<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"><channel> <title>BharatKesari- All Articles </title> <link>http://www.bharatkesari.com/allarts.aspx  </link> <description>Bharatkesari.com is a Daily E-paper of India With Hindi News, E-greetings,scraps,Citizen Journalism and Social Networking. A Complete Resource In Hindi </description> <ttl>60  </ttl> <item> <title> <![CDATA[ यूपी : संदिग्ध हालत में भाजपा नेता की पत्नी की हत्या  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=up_murder_of_wife_od_bjp_leader_938 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=up_murder_of_wife_od_bjp_leader_938 </guid> <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और विधायक हुकुम सिंह की पत्नी रेवती सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। नई बस्ती इलाके की गांधी कालोनी स्थित उनके आवास से शनिवार सुबह रेवती का शव मिला।
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पूर्व मंत्री हुकुम सिंह मुजफ्फरनगर जिले की कैराना विधानसभा सीट से विधायक हैं। पुलिस ने हत्या के पीछे लूट या डकैती की आशंका से इंकार किया है। घर में नकदी और अन्य कीमती सामान सुरक्षित पाया गया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने में कहा, "प्रथम दृष्टया यह हत्या का मामला लगता है। ऐसा लग रहा है कि तकिए को उनके मुंह पर रखकर स्कार्फ से उनका गला दबाया गया हो। फोरेंसिक टीम मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं। विधायक सिंह भी मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हो चुके हैं।" उन्होंने कहा कि तकिया और स्कार्फ कमरे से बरामद किए जा चुके हैं। इसके अलावा रेवती सिंह की सोने की चेन, हीरे की कनबाली, मोबाइल व अन्य कीमती सामान भी कमरे से ही बरामद हुए हैं, इसलिए यह नहीं कहा जा सकता है कि हत्या के पीछे लूट या डकैती की कोई संभावना हो। उन्होंने हत्या में दो लोगों के शामिल होने की भी आशंका जताई।
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इससे पहले, मुजफ्फरनगर के पुलिस उपाधीक्षक आकाश खुलेरी ने कहा, "प्राथमिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि रेवती सिंह की गला दबाकर हत्या की गई है।" उन्होंने कहा, "हम हत्या के कारणों की जांच कर रहे हैं। इस हत्या में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए टीम गठित कर दी गई है।"<br/><br/>

पुलिस निरीक्षक जगदीश सिंह ने कहा, "हत्या के वक्त घर में केवल कुछ नौकर मौजूद थे। भाजपा नेता घर में नहीं थे, वह लखनऊ गए हुए थे।" उल्लेखनीय है कि शंकर व अजय नाम के बिहार के रहने वाले दो नौकर और हुकुम सिंह के पोते अनुज सिंह रेवती सिंह के साथ रहते थे।<br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 11:21:27 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ आईएएस दंपति ने शेयरों में लगाए 300 करोड़ रुपये ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ias_couple_invest_300_crores_in_shares_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ias_couple_invest_300_crores_in_shares_932 </guid> <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश देश के बीमारू राज्यों में गिना जाता है। यहां सरकारी योजनाओं को पूरा करने के लिए पैसे की कमी होती है। अब सामने आया है कि कुछ महीनों पहले भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए मध्य प्रदेश कैडर के ही एक आईएएस दंपति ने शेयर बाजार में 300 करोड़ रुपये लगाए हैं।
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अरविंद जोशी और इनकी पत्नी टिनू जोशी दोनों आईएएस हैं। दोनों का महीने का वेतन दो लाख रुपये भी नहीं होगा, लेकिन एनडीटीवी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के सूत्रों ने बताया कि दोनों ने मिलकर पिछले तीन साल में 300 करोड़ रुपये शेयर मार्केट में लगाए हैं।
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अरविंद जोशी जेल और संसदीय मामलों के सचिव रहे हैं और टिनू जोशी महिला और बाल कल्याण की पूर्व सचिव...दोनों ने एसटीडी चार्टर्ड कैपिटल मार्केट लिमिटेड के जरिए ये पैसा शेयर बाजार में लगाया।

अरविंद जोशी पर आरोप हैं कि इन्होंने कई बड़ी कंपनियों के हजारों की संख्या में शेयर खरीदे हैं। फरवरी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने दोनों अफसरों के यहां छापे मारे, तब तीन करोड़ की नकदी, 50 लाख के जेवरात के अलावा तीन करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां भी बरामद हुई।

इनके लॉकर से कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। तब से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जांच कर रहा है, लेकिन इनके खजाने का कोई ओर-छोड़ ही पता नहीं चल रहा है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 11:18:09 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ यूपीए से समर्थन वापसी का सवाल ही नहीं : ममता  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=support_back_from_upa_not_porssible_mamta_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=support_back_from_upa_not_porssible_mamta_932 </guid> <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि हालांकि मूल्य वृद्धि का उनकी पार्टी विरोध करती है, लेकिन केंद्र में यूपीए की सरकार से समर्थन वापस लेने जैसा कदम वह नहीं उठाएगी।
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ममता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि सरकार कुछ हद तक कीमतों को नियंत्रित करने पर विचार करे। उनकी तरह (सीपीएम) हम सरकार से समर्थन वापस नहीं लेंगे। हम सौ फीसदी सरकार के साथ हैं।’’

सीपीएम ने उन पर आरोप लगाया था इस मुद्दे पर उनकी पार्टी मुखर नहीं है। इसके जवाब में ममता ने कहा कि जबसे उनकी पार्टी इस गठबंधन में भागीदार बनी है, पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों की बढ़ोतरी को लेकर इसने संसद में बहस की मांग की है, जिसमें मतदान का प्रावधान नहीं है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 11:01:13 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कॉमनवेल्थ गेम्स में पैसे की गड़बड़ी नहीं : कलमाड़ी  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=no_mistake-in_money_in_common_wealth_games_kalmadi_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=no_mistake-in_money_in_common_wealth_games_kalmadi_932 </guid> <description><![CDATA[ कॉमनवेल्थ गेम्स ऑर्गेनाइजिंग कमेटी के चेयरमेन सुरेश कलमाड़ी ने खेलों की तैयारी में भ्रष्टाचार के आरोपों से खुद को अलग बताया है।
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खेलों की आयोजन समिति का नेतृत्व कर रहे सुरेश कलमाड़ी ने कई आरोपों पर सफाई दी, लेकिन कंस्ट्रक्शन के बारे में बोले कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि सीवीसी की रिपोर्ट में स्टेडियम के कंस्ट्रक्शन में अनियमितता के आरोप हैं। केंद्रीय सतर्कता आयोग ने जिन घोटालों की बात कही है, उन्हें सुरेश कलमाड़ी मनगढ़ंत बता रहे हैं।
कलमाड़ी ने कहा कि ब्रिटेन की एक कंपनी पर टैक्स चोरी की जांच हो रही है, लेकिन इसमें कॉमनवेल्थ आयोजन समिति का दामन साफ है। उन्होंने कहा कि आयोजन समिति को जल्दी ही स्टेडियम सौंपे जाने हैं। जिसने स्टेडियम बनाए हैं, उनको इन घोटालों की सफाई देनी चाहिए।
कलमाड़ी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति ने भुगतान के लिए आवश्यक सभी वित्तीय नियमों का पालन किया और उसके भुगतान पूरी तरह पारदर्शी हैं। उन्होंने ब्रिटेन से इस मामले में जांच के लिए कोई पत्र मिलने से इनकार किया।<br/><br/>
कलमाड़ी ने कहा कि देश को राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी मिलना अच्छी शुरुआत रही और इसका अंत भी बढ़िया होगा।
इससे पहले कॉमनवेल्थ खेलों में गड़बड़ियों के आरोपों पर अब खेलमंत्री ने भी अपना मुंह खोला है। खेलमंत्री एमएस गिल ने कहा कि आरोपों की जांच चल रही है। उन्होंने ये भी कहा कि देश के लोगों को इस बारे में जानने का हक है।
उन्होंने कहा कि हमारा सारा जोर इस वक्त इन खेलों पर है और सरकार की हर बात पर नजर है। उन्होंने ये भी कहा कि इस बारे में संसद में भी जवाब दिया जाएगा।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 10:50:06 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मुझे मारने के लिए सीपीएम ने बनाया आत्मघाती दस्ता: ममता ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=cpm_made_terrorist)_group_to_kill_me_mamta_392 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=cpm_made_terrorist)_group_to_kill_me_mamta_392 </guid> <description><![CDATA[ तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि सीपीएम उन्हें खत्म करने की साजिश रच  
रही है और इसके लिए वह एक आत्मघाती दस्ता बना रही है। ममता ने सीपीएम पर यह आरोप भी लगाया कि वह राजनीतिक रूप से उनका मुकाबला नहीं कर पा रही है। 
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ममता ने कहा, 'सीपीएम एक बैठक की है और इसमें मुझे खत्म करने की साजिश रची है।' उन्होंने कहा कि ऐसी बैठक हुई है और आप इसकी जांच कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान सीपीएम ने उन्हें खत्म करने के लिए एक आत्मघाती दस्ता बनाए जाने पर चर्चा की और कहा कि इसके लिए जरूरी धन दिया जाएगा। 

ममता ने दावा कि उन्हें इस बात की सूचना है और वह समझती हैं कि पश्चिम बंगाल सरकार भी इसे जानती है। उन्होंने कहा, 'सीपीएम के मंत्री और नेता मेरी 

गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वे मेरी गतिविधियों के बारे में जांच कर रहे हैं। मुझे मारने के लिए साजिश रची जा रही है।' केंद्रीय रेलमंत्री ने सवाल किया, 'यह सच्ची राजनीति है ? वे राजनीतिक रूप से मेरा मुकाबला नहीं कर सकते। वे कायर हैं।' उन्होंने यह भी दावा किया कि सीपीएम ने एक आत्मघाती दस्ता तैयार किया है जो मेरी और तृणमूल युवक कांग्रेस के अध्यक्ष शुभेन्दु अधिकारी की हत्या करना चाहता है।' लेकिन वह कैसे यह सब जानती हैं? इस पर ममता ने जवाब दिया, 'सीपीएम क्यों पश्चिमी मिदनापुर में अपने सशस्त्र कैडरों के इतने अधिक कैंप स्थापित कर रही है ? क्योंकि वे मुझे मारना चाहते हैं।'<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 10:32:05 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ खजुराहो एसडीओपी एवं बमीठा टीआई ने खाकी वर्दी को किया दागदार ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=khajoraho_sdpo_or_bammetha_ti_ne_khaki_dress_ko_kiya_daagdaar_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=khajoraho_sdpo_or_bammetha_ti_ne_khaki_dress_ko_kiya_daagdaar_983 </guid> <description><![CDATA[ वैद्य शराब को अबैध बताकर किया मामला दर्ज, पुलिस और आबकारी में ठनी, शराब ठेकेदारों में भारी रोष मामला पुलिस एवं आबकारी विभाग के बीच अभी उलझा<br/><br/>छतरपुर(रवि गुप्ता) । बमीठा थाना पुलिस ने गुजरी रात कस्बे में एक ट्रक अंग्रेजी शराब पकडऩे का दावा किया है। शराब की अनुमानित कीमत 11 लाख रूपये बताई गई है। आबकारी महकमा आज दिनभर पकड़ी गई उक्त शराब की जांच पड़ताल में जुटा रहा। विभाग के अधिकारियों ने प्राथमिक तौर पर इस बात की पुष्टिï की है कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई शराब अवैध नहीं थी। फिलहाल मामला पुलिस एवं आबकारी विभाग के बीच अभी उलझा हुआ है। <br/><br/>
	खजुराहो एसडीओपी नवीन चौधरी एवं बमीठा थाने का हाल ही में प्रभार संभालने वाले पुलिस इंस्पेक्टर आरके बंसल ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक अवैध शराब बमीठा कस्बे में उतर रही है। इस सूचना पर पुलिस ने कस्बा स्थित अंग्रेेजी शराब की दुकान के समीप खड़े एक ट्रक की जांच पड़ताल की। ट्रक ड्राईवर से ट्रक में लदी शराब के संबंध में कागजात मांंगे जो उसने नहीं दिए। हालांकि बाद में पुलिस के अधिकारी यह दावा करते रहे कि यह शराब उक्त अंग्रेजी शराब की दुकान में उतारी जानी थी। पुलिस ने रात्रि लगभग दस बजे ट्रक के क्लीनर नसीम खां एवं शराब दुकान के सेल्समेन बल्ली उर्फ बलराम कुशवाहा को हिरासत में ले लिया और ट्रक को पुलिस थाने ले गई। इस ट्रक में लदी शराब को पुलिस ने रात्रि में ही खाली कराकर थाने में रखवा लिया। बाद में पुलिस का अमला पुन: शराब की दुकान पर पहुंचा और दुकान से कुछ ही दूरी पर खड़ी एक बोलेरो कार को भी थाने ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि उक्त बोलेरो कार में सवार लोग ट्रक के आगे  चल रहे थे। लिहाजा इस कार की भी उक्त अवैध शराब के कारोबार में लिप्तता पाई गई है। एक मोटर साईकिल भी पुलिस ऐसे ही आरोप के तहत उठाकर थाने ले गई। हालांकि पुलिस ने इस अवैध शराब के पकड़े जाने की सूचना आबकारी विभाग के न तो अधिकारियों को दी और न ही जिले के कलेक्टर अथवा क्षेत्र के एसडीएम को दी। पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए उल्लेख किया कि उक्त ट्रक से अवैध शराब अंग्रेजी दुकान में उतारी जा रही थी। <br/><br/>
	शराब दुकान के ठेकेदार अभिषेक मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त शराब अथवा कथित ट्रक से उनका कोई संबंध नहीं है। ना ही शराब उनकी दुकान में उतारी जा रही थी और ना ही उन्होंने अवैध शराब का कोई कारोबार किया है। पुलिस द्वारा साजिश के तहत यह कार्यवाही की गई है। श्री मिश्रा के मुताबिक आबकारी विभाग के अधिकारी आज दिनभर उनकी दुकान के स्टॉक की जांच करते रहे जिसमें एक भी बोतल अवैध शराब नहीं पाई गई। 
	जांच पड़ताल के लिए बमीठा पहुंचे आबकारी अधिकारी श्री सोलंकी एवं उनके अमले ने शराब दुकान की विधिवत जांच पड़ताल की। श्री सोलंकी ने बताया कि पुलिस द्वारा रात्रि में एक ट्रक शराब पकड़ी गई है। प्रारंभिक तौर पर ट्रक में लदी शराब के वैध दस्तावेज ट्रक चालक के पास मौजूद थे चूंकि ट्रक चालक पुलिस को देखकर भाग खड़ा हुआ जिसके कारण पुलिस के समक्ष सही तस्वीर सामने नहीं आ सकी उन्होंने बताया कि ट्रक में लदी शराब रीवा जा रही थी। ट्रक चालक के पास शराब ले जाने का परमिट था और वह सही मार्ग से जा रहा था। यदि शराब अवैध रूप से बमीठा की शराब दुकान में उतर रही थी तो पुलिस को तत्काल आबकारी विभाग को भी सूचित करना था तथा दुकान में उतारी गई शराब को दुकान में ही सील करना था। ऐसा न पाया जाना पुलिस की कार्यवाही को संदेहास्पद बना रहा है। <br/><br/>

