता रहे हैं |

चुनावी गतिविधियों को मद्देनज़र रखते हुए जहाँ राहुल गांधी लगातार जनता के बीच जा रहे है तो नरेंद्र मोदी अपनी हुंकार रैलियों के जरिये जनता के मन तक पहुँचने की कोशिशो में हैं | हुंकार रैलियों में मोदी ने केंद्र सरकार की असफलताओं का जनता के सामने रखा है और कांग्रेस की हार का मार्ग प्रशस्त करने की कोशिश की है | वहीँ आज ही राजस्थान के टोंक जिले में आयोजित की गयी रैली में राहुल गांधी ने मोदी की हुंकार का जबाब देते हुए कांग्रेस को गरीबों की सच्ची हितेषी पार्टी बताया है | राहुल इन दिनों कांग्रेस को राजस्थान में जीत दिलाने के लिए राजस्थान के दौरे पर हैं | वहीँ मोदी बिहार का दौरा कर रहे हैं | इसके साथ ही कांग्रेस के साथ मिलकर केंद्र में भाजपा को रोकने के मिशन में आम आदमी पार्टी के अरविन्द केजरीवाल भी अपनी राजनीती की गाडी में दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं |

देश में हो रही राजनीति के इस तांडव के हम सभी साक्षी तो बन रहे हैं लेकिन मूक | हर पार्टी हर नेता लगातार सफलता और विकास के दावे कर रहा है | देश पर राज करने के लिए हो रही इस दौड़ में जहाँ युवा अपना वर्चस्व बनाने की कोशिश कर रहे हैं वही दिग्गज आपने अपने तरीकों से जनता के बीच जा रहे हैं | क्षेत्र और क्षेत्रीय विकास आज के दौर की प्राथमिकताएं मानी जा रही हैं लेकिन चुनाव से पहले मिलने वाले अपने अधिकार को भारत की जनता भूलती जा रही है | जनता को या तो पता नहीं है या वे किसी दबाब के चलते अपने अधिकार का उपयोग नहीं करती दिखाई दे रही है |

चाहे प्रत्याशी किसी भी पार्टी या दल का हो लेकिन जनता से अपील है कि जो उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरता हो | वोट देने से पहले हर वोटर को यह अधिकार है कि वो यह जाने आखिर वोट के मायने क्या हैं | वे वोट क्यों के रहे हैं | किसको दे रहे हैं | प्रत्याशी या उसके दल ने अभी तक कौन कौन सी कमियां की हैं और क्या क्या जन उपलब्धियां हासिल की हैं | पिछले कार्यकाल में प्रत्याशी ने कौन कौन से कार्य कराये और उनसे जनता को क्या लाभ हुआ | प्रत्याशी और उसकी पार्टी ने क्षेत्र के विकास और सामाजिक विकास में कौन कौन से कार्य कराये और उनकी भविष्य में क्या योजनाएं हैं | पिछली योजनाओं में से कितनी योजनाओं पर अमल किया गया और क्षेत्र के कितने परिवारों को रोजगार तथा युवाओं को नौकरिया प्रदान की गयी | इसके साथ ही वोटर को अधिकार है कि वह प्रत्याशियों तथा उनके परिवार की कितनी सम्पती पाँच वर्ष पूर्व थी तथा कितनी सम्पती आज है | उनकी पाँच साल की इनकम टैक्स रिटर्न का ब्योरा इत्यादि |

परन्तु विडम्बना यह है कि आज भी हमारे देश की जनता को जगाने की जरूरत है | देश में अगर राजनीति होती है तो धर्म की, जाती की, भावनाओं की, क्षेत्रवाद की, भाई भतीजा वाद की, आर्थिक सुदृढ़ता की | और हमारे देश की जनता आज भी उक्त मुद्दों पर ही वोट देकर पीछा छुड़ा लेती है | उन्हें चनाव एक बोझ की तरह लगता है | बस वोट देना है और कुछ नहीं | अपनी रोजी और रोटी का जुगाड़ तो आपको खुद ही करना है नेता तो बस वोट के | इस अवधारणा को अब बदलने का वक्त आ गया है | अब हमें जानने की जरूरत है हमारे भीतर बसे हुए सवालों के जबावों की | क्या होगा हमारे रोजगार का | कौन है जिम्मेदार देश की इस हालत के लिए | कैसे कम होगी महंगाई | कब किसान आत्महत्या करना बंद करेंगे | क्यों भ्रष्टाचारियों को छोड़ दिया जाता है | कैसे ख़त्म हो जाते हैं सी बी आई के केस | क्यों पड़े हैं निर्दोष लोग जेलों के भीतर | कैसे थमेगा देश की रग रग में बसा हुआ भ्रष्टाचार | किस दिन देश बनेगा महाशक्ति | कैसे मिलेंगे नए रोजगार | कौन लेगा देश से गंदगी निकाल फेंकने की जिम्मेदारी | कैसे मजदूर बनेगा अमीर | कैसे किसान होंगे मालामाल | कब थमेगा देश का विखराव | कैसे होगा देश का विकास | कौन रोकेगा आपसी फूट को | कैसे रुकेंगे देश में खुले आम हो रहे अपराध | कौन बदलेगा देश का क़ानून | कैसे ख़त्म होगा आरक्षण |

इन तमाम सवालों के जबाब तो आने अभी बाकी हैं लेकिन अब देखना यह है कि भारत के निवासी कितना जागरूक होकर अपने मत का उपयोग करते हैं तथा देश का ऐसा कौन सा दल या नेता है जो उक्त सवालों के जबाव साथ जनता के बीच जाकर जनता के दिलों में अपनी जगह बना पाते हैं |

| More

Your Comments

0 comments

Discussions

 
Press Ctrl+G To Change Between Hindi and English
Your Name :  
Email Address :  
Your Comment :  

Breaking News