	फिलहाल बमीठा थाना पुलिस द्वारा पकड़ी गई एक ट्रक अवैध शराब का मामला आबकारी विभाग की जांच पड़ताल के उपरांत उलझता नजर आ रहा है। पुलिस जहां पकड़ी गई शराब को अवैध बता रही है वहीं आबकारी विभाग के अधिकारी पुलिस के उक्त दावे से सहमत नजर नहीं आते। मामला पुलिस एवं आबकारी विभाग के बीच अभी अभी जांच में उलझा हुआ है।<br/><br/> 
 ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 9:16:28 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ निरुपमा ऑनर किलिंगः क्या ये केस भी अनसुलझे केष की फाइलों में द्फ्न हो जायेगा ! ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nirupama_hounor_killing_case_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nirupama_hounor_killing_case_983 </guid> <description><![CDATA[ पत्रकार को कलम का सिपाही कहा गया है कहते हैं कलम में बंदूक से ज्यादा ताकत होती है लेकिन यहां पर ये सभी बाते खोखली दिखाई दे रही हैं। <br/><br/> 
निरुपमा की हत्या के बाद हमने (मीडिया ने) काफी जोष और ऊर्जा के साथ कहा था कि हम निरुपमा को न्याय दिलायेंगे और कुछ दिनों तक प्रयास भी किया पर लगता है कि निरुपमा को भूल चुके हैं निरुपमा को न्याय दिलाने के लिए जो मुहिम छेंडी गई थी वह भी धीमी पड़ गई है। अब शायद ही कोई न्यूज चैनल, प्रिंट पेपर या ई-पेपर हो जो निरुपमा के लिए न्याय की मांग कर रहा हो। प्रषासन भी निरुपमा के केष में ढिलाई बरत रहा है। ऐसा लग रहा है कि यह केष भी आरूषी तलवार के ‘‘मिस्ट्र मर्डर’’’ केष की राह चल पड़ा है। डर तो इस बात का है कि कहीं यह केष भी अनुसुलझे केषों की फाइलों में दफ्न  हो जाये।  <br/><br/> 
निरुपमा की हत्या हुए तीन महीने हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक तथ्य सामने नहीं आया जिससे निरुपमा की हत्या के रहस्य खुले। अगर हम ऐसे ही चुप-चाप निस्क्रिय बैठे रहे तो निरुपमा का केष भी अनसुलझे केषों ष्षुमार होगा। हमें निरुपमा के लिए न्याय की मांग को दुबारा बुलंद करना होगा ताकि फिर कोई ऐसे अमानवीय कार्य को अंजाम देने से पहले एक बार सोंचे। 
 <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 9:02:30 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ राहुल ने सूइसाइड की धमकी दी: पायल रोहतगी ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rahul_thretend_suicide_to_payal_rohtagi_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rahul_thretend_suicide_to_payal_rohtagi_983 </guid> <description><![CDATA[ अपने पिता और बीजेपी के दिग्गज नेता प्रमोद महाजन की मौत के बाद से ही गलत कारणों से सुर्खियों में रहने वाले राहुल महाजन का फिलहाल विवादों से पीछा छुटते नहीं दिख रहा है। पत्नी डिंपी के मारपीट के आरोप लगाने के बाद राहुल ने पूर्व गर्लफ्रेंड पायल रोहतगी को फोन करके कहा था कि अगर तुमने मुझे नहीं अपनाया तो मैं सूइसाइड कर लूंगा। पायल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि शुक्रवार दोपहर राहुल ने लैंडलाइन पर कॉल करके मेसेज छोड़ा था कि वह सूइसाइड कर लेगा। 
इस बीच पायल ने यह भी खुलासा किया है कि राहुल ने उन्हें भी पीटा था। राहुल पर इसी तरह का आरोप उनकी पत्नी डिंपी ने भी लगाया है। इससे पहले राहुल की पहली पत्नी श्वेता भी इसी तरह का आरोप लगा चुकी हैं। 
<br/><br/>
पायल रोहतगी ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया कि राहुल महाजन ने उन्हें कई बार पीटा है। पायल का कहना है कि एक बार राहुल ने उनका सर दीवार पर दे मारा था। इसकी वजह से उनका सिर फट गया था और काफी खून बहा था। पायल का ये भी कहना है कि राहुल महाजन ने एक बार उन्हें फोन न उठाने के वजह से भी पीटा था। 
पायल ने अपने इंटरव्यू में कहा है कि जब राहुल महाजन किसी लड़की को पसंद करता है तो उसे दिन में 200 कॉल करता है, लेकिन जब वह गुस्सा होता है तो बेहद खतरनाक हो जाता है। पायल का यह भी कहना है कि राहुल ने शादी के बाद भी उसे लगातार मेसेज किए। मेसेज में वो पायल से फिर से सबकुछ ठीक करने के लिए कहता था। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 8:01:04 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ ये लो! ब्रिटेन में मिनी स्कर्ट पर बैन ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ban_on_mini_skert_in_britain_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ban_on_mini_skert_in_britain_983 </guid> <description><![CDATA[ ब्रिटेन में दफ्तरों में महिलाओं के मिनी स्कर्ट पहनने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा ग्राहकों के साथ सीधे तौर पर जुड़ने वाले कर्मियों से कहा गया है कि वे ऐसा पेशेवर रुख अपनाएं जिसमें महिलाओं और बच्चों के लिए ज्यादा सम्मान दिखे। 
<br/><br/>
समाचार पत्र 'द डेली मेल' के अनुसार साउथेंप्टन सिटी काउंसिल के चाइल्ड सर्विस डिपार्टमेंट के करीब 400 कर्मचारियों को एक ज्ञापन मिला है। इसमें उनसे कहा गया है कि उन्हें सम्मानजनक ड्रेस पहनना चाहिए और दफ्तर में पहने जाने वाली ड्रेसेज को लेकर गंभीर रहना चाहिए। 

काउंसिल के अधिकारियों ने कहा है कि मिनी-स्कर्ट पहनने वाली महिलाओं को वापस घर भेजा जा सकता है, जबकि पुरुषों को सलाह दी गई है कि वे कॉलर वाली या पोलो शर्ट और कॉटन की पतलून पहनें। साथ में बेल्ट लगाएं। महिलाएं पतलून या ठीक-ठाक लंबाई वाली स्कर्ट पहन सकती हैं लेकिन मिनी स्कर्ट पहनने की इजाजत नहीं दी जाएगी। महिलाओं ने इस बैन का विरोध करने की चेतावनी दी है। <br/><br/>

 ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 7:55:44 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ आमिर खान बनने वाले थे चार्ल्स शोभराज ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=amir_khan_supposed_to_be_charles_shobraj_213 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=amir_khan_supposed_to_be_charles_shobraj_213 </guid> <description><![CDATA[ बिकीनी किलर के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज के जीवन पर बन रही फिल्म में बॉलिवुड के मि. परफेक्शनिस्ट आमिर खान लीड रोल करने वाले थे। वह इस सिलसिले में दो बार शोभराज से मिले भी थे। यह बात खुद चार्ल्स शोभराज ने एक इंटरव्यू में कही है। <br/><br/>

नेपाल सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही एक अमेरिकी टूरिस्ट की हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए चार्ल्स शोभराज फैसला आने तक अपने भविष्य की योजनाओं को लेकर काफी उत्साहित था। उसने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया -क्रेस्ट को दिए इंटरव्यू में कहा कि उसके जीवन की सचाई अब तक लोगों के सामने नहीं आई है। खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए उसने कहा कि उसके बारे में प्रचलित गलत मान्यताओं की वजह से ही उसे अपराधी और हत्यारा माना जा रहा है। 
जब उससे यह पूछा गया कि उसकी सचाई लोगों तक कैसे पहुंचेगी, तो उसने कहा कि एक बार मैं जेल से बाहर आ जाऊं तो फिर इन सब योजनाओं पर काम शुरू करूंगा।' <br/><br/>

शोभराज ने बताया कि उसके जीवन पर फिल्म बनाने में हॉलिवुड और बॉलिवुड के कई प्रड्यूसर दिलचस्पी ले रहे हैं। वह खुद इस बारे में डिस्कस करने को तैयार है। 

बकौल शोभराज पहले एक बार जब उस पर फिल्म बन रही थी तो आमिर खान उसमें उसकी भूमिका निभा रहे थे। वह उससे मिलने दो बार पेरिस भी गए थे। शोभराज ने बताया,'मैंने उस प्रोजेक्ट को अपनी मंजूरी दी थी। लेकिन बाद में आमिर के डेट्स की समस्या आ गई और मैंने कंट्रैक्ट की सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया।'<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 7:52:10 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मोदी ने पूछा- क्या गुजरात दुश्मन राज्य है? ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=modi_asked_does_gujrat_is_enemy_state_392 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=modi_asked_does_gujrat_is_enemy_state_392 </guid> <description><![CDATA[ सोहराबुद्दीन फर्जी एन्काउंटर मामले को गुजरात के बाहर ट्रांसफर करने की सीबीआई की मांग के बाद 
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र और सीबीआई पर शनिवार को जमकर बरसे। उन्होंने सवाल किया कि क्या गुजरात को दुश्मन देश का हिस्सा समझा जा रहा है? <br/><br/>

मोदी ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान सवाल किया कि क्या आप गुजरात को भारत का हिस्सा नहीं मानते? गुजरात के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है, जैसे कि वह दुश्मन देश का हिस्सा हो। क्या गुजरात के जज अनुपयोगी हैं? क्या देश की दूसरी अदालतें अच्छी हैं और गुजरात की अदालतें न्याय नहीं करती हैं? सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में हाई कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की थी और मुकदमे के लिए इस मामले को गुजरात के बाहर ट्रांसफर करने की भी मांग की थी। इस रिपोर्ट के एक दिन बाद शनिवार को मोदी ने केंद्र और सीबीआई को आड़े हाथों लिया। 


उन्होंने फर्जी मुठभेड़ कांड में कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का और सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और जोरदार हमला बोला। मोदी ने कहा, गुजरात के वातावरण में जहर घोलने की कोशिश की जा रही है। यह गुजरात के जुडिशल सिस्टम- प्रदेश के जजों और प्रदेश के वकीलों का अपमान है। <br/><br/>


मोदी ने केंद्र पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया कहा,'पिछले 8 साल से मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने राज्य के जुडिशल सिस्टम की छवि खराब करना शुरू कर दिया है। मैं यह बर्दाश्त नहीं करूंगा। वे मुझ पर हमला कर सकते हैं, लेकिन हमारी न्याय व्यवस्था पर क्यों हमला कर रहे हैं?' 

उन्होंने पूछा मैं आतंकवाद से लड़ कर कुछ गलत कर रहा हूं-<br/><br/> 
क्या मैंने अहमदाबाद विस्फोट के आरोपियों को गिरफ्तार करके कुछ गलत किया है। मुझे आतंकवाद से लड़ने से क्यों रोका जा रहा है? मोदी सोहराबुद्दीन फजी मुठभेड़ प्रकरण में अपने करीबी और पूर्व मंत्री अमित शाह की गिरफ्तारी के बाद केंद्र के प्रति ज्यादा हमलवार हो गए हैं। 

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2005 में फर्जी मुठभेड़ों में सोहराबुद्दीन और उसकी बीबी कौसर बी की हत्या कर दी गई थी। गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन को लश्कर ए तैयबा का सदस्य बताते हुए कहा था कि उसने मोदी की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले की जांच कर ही सीबीआई ने कहा है कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि असरदार नेता और नौकरशाह अदालती सुनवाई को पटरी से उतारने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर सकते हैं और न्याय को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सीबीआई ने इस मामले को गुजरात से अलग राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की है। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/31/2010 7:46:26 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ आदिमजाति का दलित और आदिवासी किसानों के सिंचाई पम्पों में खेल ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aadimjaati_ka_dalit_aur_aadiwasi_kisono_ke_irrig_pump_main_642 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aadimjaati_ka_dalit_aur_aadiwasi_kisono_ke_irrig_pump_main_642 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर जिले में दलित और आदिवासी किसानों को कपिलधारा योजना के तहत शासन द्वारा दिये जाने वाले सिंचाई पंपों में बडे स्तर पर लालजी राम मीना जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा कमीशनबाजी के साथ गडवडझाला किया जा रहा है। एक पम्प कंपनी को उपकृत करने के लिये जिला संयोजक लालजी राम मीना पम्प कंपनी के सेल्समैन की भूमिका निभा रहा है। पंप वितरण का काम एमपी एग्रो एवं आदिमजाति के संयुक्त अमले के द्वारा वितरित किया जाना है।<br/><br/>
	इस संबंध मे जिला प्रबंधक एमपी एग्रो के उमेश शर्मा ने मीडिया को बताया कि दलित और आदिवासी किसानों को बरूण कंपनी का पंप दिए जाने का आर्डर आदिमजाति कल्याण विभाग ने दिया है। इसीलिए एमपी एग्रो की मजबरी है कि वह किसानों को वर्क आर्डर के अनुसार ही पंप देगा। इसमें एमपी एग्रो का कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग के लालजी राम मीना ने मीडिया के सामने इस बात को साफ नकार दिया कि हमने कोई वर्क आर्डर बरूण कंपनी का नहीं दिया है। <br/><br/>
	पुख्ता जानकारी के अनुसार दलित और आदिवासी किसानों को निःशुल्क सिंचाई पंप देने की इस योजना में आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक लालजी राम मीना वरूण कंपनी का पंप बेचने बतौर ऐजेन्ट और सेल्समेन का काम कर रहा है। आदिमजाति कल्याण विभाग से जो आर्डर एमपी एग्रो के लिए जारी किया गया है उस पर वरूण कंपनी का पंप ही खरीदने के लिए स्पष्ट कहा जा रहा है। जबकि करीब 10 हजार रूपए मूल्य का जो पंप दिया जा रहा है उस कीमत पर सीआरआई, एन्को, एन्संस, कोमेड, जैसी ब्रांडेड कंपनियों के पंप बाजार में उपलब्ध है। लेकिन आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक लालजी राम मीना द्वारा बगैर आईएसआई मार्का का वरूण कंपनी के डीलर से बड़ा अनुबंध करके शासन द्वारा पहली किस्त के रूप में विभाग का प्राप्त 60 लाख रूपए की राशि को ठिकाने लगाया जा रहा है। अब तक जिले के छह ब्लाकों में करीब 80 पंपों की डिलेवरी किसानों को दी जा चुकी है जबकि किसानों ने वरूण कंपनी का पंप लेने से इंकार कर दिया है। 
	शासन की योजनानुसार कपिलधारा कूप योजना के तहत शासन द्वारा हर ब्लाक के दलित आदिवासी वर्ग के किसानों को शतप्रतिशत छूट पर निःशुल्क सिंचाई पंप आईएसआई मार्का के दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिये आदिमजाति कल्याण विभाग के माध्यम से छतरपुर जिले के हर ब्लाक से अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के करीब 120 किसानों को चिन्हित किया गया है। इन्हीं किसानों को सिंचाई पंप दिए जाना है। इसके लिए एमपी एग्रो को आदिमजाति कल्याण विभाग से पंप सप्लाई का आर्डर दिया गया है। नियमानुसार एमपी एग्रो के माध्यम से किसानों को उनकी पसंद का ब्रांडेड कंपनी का पंप दिया जाना चाहिए। लेकिन जनपदों में बुलाए गए किसान हितग्राहियों को केवल एक ही ब्रांड वरूण कंपनी का पंप देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। पंप की गुणवत्ता ठीक नहीं होने से किसान वरूण कंपनी का पंप लेने से परहेज कर रहे है। जबकि उन्हे पंप निःशुल्क दिया जा रहा है।<img src='http://www.bharatkesari.com/news/medium/kapil_dhara_yojna_dot_mp_agro_30 07 2010.jpg' style="width:300px; height:200px" /> ]]> </description> <pubDate>7/30/2010 9:37:12 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कलेक्टर कौन होता है संयुक्त कलेक्टर को प्रभार देने वाला ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=who_is_collector_to_give_charge_352 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=who_is_collector_to_give_charge_352 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश शासन के आदिमजाति मंत्रियों का पूरा खर्चा उठाने वाले एक अदने से नौकरशाह लालजी राम मीना जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग छतरपुर की हद उस समय पार हो गई जब उसे कलेक्टर ने नवीन आदेश के तहत अपनी ज्वाइंनिग देने को कहा और प्रभारी संयुक्त कलेक्टर से अपना प्रभार लेने को कहा। इस पर मीना ने उल्टे ही संयुक्त कलेक्टर श्री बालम्बे को अपना नवीन प्रभार लेने के लिये एक पत्र लिखकर कहा कि संयुक्त कलेक्टर श्री बालिम्बे को प्रभार देने का प्रश्न नही उठता है। यह पत्र तब लिखा गया जब श्री मीना ने जिला आदिमजाति के बिल ट्रेजरी में डाले और जिला कोषालय अधिकारी ने उन बिलों पर यह कहकर रोक लगा दी कि पहले अपनी नवीन उपस्थिति का पत्र एवं कलेक्टर छतरपुर का आदेश लेकर आओ। इस पर श्री मीना ने पहले तो संयुक्त कलेक्टर श्री बालम्बे को खूब सुनाई और कहा कि आपको अधिकार नहीं है कि आप हमारे कार्यालय के बाबू को बुलवायंे। अगर दुबारा गल्ती की गई तो वह गल्ती माफ योग्य नहीं है। हालांकि संयुक्त कलेक्टर ऐसी वैसी कोई बात से इंकार करते है। <br/><br/>
	उल्लेखनीय है कि जब से जिला संयोजक के पद पर लालजी राम मीना आदिमजाति कल्याण विभाग में पदस्थ हुआ है तभी से अपनी मनमानी कर रहा था और छात्रावासों के छात्राओं के साथ बदसलूकी कर रहा था जिसकी शिकायतें कलेक्टर छतरपुर को मिलीं और उन्होने श्रीमीना को एक कारण बताओ नोटिस दे दिया। ताजुब बाली बात तो यह है कि कारण बताओ नोटिस में अपनी गल्ती छुपाते हुये उल्टा कलेक्टर पर ही दोष मढकर उन्हे ही दोषी बना दिया। इस पर कलेक्टर ने शासन को पत्र लिखकर श्री मीना के खिलाफ शिकायत की तो शासन ने श्री मीना का स्थानांतरण करते हुये भोपाल अटैच कर दिया। इस पर आदिमजाति के दोनो मंत्रियों का पूरा खर्चा उठाने का वास्ता देकर मंत्रियों से पहले कलेक्टर पर दबाब बनवाया जब मामला बनता नहीं देखा तो हाईकोर्ट की शरण में जाकर स्टे ले लिया। इस स्टे को हाईकोर्ट में 23 जुलाई को बैकिट कर अपना फैसला दिया कि श्री मीना का स्थानांतरण प्रशासनिक कार्रवाई है। इस पर कलेक्टर ने 24 जुलाई को श्री मीना को भोपाल के लिये रिलीब कर दिया। तथा संयुक्त कलेक्टर श्री बालम्बे को जिला आदिमजाति विभाग का प्रभार दे दिया। श्री मीना ने अपने दोनो मंत्रियों के यहां फिर से गुहार लगाई और 24 जुलाई को ही भोपाल से छतरपुर का नवीन पदस्थापना करवा ली। इस नवीन आदेश के साथ श्री मीना ने नवीन उपस्थिति देना कलेक्टर को उचित नहीं समझा और सीधे आदिमजाति में काम करना शुरू कर दिया। जब श्री मीना ने जिला कोषालय में बिल भुगतान के लिये डाले तो बिल रोक दिये गये तब उसे बताया गया कि नवीन पदस्थापना उपस्थित एवं कलेक्टर को आदेश चाहिये है। इस पर उसने कलेक्टर को अपने से नीचे बताकर बिल पास करने जिला कोषालय अधिकारी को ही धमका दिया। हालांकि जिला कोषालय अधिकारी इस बात को इंकार कर रहे है। परन्तु सूत्र इस बात को सही बता रहे है। <br/><br/>
	ऐसा पहली बार शिवराज सरकार में हुआ है जब किसी नौकरशाह को हाईकोर्ट के स्टे आदेश को बैकिट पर उसे पुनः वही जिला 24 घंटे के भीतर नवीन आदेश के साथ दे दिया हो। इस कृत्य से आदिमजाति कल्याण विभाग के दोनो मंत्रियों पर तो उंगलियां तो उठ ही रहीं है साथ साथ शिवराज पर बेबसी का इल्जाम भी लगने लगा है। <img src='http://www.bharatkesari.com/news/medium/Hitler_Cartoon_dot_29 07 2010.jpg' style="width:300px; height:200px;clear:none; float:left" /> ]]> </description> <pubDate>7/29/2010 10:50:05 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ प्रशासन ने जेसीबी लगाकर ढहाया मकान ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=prashashan_ne_jcb_lagakar_makan_dhaya_234 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=prashashan_ne_jcb_lagakar_makan_dhaya_234 </guid> <description><![CDATA[ 
अवैध तरीके से चकरोड़ पर किया गया था कब्जा
नायब तहसीलदार ने सरकारी हैडपंप को भी कराया मुक्त 
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। दबंगों के हौसलों को पस्त करने के लिए ग्राम अंजनी में लाव-लश्कर के साथ पहुंचे नायब तहसीलदार सदर ने ने सिर्फ सरकारी नल पर से कब्जा हटवाया बल्कि अर्द्ध निर्मित मकान को भी जेसीबी लगाकर ढहा दिया। <br/><br/>
	बताते चलें कि थाना क्षेत्र बिछवां के ग्राम अंजनी के ग्रामीणों द्वारा गांव के नरेन्द्र पुत्र बालकराम द्वारा चकरोड पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत उप जिलाधिकारी सदर जयशंकर दुबे से की गई थी। एसडीएम श्री दुबे ने नायब तहसीलदार रोहिताश कुमार को जांच के निर्देष दिए थे। नायब तहसीलदार ने इस तरह कह किसी भी घटना पर स्वयं बेजा कब्जा हटाने की हिदायत देते हुए दबंगों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था। 24 घंटे बीतने के बाद नायब तहसीलदार सायं लगभग 5 बजे लाव-लश्कर के साथ ग्राम अंजनी पहुंच गए। उन्होंने थाना प्रभारी चन्द्रहास तिवारी को भी मय फोर्स के मौके पर आने को कहा। कब्जाई गई जगह का मुआयना करने के बाद नायब तहसीलदार ने अपने साथ ले जाई गई जेसीबी मशीन द्वारा तत्काल नरेन्द्र सिंह के मकान को ढहा दिया। इस पर भी उनकी पड़ताल पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तहसील के पूर्व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विक्रम सिंह के मकान के अंदर सरकारी नल पर अवैध कब्जे को हटाने के निर्देष दिए। तहसीलदार के तेवर देखकर परिजनों ने तत्काल स्वयं ही सरकारी नल पर से कब्जा हटाकर नल को मुक्त कर दिया। बाद में तहसीलदार ने उसकी अवैध दीवार को भी जेसीबी की सहायता से गिरा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई का ग्रामीणों ने स्वागत किया है। <br/>
 ]]> </description> <pubDate>7/29/2010 9:56:26 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ नायब तहसीलदार ने मारा तहसील पर छापा ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nayab_tehsildar_on_tehsil_in_mainpuri_542 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nayab_tehsildar_on_tehsil_in_mainpuri_542 </guid> <description><![CDATA[ फर्जी मुंशियों ने समेटे अपने बस्ते <br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। कहते हैं कि जब आग लगती है तो सबसे पहले चूहे भागते हैं। जिला प्रशासन के कुछ अधिकारियों का भी यही हाल है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता की आवाजें जब-जब जोर पकड़ती हैं तब-तब अधिकारियों द्वारा खानापूर्ति के नाम पर तत्परता दिखाते हुए जनता के दिलों में जगह बनाने का प्रयास किया जाता है। सदर तहसील में नायब तहसीलदार द्वारा मीडिया को सूचना देने के बाद मारा गया छापा भी इसी कड़ी का एक हिस्सा था। <br/><br/>
	बताते चलें कि सदर तहसील मैनपुरी पर रोजाना सैकड़ों फरियादियों का आना जाना लगा रहता है। ज्यादातर समस्याएं जमीन और प्रमाण पत्रों से संबंधित होती हैं। इस तहसील परिसर में सैकड़ों की संख्या में स्टाम्प वेंडर, मुंशी, अर्जी नवीस और तरह-तरह के लोग बैठे मिलते है लेकिन वास्तव में रजिस्टर्ड कौन है पता लगा पाना जरा मुश्किल होता है क्योंकि हर कोई सीधे अधिकारियों से काम कराने का माद्दा रखता है। अब भला कोई कैसे न फंसे? लंबे समय से यही दलाल और बिचैलिए गांव के भोले-भाले गरीबों और शहर के छात्र-छात्राओं से काम कराने के नाम पर बडे़ पैमाने पर सुविधा शुल्क की मांग करते रहे हैं। कई बार इनके खिलाफ आवाज भी उठाई गई लेकिन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की काली कमाई का एक जरिया बन चुके इन दलालों पर कार्रवाई करने से तहसील के अधिकारी भी हिचकते हैं। <br/><br/>
	रजिस्टर्ड मुंशियों द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए नायब तहसीलदार रोहिताश कुमार ने अपने अधीनस्थों के साथ तहसील परिसर के बस्तों का निरीक्षण किया। निरीक्षण होते देख फर्जी रूप से बैठे लोग अपने बस्ते समेटते हुए खिसकने लगे। नायब तहसीलदार ने मुंशियों और स्टाम्प वेंडरों से लाइसेंसों की मांग की। अधिकांश लोगों द्वारा बहानेबाजी करने पर नायब तहसीलदार रोहिताश कुमार ने नायब नाजिर रनवीर सिंह तोमर को ऐसे सभी लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन लोगेां के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने को कहा जो अपने लाइसेंसों पर दूसरे लोगों को ठेकों पर बस्ते उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने सभी रजिस्टर्ड मुंशियों को अपने नाम की मुहर बनवाने तथा प्रार्थना पत्रों पर उन मुहरों को लगाने की हिदायत भी दी। 
<br/><br/>
 ]]> </description> <pubDate>7/29/2010 9:49:35 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बिचैलिए खा रहे मलाई, गरीब को नसीब खून के आंसू  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=keechad_se_sani_hain_daliton_ki_bastiyan_432 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=keechad_se_sani_hain_daliton_ki_bastiyan_432 </guid> <description><![CDATA[ कीचड़ से सनी है दलितों की बस्तियां <br/>
विकास कार्यों के नाम पर हो रही खानापूर्ति<br/>

मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। जनपद में अंबेडकर ग्रामों की दुर्दशा पर न तो शासन के नुमाइन्दों का ध्यान जाता है और न ही प्रशासन के कर्णधारों का। अंबेडकर ग्राम के नाम पर मिलने वाली सुख-सुविधाओं से वंचित सैकड़ों ग्रामीण रोजाना कलक्टेªट पर अधिकारियों की चैखट चूमते दिखाई देते हैं। ऐसे ही एक गांव में अब तक किसी भी सरकारी योजना के क्रियान्वयन न होने की दुहाई देते हुए दर्जनों ग्रामीणों ने जिलाधिकारी कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर योजनाओं का लाभ दिलाए जाने की मांग की। <br/><br/>
	तहसील क्षेत्र भोगांव का ग्राम मेरापुर छदामी कहने को तो एक अंबेडकर गांव है लेकिन एक अंबेडकर में होेने वाली सुविधाएं आज तक इस गांव में नहीं पहुंचीं। नंगे पांव कलक्टेªट पहुंचे ग्रामीणों ने यहां प्रदर्शन कर अपनी आवाज उठाई। ग्रामीण सुभाश चन्द्र जाटव, अखिलेश जाटव, रामकिशन जाटव, खुशीराम जाटव, जोरावर शाक्य, हरीसिंह ठाकुर, लालमन जाटव, रामनरेश जाटव, राजवीर जाटव, योगेन्द्र कुमार जाटव, रमाशंकर जाटव , दलवीर जाटव सहित दर्जनों दलित ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा चलाई जा रही कोई भी सरकारी योजना गांव के गरीबों तक पहुंची ही नहीं। महामाया आर्थिक मदद योजना के अंतर्गत लेखपाल व अन्य राजस्व अधिकारियों द्वारा सर्वे तो किया गया लेकिन उस सर्वे की आड़ में अपात्रों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। मनरेगा जैसी राष्ट्रीय योजना अधिकारियों की दलाली की भेंट चढ़ रही है। कहने को तो कागजों पर सारा कार्य मनरेगा के तहत मजदूरों से ही कराया जा रहा है लेकिन हकीकत में गांव वालों को कोई काम दिया ही नहीं गया। मनरेगा के तहत काम मिलना तो दूर की बात, गांव के विकास पर भी किसी प्रकार का ध्यान नहीं दिया गया। अब हालात यह हैं कि बरसात का पानी गांव की कच्ची गलियों में भर रहा है। गांव की आबादी में रह रही बूढ़ी महिलाएं और बच्चे कीचड़ भरे रास्तों से उस पार जाने को मजबूर हैं। मनरेगा के तहत बनाए गए गरीबों के नाम पर सारे कार्ड ग्राम प्रधान ने अपने पास रख लिए हैं। उन कार्डों पर पात्रों का नाम दर्शाकर लाभ अपात्रों को पहुंचाया जा रहा है। बिचैलिए मलाई खा रहे हैं और गरीब रोटी को भी मोहताज हैं। अपनी समस्याओं का दुखड़ा रो रहे ग्रामीणों ने अपर जिलाधिकारी शेषनाथ से उम्मीदें जताते हुए विकास कार्य कराने की गुहार लगाई है। ]]> </description> <pubDate>7/29/2010 7:13:33 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बुन्देलखण्ड में चिटफंट कम्पनियों ने लूटा, पुलिस पता लगाने में नाकाम  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bulndelkhand_me_chitfund_companiyo_ne_loota_police_pata_lagane_me_nakam_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bulndelkhand_me_chitfund_companiyo_ne_loota_police_pata_lagane_me_nakam_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड के छतरपुर जिले में एक बार फिर फर्जी चिटफंड कम्पनी रूपये लेकर भूमिगत हो गयी। जयपुर की चिटफंड कम्पनी के नाम से मासूम बेरोजगारों से लाखों की ठगी करने वाले विपिन नायक, त्रिवेणी प्रसाद दूबे, निजामुद्दीन खान पर ठगी के शिकार युवकों के बार-बार प्रयासों के बावजूद कोई कार्यवाही नजर नही आ रही है। मामले की शिकायत डीआईजी आरएस मीणा से की गयी थी। तब उन्होने कहा था कि मामले  की जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाही की जायेगी।
     जिले में ओम गनेश कन्सलटेन्ट एण्ड मार्केटिंग इण्डिया प्रा.लि. जयपुर की एक कम्पनी जिले में लाये और यह के बेरोजगार युवकों को नौगाव 	के ऊषा  पैलेस  लाज में र्मीटिग कर बताया कि यह कम्पनी का जयपुर में बकरी पालन का कार्य करती है और इसका चांदी का 	व्यवसाय भी है कम्पनी पैसा इन व्यवसायों में लगा देती है और तीन साल बाद दौ गुना वापिस कर दिया जायेगा। कम्पनी मे सबसे छोटी किस्त 5799 रू की थी जो 3 वर्ष 6 माह बाद 10000 करके वापिस कर दगी। और अपने पैसे के साथ जो भी कम्पनी में और पैसा लगवायेगा उसे कमीशन एवं कमीशन के अलावा पुरस्कार अतिरिक्त मिलेगा।<br/><br/>
	उक्त कम्पनी जयपुर से पंजीबद्व है और इसका रजिस्ट्रेशन नं. 542769 एवं 1001403 एवं कम्पनी का पेन नं. ।।ठब्00554भ् शहर में कम्पनी लाये इन लोगों ने बताया कि हम कम्पनी के एमडी से मिल चुके है हमें कम्पनी के बारे में पूरी जानकारी है आपसे जो पैसा लिया जायेगा उसका बॅण्ड आपकों दिया जायेगा। पैसे की वापिसी की पूरी जिम्मेबारी हमारी होगी। शुरूवाती स्तर पर 17 लोगों का 98600 रू विपिन नायक को दिया गया इसके बदले में विपिन नायक ने बताया कि इतने पैसे पर ही कम्पनी एम.डी ने गाड़ी फायनेन्स कराने के लिए पैस दिये है। इस पर दो लाख का काम और किया गया पर बदले में 77800 का बॅंाण्ड और दिये गये। इसी क्रम में 10 लाख रूपये और खाते में डाले गये। इस राशि के बॅांण्डों के बारे में जब विपिन नायक त्रिवेदी और निजामुद्दीन पहले तो झूठे आश्रसन और बाद में गाली गलौच करने लगे और विपिन नायक द्वारा पैसा लगाने वाले युवकों जान से मारने की धमकी देने लगे।<br/><br/>
<b>एलआईसी से सम्बद्वता का दिलाया भरोसा<b/><br/><br/>
आरोपियों ने अपने पेम्फेट और ब्रासर पर एलआईसी लिख रखा था उनका कहना है हम एलआईसी से सम्बद्व है इस पर शिकार उपभोक्ताओं ने उन पर आसानी से भरोसा कर लिया।
<b>कोतवाली में दर्ज है मामला</b><br/>
विपिन नायक तनय जगतराज त्रिवेदी दुबे और नवी वक्ष खान पर सिटी कोतवाली में स्वतंत्र पत्रकार सोमेश सिंह की शिकायत पर धोकाधड़ी का मामला दर्ज है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/29/2010 12:29:32 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ हाईकोर्ट के आदेश पर बदला मौत का फरमान ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=maut_ka_farmaan_changed_on_order_of_highcourt_786 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=maut_ka_farmaan_changed_on_order_of_highcourt_786 </guid> <description><![CDATA[ आठ वर्ष पूर्व पत्नी सहित पांच बच्चों को उतारा था मौत के घाट<br/>
फास्ट टैªक कोर्ट ने सुनाई थी मौत की सजा<br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। करीब 8 वर्ष पूर्व कथित चरित्रहीनता और बेरोजगारी से तंग आकर पत्नी सहित पांच बच्चों को जिंदा जलाकर मार डालने वाले हत्यारे को फास्ट टैªक कोर्ट द्वारा मिली फांसी को सजा को हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आजीवन कारावास में तब्दील करने का फैसला सुनाया गया है। <br/>
	बताते चलें कि मैनपुरी शहर के मोहल्ला बंशीगौहरा दक्षिणी छपट्टी निवासी दयाराम कुम्हार का पुत्र येागेश कुमार बेरोजगारी से तो तंग था ही, साथ ही वह अपनी पत्नी के चरित्र पर भी शक करता था। इस बात को लेकर दंपत्ति में आए दिन झगड़ होता रहता था। 20/21 नवम्बर 2002 की रात जब परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे तभी योगेश कुमार ने अपनी पत्नी रानी, 14 वर्षीय पुत्र शिशुपाल, 8 वर्षीय पुत्री सुमन, 6 वर्षीय सविता, 4 वर्षीय लल्ला और दो माह के छोटे लल्ला पर मिट्टी का तेल डालकर जिंदा आग के हवाले कर दिया था। इस वीभत्स घटना में पुत्री सविता औश्र योगेश घायल हुए थे जबकि रानी, शिशुपाल, सुमन और छोटे-बडे़ लल्ला की मौके पर ही जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी। पुत्री सविता ने 23 नवम्बर 2002 को उपचार के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया था। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी एमए काजी ने शिवदान पुत्र रामरतन निवासी दक्षिणी छपट्टी की तहरीर पर धारा 302, 436 के तहत अभियोग पंजीकृत कर लिया। दौरान-ए-विवेचना घटना के पीछे जब योगेश के नाम का खुलासा हुआ तो पुलिस ने उसे अस्पताल से उठाकर पूछताछ की। योगेश ने पुलिस के सामने सच स्वीकरते हुए अपनी पत्नी और बच्चों को जिंदा जलाकर मारने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। 8 अगस्त 2008 को फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय के न्यायाधीश प्रेमनाथ ने इस दिल दहलाने वाले हत्याकाण्ड में योगेश पुत्र दयाराम कुम्हार को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी। सजा मिलने के बाद योगेश को केन्द्रीय कारागार फतेहगढ़ में रखा गया था। यहां से उसने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में फांसी की सजा पर पुनर्विचार के लिए याचिका दायर की। उसकी याचिका पर न्यायमूर्ति इम्तियाज मुर्तजा एवं काशीनाथ पांडेय की पीठ ने फास्ट टैªक न्यायाधीश मैनपुरी को फांसी की सजा पर पुनर्विचार करने के निर्देश 11 दिसम्बर 2009 को दिए। फास्ट टैªक कोर्ट तृतीय के न्यायाधीश चन्द्रपाल सिंह ने याचिका पर पुनर्विचार करते हुए फांसी की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया है। <br/>

						मैनपुरी से वीरभान सिंह
 ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 11:13:53 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ सांझा चूल्हा कार्यक्रम - समूहों के पृथक पृथक खाता खोले जाने के निर्देश ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sanjha_choolha_programm_direction_to_open_seprate_accounts_of_groups_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sanjha_choolha_programm_direction_to_open_seprate_accounts_of_groups_032 </guid> <description><![CDATA[ समूहों को सांझा चूल्हे के पृथक खातों से ही होगा भुगतान<br/><br/>
छतरपुर(रवि गुप्ता) जिला कलेक्टर ने छतरपुर जिले के सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत समूहों के पृथक पृथक खाता खोला जाना सुनिश्चित किया जावे। <br/><br/>
		उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के सवोच्च प्राथमिकता वाले सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में पूरक पोषण आहार प्रदाय कर रहे समूहों के पृथक से खाते खोले जाने के शासन के आदेश के पालन में छतरपुर जिले में मध्य भारत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के समस्त शाखा प्रबंधकों से आग्रह किया गया है कि वे संबंधित बाल विकास परियोजना अधिकारियों से प्राप्त समूह सूची अनुसार अनिवार्य रूप से जीरो बेलेन्स पर सूची प्राप्त होने के एक सप्ताह के अंदर समूहों के पृथक पृथक खाता खोला जाना सुनिश्चित करें। यदि जीरो बेलेन्स पर समूहों के खाता खोले जाने के संबंध में बैंक की शिथिलता या लापरवाही की जानकारी प्राप्त होती है तो उसके लिये संबंधित बैंक के शाखा प्रभारी के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही अनुविभागीय राजस्व अधिकारी प्रस्तावित करेंगे। <br/><br/>

	समूहों को सांझा चूल्हे के पृथक खातों से ही होगा भुगतान के संबंध में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती भावना वालिंबे ने बताया कि प्रदेश शासन के निर्देशानुसार सांझा चूल्हा कार्यक्रम से जुडे़ समूहों के पृथक पृथक सेक्टरवार खाते छतरपुर जिले में मध्य भारत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की कोर बैंकिग शाखाओं में 31 जुलाई तक खोलने के लिये जिला अग्रणी प्रबंधक, समस्त शाखा प्रबंधकों और क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देश दिये हैं एवं खाता खोलने में लापरवाही पाये जाने पर संबंधित शाखा प्रभारी के विरूद्ध कार्यवाही की चेतावनी दी है साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगायी गयी है।सांझा चूल्हा कार्यक्रम में आंगनबाड़ी केन्द्रों के पूरक पोषण आहार वितरण का जिम्मा मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के समूहों को सौंपते हुये समूह वार अलग से खाता खोले जाने के निर्देश जारी किये जा चुके हैं। परन्तु छतरपुर जिले के समूहों द्वारा पृथक से खाते नही खोले जाने के कारण और कतिपय बैंकों द्वारा भी इस दिशा में कार्यवाही में रूचि प्रदर्शित नही करने के कारण जिला कलेक्टर ने यह कार्यवाही की है। उन्होंने  महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों से कहा है कि वे तत्काल समूह वार सूची निकटतम मध्य भारत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा में जमा करायें ताकि जीरो बेलेन्स पर संबंधित समूहों के खाते 31 जुलाई तक खोले जा सके। जिला कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिये हैं कि संबंधित समूहों का समस्त प्रकार का लम्बित एवं आगामी भुगतान सांझा चूल्हा के नवीन खातों में ही किया जायेगा इसलिये समस्त सांझा चूल्हा समूह भी अपने आवश्यक दस्तावेज संबंधित मध्य भारत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की शाखा में प्रस्तुत करें अन्यथा किसी भी प्रकार के भुगतान के विलम्ब के लिये समूह स्वयं उत्तरदायी होगा। <br/><br/>

	उल्लेखनीय है कि समूहों को सांझा चूल्हा कार्यक्रम के तहत नवंबर 2009 से मई 2010 तक अग्रिम राशि प्रदाय कर दी गई है परन्तु समूहों द्वारा उपयोगिता प्रमाणपत्र नही देने के कारण कलेक्टर ने उनके समस्त लम्बित एवं आगामी भुगतान पर रोक लगा दी है तथा उपयोगिता प्रमाणपत्र प्रस्तुत नही करने पर प्रकरण पुलिस को सौंपने की चेतावनी दी है। कोर बैंकिंग वाली शाखाओं में सांझा चूल्हा के खाता खोलने का मुख्य लाभ यह होगा कि एक ही दिन में जिला स्तर से जिले भर के सभी अनुबंधित समूहों के खाता में जमा की गयी राशि पहुच जावेगी जिससे जहां समूहों को समय पर भुगतान की सुविधा प्राप्त होगी वहीं सांझा चूल्हा कार्यक्रम को उत्तरोत्तर गति मिलेगी।
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 10:12:21 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[  बाढ़ एवं अतिवृष्टि से निपटने दी गई जिम्मेदारियां ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=छतरपुर_में_बाढ़_एवं_अतिवृष्टि_की_स्थिति_से_निपटने_अधिकारियों_को_दी_गई_जिम्मेदारियां </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=छतरपुर_में_बाढ़_एवं_अतिवृष्टि_की_स्थिति_से_निपटने_अधिकारियों_को_दी_गई_जिम्मेदारियां </guid> <description><![CDATA[ 			
	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के राजस्व अनुविभाग लौड़ी जिला छतरपुर के अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण के लिये वर्ष 2010 की कार्य-योजना तैयार की जा चुकी है। राजस्व अनुविभाग लौड़ी के अंतर्गत बाढ़ एवं अति वृष्टि की स्थिति से निपटने के लिए विभिन्न कार्यों को करने के लिये अनेक अधिकारियों को जिम्मेदारी सौपी गयी है। ठहरने की वैकल्पिक व्यवस्था कराने का कार्य लौड़ी तहसील में अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग लौड़ी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लौड़ी द्वारा सुनिश्चित की जायेगी जबकि तहसील गौरिहार हेतु उप यंत्री लोक निर्माण विभाग लौड़ी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बारीगढ़ द्वारा सुनिश्चित की जावेगी।<br/><br/>
	बीमारियों की रोकथाम के लिए लौड़ी तहसील में खण्ड चिकित्सा अधिकारी लौड़ी और उनका स्टाफ कार्य करेगा जबकि तहसील गौरिहार में यह कार्य खण्ड चिकित्सा अधिकारी गौरिहार और उनका स्टाफ द्वारा किया जायेगा। पशुओं की बीमारी की रोकथाम के लिये डा. गुप्ता पशु चिकित्सा अधिकारी लौड़ी और उनके स्टाफ को जिम्मेदारी दी गयी है। राहत और बचाव कार्य के लिये भी जिम्मेदारियां तय की गयी हैं। मण्डल लौड़ी में तहसीलदार लौड़ी एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी, मण्डल चंदला में तहसीलदार चंदला एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी, मण्डल बछौन में नायब तहसीलदार बछौन एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी, मण्डल गौरिहार में तहसीलदार गौरिहार एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी,मण्डल जुझारनगर में नायब तहसीलदार जुझारनगर एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी और मण्डल सरबई में नायब तहसीलदार सरबई एवं संबंधित थाना/चैकी प्रभारी को राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित कराने के लिये निर्देशित किया गया है।<br/><br/>
	खाद्यान्न और पीने के पानी की व्यवस्था कराने के लिए भी जिम्मेदारियां निर्धारित की जा चुकी हैं। तहसील लौड़ी हेतु तहसीलदार लौड़ी, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और उप यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लौड़ी तथा तहसील गौरिहार हेतु तहसीलदार गौरिहार, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और उप यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग लौड़ी जिम्मेदारी से कार्य करेंगे। उपरोक्त सभी कार्यों को ये अधिकारी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी लौड़ी के समन्वय एवं निर्देशन में सुनिश्चित करेंगे।	रनगवां बांध, गंगऊ बांध में अधिक जल-भराव/बहाव की स्थिति में पूर्व से सूचना संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी वायरलेस के माध्यम से या टेलीफोन नंबर 07687-251280, 251251 पर अनुविभागीय राजस्व अधिकारी लौड़ी या बाढ़ नियंत्रण कक्ष कार्यालय मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लौड़ी को प्रस्तुत करेंगे। इसी प्रकार से उर्मिल बांध के फाटक खोलने की जानकारी संबंधित विभाग द्वारा उक्त टेलीफोन नंबरों पर या वायरलेस सेट के माध्यम से थानों पर उपलब्ध कराई जायेगी।<br/><br/>
	बताया कि उक्त संबंध में प्रत्येक ग्राम में पहले से ही मुनादी कर लोगों को अधिक सतर्कता बरतने और उपयोगी सामग्री सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर रखे जाने के बारे में हिदायत दी गयी। हल्का पटवारियों और कोटवारों को निर्देशित किया गया कि वे पूरे मानसून के दौरान संबंधित ग्रामों पर सतत सूक्ष्म निगाह रखें और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर अविलम्ब वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने तथा राहत कार्य में सहयोग की कार्यवाही करेगे। अनुविभाग लौड़ी में जिन ग्रामों में वर्षा के कारण माह अक्टूबर तक किसी वाहन के माध्यम से पहंचना संभव नही हो ऐसे पहुंचविहीन	ग्रामों के लिये चार माह हेतु खाद्यान्न और मिट्टी के तेल का आवश्यक मात्रा में भण्डारण सुनिश्चित किया जायेगा। कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया है कि विकास खण्ड लौड़ी की 24 और गौरिहार की 45 पहुंचविहीन ग्राम पंचायतों में उक्तानुसार सामग्री पहुंचा दी गई है। इन पहंुचविहीन ग्रामों के समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में छोटे बच्चों, गर्भवती/शिशुवती महिलाओं के लिये पोषण आहार और दवाइयां आदि का भण्डारण महिला एवं बाल विकास विभाग की लौड़ी और बारीगढ़ की परियोजना अधिकारी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करेंगे।<br/><br/>
<b>छतरपुर जिले में वर्षा की स्थिति:- </b> अधीक्षक भू-अभिलेख जिला छतरपुर ने छतरपुर जिले में हुई वर्षा की स्थिति की जानकारी दी है। जिले में चालू वर्ष में 1 जून से 27 जुलाई तक वर्षामापी केन्द्रों पर रिकाॅर्ड की गयी जानकारी इस प्रकार है:- छतरपुर 303.8 मि.मी., लौड़ी 451 मि.मी., बिजावर 237.2 मि.मी., नौगांव 200.4 मि.मी., राजनगर 485 मि.मी., गौरिहार 345.4 मि.मी., बड़ामलहरा 307.4 मि.मी. और बकस्वाहा 349.4 मि.मी.। उक्त अवधि में जिले की औसत वर्षा 334.9 मि.मी. अर्थात करीब 13.1 इंच। 	प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में पिछले वर्ष अर्थात वर्ष 2009 में 1 जून से 27 जुलाई तक विभिन्न वर्षामापी केन्द्रों पर रिकाॅर्ड की गयी वर्षा की जानकारी इस प्रकार रही:- छतरपुर 152.1 मि.मी., लौड़ी 254 मि.मी., बिजावर 318 मि.मी., नौगांव 342.5 मि.मी., राजनगर 187.4 मि.मी., गौरिहार 291 मि.मी., बड़ामलहरा 305.5 मि.मी. और बकस्वाहा 314 मि.मी.। उक्त अवधि में जिले की औसत वर्षा 270.5 मि.मी. अर्थात करीब 10.6 इंच रही।<br/> ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 9:29:22 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ जिला संयोजक की हिटलरशाही से कर्मचारी एवं अधिकारी परेशान  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=hitlarshaahi_of_jila_sayojak_in_aadim_jaati_894 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=hitlarshaahi_of_jila_sayojak_in_aadim_jaati_894 </guid> <description><![CDATA[ एल0आर0 मीना, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर की हिटलरशाही से जिला आदिमजाति कल्याण विभाग के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी परेशान है अगर मीना को महीना नहीं देते है तो निलंबित होते है अगर महीना देते है तो नौकरी दांव पर लगती है। ऐसे में कुछ कर्मचारी और अधिकारी आत्महत्या करने को मजबूर होने लगे है।<br/>

छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्य प्रदेष अनुसूचित जाति, जनजाति अधिकारी एवं कर्मवरी संघ ‘‘अजाक्स‘‘ जिला छतरपुर एल0आर0 मीना, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर के द्वारा की जा रही मनमानी, अनु0जाति/जनजाति कर्मचारियों के विरूद्ध की जा रही पणयंत्र पूर्ण कार्यवाही एवं किये जा रहे भृप्टाचार से अवगत कराते हुये, उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर एवं ज्ञापन के बिन्दुओं पर विभागीय जाॅच एवं मान्नीय उच्च न्यायालय के आदेष के तहत मूल पद सहायक अनुसंधान अधिकारी, भोपाल बापस करने हेत अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने 15 सूत्रीय ज्ञापन बुधवार की दोपहर सैकडों लोगों के साथ कलेक्टर को मुख्यमंत्री ने नाम सौंपा है। 
<br/><br/>
कलेक्टर प्रतिनिधि डिप्टी कलेक्टर ने संगठन को आश्वस्त किया कि हम अजाक्स की बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा देंगे। जिला अजाक्स ने मुख्यमंत्री से कलेक्टर के माध्यम से निवेदन करते हुये कहा कि श्री मीना को उनके मूल पद पर (सहायक अनुसंधान अधिकारी भोपाल) बापस किया जावे एवं ज्ञापन के बिन्दुओं के आधार पर श्री मीना को निलंबित कर विभागीय जांच संस्थापित की जावे। यदि 15 दिवस के भीतर श्री मीना को जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर से नहीं हटाया जाता तो संघ को मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। सौपे ये ज्ञापन में लिखा कि एल0आर0 मीना द्वारा दिनांक 26.4.2010 को जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर का पदभार संभाला। प्रभार गृहण करते ही श्री मीना ने ग्रीप्म कालीन अवकाष के समय छात्रावासों का निरीक्षण करना षुरू किया निरीक्षण के दौरान अनु0जाति के अधीक्षकों से रूप्ये ऐठने के चक्कर में पणयंत्र पूर्वक आरोप पत्र एवं नोटिस थमाना आरंभ कर दिया गया। कुछ छात्रावास अधीक्षको से रू0 10-10 हजार की मांग की गई एवं कहा गया कि विभागीय मंत्री को 5 लाख रूप्ये देकर जिला संयोजक का प्रभार लिया है। इसकी भरपाई कहां से करूंगा। बसूली की जानकारी अजाक्स को मिलने पर दिनांक 21.5.2010 को जिला अजाक्स के पदाधिकारी एवं कुछ अधीक्षक श्री मीना से बातचीत करने उनके कार्यालय पहुंचे तो श्री मीना ने संघ के पदाधिकारियों की बेज्जती कर भगा दिया एवं कहा कि मैं किसी संघ-बंग के पदाधिकारियों से नहीं मिलना चाहता। श्री मीना द्वारा अनु0जाति वर्ग के अधीक्षकों को दी जा रही प्रताडना एवं भृप्आचार की षिकायत संघ के पदाधिकारियों द्वारा कलेक्टर छतरपुर से की गई एवं अधीक्षकों द्वारा श्री मीना द्वारा रूप्ये मांगने की षिकायत भी कलेक्टर से षपथ पत्रों पर की गई। कलेक्टर महोदय ने संगठन द्वारा श्री मीना के विरूद्ध की गई षिकायत को गंभीरता से लिया एवं जिला संयोजक श्री मीना को समझाइस दी गई। जिससे क्षुब्ध होकर श्री मीना ने जिला प्रषासन एवं अजाक्स के जिला एवं प्रांतीय पदाधिकारियों के विरूद्ध वकतव्य समाचार प्त्रों में प्रकाषित कराया, जो कि एक अधिकारी द्वारा आचरण नियमों का स्पप्ट रूप से उल्लंघन है। श्री मीना द्वारा 2 अधीक्षक जो संयोग से संगठन के पूर्व एवं वर्तमान जिला अध्यक्ष है( श्री के0डी0 अहिरवार एवं श्री गोपीचरण वर्मा )के विरूद्ध जिला प्रभारी मंत्री  हरिषंकर खटीक जी को भृमित कर मिथ्या आरोप लगाकर पणयंत्र पूर्वक, जिला प्रभारी मंत्री से कलेक्टर छतरपुर को उक्त दोनों अधीक्षकों के निलंबन हेतु प्रस्ताव भिजवाये गये। कलेक्टर ने अनु0जाति अधीक्षकों पर लगाये गये आरोपों के जांच के दौरान झूठा पाया एवं निलंबन नहीं किया। जिससे श्री मीना ने कलेक्टर पर ही आरोप-प्रत्यारोप लगाना आरंभ कर दिया।श्री मीना ने माह मई 6,7,8/2010 को मासिक बैठकों के दौरा जिले के समस्त छात्रावास अधीक्षकों से छात्रों के अनुपात के मान से रू0 10 से 20 हजार यह कहकर बसूले गये कि यदि रूपये नहीं दिये तो रिकार्ड चैक करूंगा, जरा सी भी गल्ती पाई गई तो तत्काल प्रभाव से निलंबित करवा दूंगा एवं स्ािानांतरण करवा दूंगा। डर के मारे जिन अधीक्षकों ने रूप्ये दे दिये उन्हें यथावत रखा, जिसने रूप्ये नहीं दिये उनके विरूद्ध पणयंत्र पूर्वक निलंबन की कार्यवाही की एवं स्ािानांतरित करवा दिया । ज्ञापन में लिखा कि माह जुलाई 6,7,8/2010 की मासिक बैठक में श्री मीना ने छात्रावासों के सुद्ढीकरण (रंगाई/पुताई आदि हेतु) रू0 27 हजार प्रति छात्रावास की दर से अधीक्षकों इस षर्त पर दिये गये कि प्रत्येक अधीक्षक कमीषन बतौर श्री मीना को रू0 7 हजार देंगे। इस प्रकार श्री मीना ने कई अधीक्षकों से रू 7-7 हजार बसूले गये। आदिवासी बालक आश्रम सुकवाहा एवं टिपारी अधीक्षक ने कमीषन के रूप्ये देने से इंकार करने पर स्वीकृत की गई राषि का आवंटन होने के बाद राषि प्रदाय नहीं की गई रोक लगा दी गई वहीं दूसरी ओर अधिक कमीषन पाने के चक्कर में श्री मीना ने षासकीय आदिवासी बालक आश्रम बिजावर जो प्रायवेट भवन में संचालित है, के अधीक्षक श्री रहीष खान, को रू0 27-27 हजार की दो किस्ते स्वीकृत की गई। श्री मीना द्वारा इस प्रकार षासकीय राषि का खुलेआम दुरूप्योग किया गया है।श्री मीना द्वारा माह अप्रैल 2010 की षिप्यवृत्ति राषि में से बतौर कमीषन अधीक्षकों से 50 प्रतिषत एवं माह जुलाई 2010 की षिप्यवृत्ति राषि में से बतौर कमीषन 30प्रतिषत राषि यह कहकर अधीक्षकों से ली गई कि जुलाई माह में छात्रावासों के संचालन की आवष्यकता नहीं है। श्री मीना द्वारा मासिक बैठक में अनु0जाति महिला अधीक्षकों से अषलील मजाक किया जाता है। जुलाई माह की बैठक में श्रीमती हरबाई अहिरवार अधीक्षिका कन्या आश्रम घुवारा ने जब खडे होकर निवेदन करते हुये वहां पदस्थ षराबी चैकीदार की षिकायत कर उसके विरूद्ध कार्यवाही की मांग की तो श्री मीना ने भरी मीटिंग में चुटकी लेते हुये उक्त अनु0जाति महिला अधीक्षिका से कहा कि तुम भी उसके साथ षराब पीकर मजे लो। श्री स्वामीदीन प्रजापति उ0श्रे0षि0/अधीक्षक षा0बालक आदिवासी आश्रम सुकवाहा द्वारा कलेक्टर छतरपुर को श्री मीना के विरूद्ध दिये गये षिकायती षपथ प्त्र से नाराज होकर श्री मीना ने उक्त अधीक्षक के विरूद्ध पणयंत्र पूर्वक दिनांक 28.5.2010 को आदिवासी बालक आश्रम सुकवाहा का फर्जी निरीक्षण दिखाया, जबकि श्री प्रजापति उस रोज जिला संयोजक कार्यालय में षासकीय प्रवास पर आये थ,े एवं श्री मीना से ही डाक मार्क करवाई थी। इतना ही नहीं नाराज होकर अपने निजी मोबाइल नं0 9685740286 से श्री प्रजापति से कहा कि तुमने मेरे खिलाफ षपथ प्त्र दिया है, मैं तुम्हें छोडूगा नहीं तुम्हारे उपर धारा 376 लगवाउंगा एवं तुम्हें निलंबित करवाउंगा। ज्ञापन में लिखा कि श्री मीना द्वारा मासिक बैठकों में अधीक्षकों को धमकी दी जाती है, कि केबीनेट एवं राज्य मंत्रियों को तथा 10 आई0ए0एस0 को मै अपनी जेब में रखता हॅॅू, तुम लोगों की औकात क्या है। यदि मुझे कमीषन नहीं दिया तो सालो तुम्हें अधीक्षकी से हटवा दूंगा, निलंबित करवा दूंगा एवं जेल भिजवा दूंगा। श्री मीना की धमकियों से अधीक्षकों में भय व्याप्त है। श्री मीना द्वारा कार्यालय में पदस्थ लिपिकों एवं अधीक्षकों को मां-बहनों की गाली सरेआम दी जाती है। श्री मीना द्वारा श्री सौंर बाबू, श्री जे0पी0एस0 चैहान, बैंक मेनेजर जिला सहकारी बैंक बिजावर को एवं श्री एस0के0 षर्मा, संचालक भोपाल आदि को समक्ष में एवं फोन पर गालियां दी गई। ज्ञापन में लिखा कि श्री मीना के कारनामों की षिकायत कलेक्टर छतरपुर से करने पर नाराज होकर श्री मीना ने जिला प्रभारी मंत्री को अधीक्षकों के विरूद्ध गुमराह कर श्री गोपीचरण वर्मा, अधीक्षक बछौन, श्री के0डी0 अहिरवार, एवं श्री बलबीर अहिरवार अधीक्षक छतरपुर श्री स्वामीदीन प्रजापति अधीक्षक सुकवाहा, श्री षिवलाल वर्मा अधीक्षक बारीगढ के स्ािानांतरण करवा दिये। उक्त स्ािानांतरणों के विरूद्ध सभी अधीक्षकों को मान्नीय उच्च न्यायालय द्वारा स्ािगन आदेष जारी किये गये किन्तु श्री माना द्वारा न्यायालय के आदेषों की अवमानना की जा रही है। एवं अधीक्षक न मानते हुये जुलाई माह की षिप्यवृत्ति राषि अधीक्षकों को प्रदाय नहीं की गई। कलेक्टर महोदय छतरपुर के विरूद्ध स्ािानीय समाचार प्त्रों में मनगणंत बकतव्य छपवाने एवं अनुषासनहीनता की षिकायत कलेक्टर महोदय ने आयुक्त आदिवासी विकास विभाग को की थी। जिसपर आयुक्त आदिवासी विकास विभाग भोपाल ने अपने आदेष क्रमांक/स्था.5/2010/8977/भोपाल/दिनांक 4.6.10 के द्वारा श्री मीना को जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर से हटाकर उनके मूल पद सहायक अनुसंधान अधिकारी भोपाल के रिक्त पद पर पदस्थ किया गया। श्री मीना ने अपनी भोपाल पदस्थापना एवं कलेक्टर छतरपुर एवं छात्रावास अधीक्षक श्री के0डी0 अहिरवार एवं श्री गोपीचरण वर्मा के विरूद्ध मान्नीय उच्च न्यायालय में अपील की थी। किन्तु दिनांक 23.7.10 को मान्नीय उच्च न्यायालय जबलपुर ने दिये अपने निर्णय में श्री मीना की अपील खारिज कर दी। मान्नीय उच्च न्यायालय द्वारा श्री मीना को अनुषासनहीनता का आदि करार देते हुये कलेक्टर छतरपुर एवं श्री के0डी0 अहिरवार एवं श्री गोपीचरण वर्मा को श्री मीना की भोपाल पदस्थापना में दोपी न मानते हुये उसे प्रषानिक कार्यवाही बताया गया। एवं श्री मीना की भोपाल पदस्थापना के विरूद्ध अपील खारिज कर दी गई। मान्नीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 23.7.10 को अपील खारिज करने पर कलेक्टर छतरपुर ने आदेष क्रमांक 123/ स्ािापना/ 2010/छतरपुर, दिनांक 24.7.2010 के द्वारा श्री मीना को पुनः मूल पद सहायक अनुसंधान अधिकारी भोपाल हेतु कार्यमुक्त करते हुये, जिला संयोजक छतरपुर का प्रभार श्री सी0एस0 बालिम्बे, डिप्टी कलेक्टर को सौंपा गया। मान्नीय उच्च न्यायालय के आदेष की अवमानना करते हुये श्री मीना को पुनः आयुक्त आदिवासी विकास म0प्र0 भोपाल ने अपने आदेष क्रमांक/स्था.5/(2)/2010/13313/भोपाल, दिनांक 24.7.2010 के द्वारा श्री मीना को मूद पद सहायक अनुसंधान अधिकारी भोपाल से जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग छतरपुर पदस्थ किया गया। उल्लेखनीय है कि मीना की हिटलरशाही से जिला आदिमजाति कल्याण विभाग के सभी कर्मचारी एवं अधिकारी परेशान है अगर मीना को महीना नहीं देते है तो निलंबित होते है अगर महीना देते है तो नौकरी दांव पर लगती है। ऐसे में कुछ कर्मचारी और अधिकारी आत्महत्या करने को मजबूर होने लगे है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 8:05:17 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p= </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p= </guid> <description><![CDATA[ ØÔRkeh sÃ vbeky skl mlsj xklgUuki gqVh
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 ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 6:28:43 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ लापरवाही से गई दलित जच्चा-बच्चा की जान ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dalit_jaccha_baccha_dead_894 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dalit_jaccha_baccha_dead_894 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं पर करोडों रूपये कागजों में खर्च होने का सबूत दिन प्रतिदिन मीडिया के द्वारा उछाला जा रहा है। गत दिनो छतरपुर जिले के बारीगढ़ जनपद अंतर्गत सरबई में नर्स की लापरवाही से अस्पताल के गेट पर डिलेवरी हो गई थी। जिला प्रशासन ने इसे गम्भीरता से लेते हुये नर्स को निलम्बित कर जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी बीएमओ को बचा लिया था। इस घटना के चंद दिन ही नहीं बीत पाये कि इसी बारीगढ़ जनपद अंतर्गत चंदला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एएनएम की लापरवाही से एक जच्चा-बच्चा की जान चली गई और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।  अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से जच्चा बच्चा को नुकसान होने की यह तीसरी घटना है।<br/><br/>
	मिली जानकारी के अनुसार गौरिहार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जचकी के लिये भर्ती की गई प्रसूता की तड़प तड़प कर जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक महिला की जान चली गई जबकि ड्यूटी में तैनात एएनएम पंखे के नीचे सोती रही। बताया जाता है कि क्षेत्र के ग्राम पवईथर निवासी महेश बसोर की 21 बर्षीय पत्नी सुनीता को जचकी के लिए 26 जुलाई को दोपहर एक बजे भर्ती कराया गया था। सुनीता के पति महेश का कहना है कि उसने आशा कार्यकार्ता कड़ीबाई पत्नी रामदास रजक को जननी एक्सप्रेस बुलवाने के लिये फोन किया था लेकिन वह न तो खुद आई और न ही जननी एक्सप्रेस भेजी। <br/><br/>
	बताया कि जब महेश की पत्नी सुनीता की तबियत बिगडती गई तो बैलगाड़ी से बारिश के मौसम में तमाम परिस्थितियों को झेलते हुए वह अपनी पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आया। प्राथमिक उपचार के बाद वहां पदस्थ नर्स ने बताया कि बच्चा उल्टा है। शाम 4.10 पर सुनीता को मृत बच्चा पैदा करना पड़ा। करीब 4.45 बजे सुनीता को उल्टी दस्त शुरू हो गये। परिजनों ने बार बार अस्पताल में तैनात नर्स से आग्रह किया लेकिन न तो उसने रैफर किया न ही पुख्ता इलाज किया। गोलियां देकर नर्स चली गई। <br/><br/>
	बताया जाता है कि सुनीता रात भर दर्द से कराहती रही किन्तु रात की ड्यूटी में तैनात एएनएम संध्या मिश्रा पंखे के नीचे सोती रही। सुबह करीब 4 से 5 के बीच सुनीता बसोर ने दम तोड़ दिया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भर्ती पर्चा में काट छांट करने का आरोप लगाया है वहीं वार्ड सर्वेंट संतोष का कहना है कि वह आठ बजे ड्यूटी पर आया उस दौरान भर्ती मरीज की हालत ठीक थी। प्रबंधन ने आनन फानन में चेक भी जारी कर दी। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 10:22:03 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बुन्देलखण्ड में रेत माफियाओं का एकाधिकार ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rait_mafia_in_bundelkhand_price_increased_342 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rait_mafia_in_bundelkhand_price_increased_342 </guid> <description><![CDATA[ रेत के दाम सीमेन्ट और लोहा से भी अधिक हो जाने के कारण अब गरीब नहीं बना सकते अपना आशियाना, सिर्फ देख सकते हैं मुंगेरी लाल के हसीन सपने और सपनों में होगा उनका आशियाना-----------------	छतरपुर(रवि गुप्ता)। शिवराज सरकार में माफियाओं को लगातार बढावा दिया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण है खनिज माफियाओं का बुन्देलखण्ड में एकाधिकार दे देना। खनिज विभाग की विवादित पालिसी के चलते रेत के कारोबार में माफियाराज को बढ़ावा मिल रहा है। मध्य्रपदेश स्टेट माइनिंग कार्पोरेशन के माध्यम से कराए गए टेंडर से बुन्देलखण्ड में एक एक जिला एक एक ठेकेदार के हवाले कर दिया गया है। जिससे न केवल माफियाराज को बढ़ावा मिला है बल्कि रेत माफिया विभाग और शासन से ऊपर हो गए है। एक ठेकेदार के भरोसे चल रहे रेत के कारोबार का हाल यह हो गया है कि एक स्थान से छतरपुर और टीकमगढ़ जिले का रेत कारोबार संचालित हो रहा है। ऐसे मे बिचैलिए पैदा हो जाने से रेत के दाम सीमेंट और लोहा से अधिक हो गए है। इस प्रक्रिया से छोटे छोटे रेत ठेकेदार अब बेरोजगार हो गये है।<br/><br/>
	मामले के बारे में मीडिया ने समझा तो पाया कि खनिज विभाग ने रेत की छोटी बढ़ी खदानों को एकसाथ देने के चक्कर में खदानवार नीलामी न करके जिलावार नीलामी कर दी है। इसके टेंडर भोपाल मे मप्र राज्य खनिज निगम द्वारा कराए गए। पूरे टीकमगढ़ जिले की खदानों का एक टेंडर होने धरोहर राशि करोड़ों रूपए होने तथा नियमों के फेर में छोटे ठेकेदार इस कारोबार से बाहर हो गए। ऐसे में पूरे टीकमगढ़ जिला तथा छतरपुर जिला की धसान नदी की सभी रेत खदानें उत्तरप्रदेश के एक ठेकेदार द्वारा ले ली गई जबकि छतरपुर जिले की अन्य खदानों को उसने नहीं लिया जिससे यहां मजबूर होकर प्रशासन को अलग अलग ठेकेदारों को खदानें देना पड़ीं। पडोसी जिले टीकमगढ़ में उत्तरप्रदेश के एक ठेकेदार को एकाधिकार होने के कारण छतरपुर जिले की खदानों पर उसका असर हुआ है। इस ठेकेदार के पास जिले की धसान नदीी की खदानें होने के कारण उसने टीकमगढ़ के समान ऊंची दामों पर मिलने से जिले के अन्य ठेकेदारों ने भी रेत के भाव मे बढ़ोत्तरी कर दी है। <br/><br/>
	जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश के ठेकेदार द्वारा छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों की खदानों को संचालित करने कके लिये पलेरा जिला टीकमगढ़ में अपना कार्यालय बनाकर रखे हुये है। एक आफिस से पूरे टीकमगढ़ तथा छतरपुर जिले की लगभग डेढ़ दर्जन खदानों को संचालित किया जा रहा है। जो कि किसी भी हालत मे संभव नहीं है। जैसे कि पृथ्वीपुर जिला टीकमगढ़ की किसी रेत खदान से रेत भरने के लिए पहले ट्रक चालक पलेरा जिला टीकमगढ़ आकर पिटपास ले इसके बाद वह पृथ्वीपुर की किसी रेत खदान से रेत भरने के लिए जाये। यह कैसे संभव हो सकता है। ऐसे में रेत माफिया द्वारा पेटी कांट्रेक्टर को अलग अलग खदाने दे दी गई है। वहीं इस ठेकेदार ने टीकमगढ़ जिले की 36 खदानों को छोड़ दिया जिससे इन खदानों से कहने को तो उत्खनन बंद है लेकिन ठेकेदार द्वारा अपनी खदानों की अपेक्षा इन्ही छोड़ी गई खदानों से सबसे अधिक अबैध उत्खनन कराया जा रहा है। उत्तरप्रदेश के एक ठेकेदार को पूरे जिले की रेत खदाने देने के कारण टीकमगढ़ जिला एवं छतरपुर जिले के बड़े हिस्से में रेत पर इस ठेकेदार का एकाधिकार हो गया। वहीं छतरपुर जिले की धसान की खदानों में भी वह मनमानी कर रहा है। उधर पेटी कांट्रेक्टरों को खदानें दे देने के कारण बिचैलिये सक्रिय हो गए है। जिसका परिणाम यह हुआ कि रेत के दाम आसमान पर पहुंच गए। दो साल पहले तक जहां ट्रेक्टर की रायल्टी 250 रूपए लगती थी वही अब यह ठेकेदार 700 रूपये ले रहा है। पिछले साल तक एक छोटा ट्रक रेत खदान पर मय पिटपास और लेबर चार्ज सहित चार हजार रूपये में मिलता था वहीं अब छह हजार सात सौ रूपये खदान पर ही पड़ रहा है। शहर तक आते आते यह रेत नौ से दस हजार रूपये की पड रही है। इससे गरीबों को अब अपनी झोपड़ी से पक्का मकान बनाने के लिये सिर्फ सपना ही देखना रह गया है। शिवराज सरकार भले ही भाजपा को गरीबों की सरकार बताती है परन्तु उनके सरकार के नौकरशाह शिवराज सरकार की लुटिया डुबोने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 9:23:05 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ ब्लॉगरों की तालिबानी संसद! ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=taliban_sansad_of_bloggers </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=taliban_sansad_of_bloggers </guid> <description><![CDATA[ इस कथित संसद में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान में कमजोर वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिये निर्धारित पवित्र सिद्धान्तों के विध्वंसक अधिक हैं। एक प्रकार से ये लोग संविधान, राष्ट्र, समाज, धर्मनिरपेक्षता एवं समाज की समरसता के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। ऐसे तालिबानी एवं मनमानी सोच को बढावा देने वाले लोगों के कारण ही नक्सलवाद जैसी समस्याओं से इस देश को जूझना पड रहा है। <br/><br/>
<b>डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'</b><br/>

हम सभी जानते हैं कि आजकल प्रिण्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया धनकुबेरों के इशारों पर कथ्थक करता रहता है। मीडिया द्वारा केवल उन्हीं मुद्दों को उठाया जाता है, जिससे उनकी पाठक/दर्शक संख्या में इजाफा हो। मीडिया को सामाजिक सरोकार को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिये, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो पा रहा है। अफसरशाही की ही भांति मीडिया में भी मनमानी होने लगी है। मीडिया पर अनेक तरह के आरोप लगने लगे हैं कि कुछ संवाददाता तो लोगों को ब्लैक मेल भी करने लगे हैं। ऐसे में सच्चे लोगों के आलेख एवं सही मुद्दों को मीडिया में आसानी से समुचित स्थान मिलने की आशा करना निरा मूर्खता के सिवा कुछ भी नहीं है।<br/><br/>

इन हालातों में सच्चे लेखकों, नौसिखियों, खोजी पत्रकारों और अपनी भडास निकालने वालों को इण्टरनेट (अन्तरजाल) ने ब्लॉग नामक मंच मुफ्त में उपलब्ध करवाकर पर बहुत बडा काम किया है। जहाँ पर आप कुछ भी, कैसे भी लिख सकते हैं। अनेक व्यक्ति तो इस पर जो कुछ लिखते हैं, उससे लगता है कि देशभक्ति का जज्बा अभी समाप्त नहीं हुआ है, जबकि इसके ठीक विपरीत कुछ लोग दूसरों को आहत करने और अपने बीमार मन के विचारों को कहीं भी और कैसे भी उंडेल देने के लिये भी ब्लॉग लिखते हैं। सौभाग्य से ऐसे लोगों की संख्या अभी तक बहुत अधिक नहीं है। ईश्वर से प्रार्थना है कि इनकी संख्या सीमित ही रहे।
<br/><br/>
सबसे दुःखद पहलु ये है कि ब्लॉग-जगत में ऐसे लोगों की जमान एकत्रित हो रही है, जो तालिबानी सोच को प्रतिनिधित्व करती है। जिन्हें न तो विषयों का ज्ञान है और न हीं जिन्हें ये पता है कि वे कर क्या रहे हैं? कह क्या रहे हैं? लिख क्या रहे हैं? केवल सफेदपोश अपराधियों एवं कट्टर राजनैतिक दलों या साम्प्रदायिक संगठनों के प्रभाव में आकर ऊलजुलूल बातें लिखकर स्वयं को बडा लेखक मानने लगे हैं। इनमें अनेक को हिन्दी भाषा में अभिव्यक्ति करने की महारत तो हासिल है, लेकिन जो कुछ भी लिखते हैं, उसमें पूर्वाग्रह कूट-कूट कर भरा पडा है। ये दूसरों के विचारों को सम्मान देने के बजाय कुतर्क या संख्याबल के जरिये अपनी बात को सही सिद्ध करने का प्रयास करके गौरवान्वित अनुभव करते हैं और दुःखद आश्चर्य तो ये है कि ऐसे लोगों का कहना है कि वे देशहित में काम कर रहे हैं। ये अपने आपको राष्ट्रवादी कहते हैं।
<br/><br/>
ऐसे ही लोगों की इण्टरनेट पर एक ब्लॉग संसद संचालित होती है, जिसमें मनमाने तरीके से मुद्दे पेश किये जाते हैं। अपने जैसे लोगों को इसमें आमन्त्रित किया जाता है और मतदान करके अपनी बात को पारित करके खुशियाँ मनाते हैं। यदि गलती से इस संसद में कोई निष्पक्ष व्यक्ति विचार रखने का प्रयास करता है तो सबसे पहले उसकी वैधानिक बातों को कुतर्कों के आधार दबाने के प्रयास किये जाते हैं और यदि सवाल ऐसे उठा दिये जावें, जिससे यह कथित संसद और संचालन की निष्पक्षता ही सवालों के घेरे में आ जाये तो मतदान रोककर ध्वनिमत से निर्णय लेकर अपने अवैधानिक एवं मनमाने विचारों को पारित करके खुशी मनाते हैं।
<br/><br/>
अन्त में बतलाना चाहँूगा कि इस कथित संसद में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान में कमजोर वर्गों तथा अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिये निर्धारित पवित्र सिद्धान्तों के विध्वंसक अधिक हैं। एक प्रकार से ये लोग संविधान, राष्ट्र, समाज, धर्मनिरपेक्षता एवं समाज की समरसता के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। ऐसे तालिबानी एवं मनमानी सोच को बढावा देने वाले लोगों के कारण ही नक्सलवाद जैसी समस्याओं से इस देश को जूझना पड रहा है।
<br/><br/>
अतः अब समाज के निष्पक्ष बुद्धिजीवियों को इस प्रकार के लोगों के कुप्रचार का जवाब देना चाहिये और समाज को इनसे सावधान रहने के लिये कार्य करना होगा। सरकार को भी देश व समाज को कमजोर करने वाली ताकतों के विरुद्ध शक्ति से पेश आना चाहिये। अन्यथा एक ऐसा वर्ग पैदा हो रहा है, जो अन्तरजाल पर जहर फैलाने में कामयाब हो गया तो नयी पीढी को भ्रमित होने से रोक पाना आसान नहीं होगा। इसके साथ-साथ सरकार को यह भी चाहिये कि वह संविधान की मर्यादा का पालन करे, जिससे ऐसे लोगों को अवसर ही नहीं मिले।
<br/><br/>
-लेखक जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र प्रेसपालिका केसम्पादक, होम्योपैथ चिकित्सक, मानव व्यवहारशास्त्री, दाम्पत्य विवादों के सलाहकार, विविध विषयों के लेखक, टिप्पणीकार, कवि, शायर, चिन्तक, शोधार्थी, तनाव मुक्त जीवन, लोगों से काम लेने की कला, सकारात्मक जीवन पद्धति आदि विषय के व्याख्याता तथा समाज एवं प्रशासन में व्याप्त नाइंसाफी, भेदभाव, शोषण, भ्रष्टाचार, अत्याचार और गैर-बराबरी आदि के विरुद्ध 1993 में स्थापित एवं 1994 से राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली से पंजीबद्ध राष्ट्रीय संगठन-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) के मुख्य संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। जिसमें 4390 रजिस्टर्ड आजीवन कार्यकर्ता देश के 17 राज्यों में सेवारत हैं। इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, सरकार या अन्य किसी से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in ]]> </description> <pubDate>7/28/2010 8:33:47 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ घसान में फंसे दो मछुवारों को सेना की मदद से बचाया ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=fisherman_saved_with_help_of_army_868 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=fisherman_saved_with_help_of_army_868 </guid> <description><![CDATA[ 	मध्यप्रदेश के छतरपुर और टीकमगढ़ सीमा के बीचों बीच बहने वाली घसान नदी में फंसे दो मछुवारों को 10 घंटे की मशक्कत के बाद सेना की मदद से बचाया जा सका। इसके पहले तीन ग्रामीणों को जन सहयोग से घंटों की मशक्कत के बाद बचाया गया था। इस मौके पर जिले का जिम्मेदार प्रशासन मौजूद था।<br/><br/>
	जानकारी के अनुसार घसान नदी के प्रकोप से देवरी बांध के पास एक चट्टान में बैठकर दो मछुवारे मछली पकड़ने चले गये। इन मछुवारों को आस लगी कि बहुत समय बाद पानी गिरा है। मछली पकड़कर बाजार में बिक्री की जाये। दोनो मछुवारे मछली पकड़ने में इतने मस्त हो गये कि  उन्हे इस बात का बिलकुल भी एहसास नहीं हो पासा कि घसान नदीं अपनी उफान पर आ गई और देखते देखते ही इन मछुवारों के चारों तरफ तेज लहरों के साथ सांय सांय करते बहने लगी। जब इन मछुवारों ने देखा हम लोग एक चट्टान पर अंघेरी रात में सिर्फ अकेले ही खड़े है अब अपनी जान बचाना मुश्किल है तो इन लोगों ने 10 घंटे तक अपने भगवान को याद कर मदद की लगातार पुकार लगाई। जब आसपास के लोगों ने मदद की पुकार को सुना और देखा। आसपास के मददगारों ने जिला प्रशासन तक खबर दी तब कही जाकर प्रशासन ने रात ही में मौके पर पहुंचकर सेना की मदद मांगी। सेना ने मंगलवार की सुबह छह सात बजे तक दोनो मछुवारों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल कर ली।<br/><br/>
	जिला प्रभारी कलेक्टर श्रीमती भावना बालम्बे ने मीडिया को बताया कि जनता और सेना के सहयोग से दोनो मछुवारों को सुरक्षित निकाला गया। 	कमिशन सागर की जानकारी के अनुसार सागर राजस्व संभाग के टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिले के तीन स्थानों पर नदी के प्रवाह में फंसे सभी 11 लोगों को 20 घंटे के प्रयास के बाद सुरक्षित बचाया गया। यह भी बताया गया कि छतरपुर जिले के नौगांव के पास स्थित मचा गांव क े पास घसान नदी में फंसे नागरिकों के बचाव हेतु गांव के एक व्यक्ति के नदी के प्रवाह में बहकर शहीद हो जाने की संभावना है। इस व्यक्ति के जीवित न होने की स्थिति में उसके पार्थिव शरीर को खोजने का कार्य प्रशासन द्वारा युद्व स्तर पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने नागरिकों के जीवन रक्षा करने के प्रयास में अपने जीवन की आहूति देने वाले श्री दीपचंद्र कुशवाह के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता देने के निर्देश दिये है। इस संबंध में विधिवत प्रस्ताव तत्काल उनके पास भेजने को कहा है।
 ]]> </description> <pubDate>7/27/2010 7:41:35 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ शीतल पेय पदार्थों की बोतलों में मिले मांस के लोथडे़ ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=Nonveg_in_Cold_drinks_in_uttarpradesh_845 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=Nonveg_in_Cold_drinks_in_uttarpradesh_845 </guid> <description><![CDATA[ 
अधिवक्ता ने भेजा कंपनी को नोटिस
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर कई बार नामी-गिरामी कंपनियां कटघरे में आ चुकी हैं। जनपदीय इतिहास में पहली बार एक नामी कंपनी द्वारा तैयार पेय पदार्थ की कई बोतलों में मिले मांस के टुकडों और अवशिष्ट पदार्थों की मात्रा से विचलित अधिवक्ता ने कंपनी को जिला न्यायालय में तलब कराने का मन बनाया है। कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर, निर्माता और विक्रेता को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा है। <br/><br/>
	उल्लेखनीय है कि अब से कुछ समय पहले पेय पदार्थों में मिलावट कर कंपनियों ने प्रचार का नया तरीका खोजा था। समय बीतने के साथ प्रचार का यह तरीका मिलावटखोरों के लिए कमाई का जरिया बनता जा रहा है; पेय पदार्थ में मिलावट का नया मामला थाना क्षेत्र किशनी में सामने आया है। यहां के सदर बाजार निवासी होरीलाल पुत्र विधिदास, लाल शिवेंद्र पुत्र माधो सिंह और ग्राम जिजई निवासी जगदीश पुत्र रामसनेही लाल ने नगर के दुकानदार दुर्गा ट्रेडर्स के स्वामी रामबाबू सविता के यहां से थम्स अप की बोतलें खरीदी थीं। इन तीनों व्यक्तियों द्वारा खरीदी गई बोतलों में से एक बोतल में मांस का लोथड़ा, दूसरी में पान मसाला का पाउच और तीसरी में चर्बी भरी हुई थी। पेय पदार्थ की बोतलों में गंदगी की शिकायत पर दुकानदार ने इन्हें दूसरी बोतल देने की बात की लेकिन इन तीनों ग्राहकों द्वारा पेय पदार्थ विक्रेता के ,िखलाफ शिकायत दर्ज करने का मन बना लिया और तीनों ने अधिवक्ता शैलेंद्र यादव के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में केस दर्ज कराया। अधिवक्ता यादव ने बताया कि इस सबंध में किशनी के दुर्गा टेªडर्स, इटावा की फर्म और आगरा की फर्म को 15 जुलाई को 80 सीपीसी का नोटिस रजिस्टर्ड डाक से भेजा गया है। अधिवक्ता के द्वारा महामाया नगर के नगला उम्मेद में वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्रा0 लि0 को भी नोटिस भेजा गया है। नियत तिथि पर यदि इन जगहों से कोई  सकारात्मक जवाब नहीं आता है तो इनके खिलाफ उपभोक्ता फोरम और न्यायालय में मुकदमा दायर कर कटघरे में भी घसीटा जाएगा। <br/><br/>
	सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेशों में सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि पेय पदार्थों और खाद्य सामग्री को बाजार में बेचने वालों को उसमें मिलाए जाने वाले पदार्थों की मात्रा को सामग्री की बोतल के ऊपर दर्शाना होगा ताकि ग्राहकों को पता चल सके कि वे क्या खा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को ताक पर रखकर मिलावट खोरों द्वारा न तो बोतलों के ऊपर मानक  दर्शाए जा रहे हैं और न ही बैच नंबर लिखे जा रहे हैं। पेय पदार्थ या खाद्य सामग्री को बोतलों में कब पैक किया गया और उनकी एक्सपायरी डेट क्या है, इस बात का भी विवरण कंपनियों द्वारा नहीं दिया जा रहा है। <br/><br/>
							

						मैनपुरी से वीरभान सिंह 
 ]]> </description> <pubDate>7/27/2010 7:29:20 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ अपने ही घर में फंदे पर झूला युवक  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=yuvak_hang_on_fanda_345 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=yuvak_hang_on_fanda_345 </guid> <description><![CDATA[ 
आठ माह पूर्व ही हुआ था मृतक का विवाह <br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। शहर के मोहल्ला खरगजीत नगर में मानसिक रूप से परेशान युवक ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मौके पर पहुंचे परिजनों से इलाका पुलिस ने आत्महत्या के कारणों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। <br/><br/>
	बताया जाता है कि थाना क्षेत्र के बेवर के ग्राम करपिया निवासी मुन्नालाल बाॅथम का 22 वर्षीय पुत्र सुधीर नगर के खरगजीत नगर में ओमप्रकाश उपाध्याय के मकान में किराए पर रहता था। सुधीर का आठ माह पूर्व ही महाराष्ट्र के लातूर के ग्राम कनमुगडी निवासी माधव की पुत्री शीतल के साथ विवाह हुआ था। विवाह के बाद से ही दोनों खरगजीत नगर में अपने किराए के मकान में रह रहे थे। परिवार की स्थिति खराब होने के कारण सुधीर एकरसानंद गौशाला में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालता था। मंगलवार की दोपहर ज बवह घर पर अकेला था तभी अज्ञात कारणों से उसने अपने गले में साडी लपेटकर फांसी लगा ली। इससे पहले कि कोई उसे बचा पाता उसकी मौत हो गई। थोडी देर बाद जब उसकी पत्नी वापस लौटी तो अपने पति को फंदे पर लटका देख चीखने लगी। उसकी चीख सुनकर पडोस के लोग एकत्र हो गए। सूचना पर कांशीराम आवासों में रह रही उसकी मां और भाई भी वहंा आ गए; बाद में जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। 
<br/><br/>

						मैनपुरी से वीरभान सिंह
 ]]> </description> <pubDate>7/27/2010 7:28:00 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ चुनाव में अपनी-अपनी जीत के लिये मचाया जमकर तांडव ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=apni_jeet_ke_liye_machaya_tandav </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=apni_jeet_ke_liye_machaya_tandav </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर जिले में घुवारा (बडामलेहरा) नगर पंचायत चुनाव में सोमवार को मतदान के दिन राजनेतिक दलों ने अपनी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिये ऐसा तांडव मचाया कि क्षेत्र की जनता की घग्गी बंध गई और पुलिस ने सत्ता का साथ देकर बडामलेहरा उप चुनाव की याद को तरोताजा कर दिया। गौरतलब है कि बड़ामलेहरा उप चुनाव में उमाभारती को सत्ता के सामंतियों ने इस तरह घेरा गया था कि उमाभारती को अपनी जान को सुरक्षित रखने में पसीना आ गया था। मौक उपस्थित जिला प्रशासन मुंह छिपाता घूम रहा था। अंततः भाजपा ने बडामलेहरा सीट हासिल करके ही छोड़ी थी। आज घुवारा नगर पंचायत चुनाव में भी वहीं स्थिति दोहराई गई। जिसे नकारा नहीं जा सकता है। 
	जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले में घुवारा नगरपंचायत के अध्यक्ष पद के निर्वाचन में मतदान के दौरान सत्ता के लोगों के साथ पुलिस ने मिलकर क्षेत्रीय युवा बीएसपी नेता आनंद सिंह की जमकर पिटाई कर दी और उल्टे उसे ही सलाखों के पीछे कर शांति भंग करने का आरोप लगा दिया एवं आनंद सिंह पर अपराध धारा 151, 188, आईपीसी एक्ट तथा धारा 144 के उल्लंघन का मामला दर्ज कर दिया। बताया जाता है कि आनंद सिंह की पत्नी जनपद पंचायत बडामलेहरा की अध्यक्ष है। यह अध्यक्ष पद बीएसपी के खाते में गया था और बीजेपी हांथ मलती रही थी। 
	घुवारा नगर पंचायत चुनाव में राजनेतिक दलों के नेताओं द्वारा खुलेआम गुण्डागर्दी की गई। निर्वाचन के अधिकारी अपनी आंखों पर पट्टी बांधे कर मूक दर्शक बनकर देखते रहे। मतदान के एक दिन पहले भाजपा को स्पष्ट स्थिति नजर आ गई थी कि इस चुनाव मंे बीजेपी प्रत्याशी का पडला काफी नीचे है और कांग्रेस एवं बीएसपी को हराने के लिये पूरी तैयारी करना जरूरी है ताकि नगर की जनता अपना मत भाजपा की तरफ डालने को मजबूर हो जाये। इसकी भनक पुलिस और जिला प्रशासन को भी थी। परन्तु सत्ता संगठन पदाधिकारियों की दबिश के आगे कानून के रक्षक भीगी बिल्ली बनकर म्याऊं म्याऊं करती रही और घटना को अंजाम देने में भाजपाई सफल रहे। 
 ]]> </description> <pubDate>7/26/2010 8:17:54 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ धसान नदी में बाढ़, तीन युवकों ने दस घंटेतक जिंदगी और मौत के बीच किया संघर्ष ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=three people_struggle_for_life </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=three people_struggle_for_life </guid> <description><![CDATA[ 	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के सूखा ग्रस्त बुन्देलखण्ड क्षेत्र में उस समय जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया जब अचानक धसान नदी में बाढ़ आ गई और तीन युवकों ने अपनी जिंदगी और मौत के बीच दस घंटे तक संघर्ष किया तब कहीं जाकर जिला प्रशासन के सहयोग से झांसी से हेलीकाप्टर मंगवाया गया तथा पीढ़ितों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल कर पाई। घटना सोमवार की सुबह की थी। यह नदी छतरपुर और टीकमगढ़ जिले की सीमा रेखा के बीच धसान नदी के नाम से प्रसिद्व है। इस नदी का इतिहास है थोड़े से पानी में यह नदी अपनी उफान पर आ जाती है और तबाही मचाकर शांत हो जाती है।
	जानकारी के अनुसार छतरपुर जिले के रगौली गावं के पास धसान नदी पार करते हुये तीन युवक बाढ़ में फंस गये। इन्हे बचाने के लिये गोताखोर भेजे गये परन्तु एक गोताखोर भी बाढ़ में लापता हो गया। जिला प्रशासन ने तीन युवकों को बचाने के लिये शासन स्तर से प्रयास कर झांसी से हेलीकाप्टर मंगवाया और दस घंटे से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे तीन ग्रामीण युवकों को बाहर निकालने में सफलता हासिल कर ली।
	मौके पर उपस्थित सैकड़ों ग्रामीणों ने उस समय उत्पाद मचा दिया जब पुलिस के जवान पीढ़ितों के बचाव में तो पहुंचे परन्तु उनके पास बचाव का सामान नहीं था। हवलदार मुकुट सिंह का आरोप था कि नौगांव प्रशासन ने उन्हे आधा अधूरा सामान बचाव के लिये दिया है। ]]> </description> <pubDate>7/26/2010 7:49:45 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ शहीद रणबांकुरों को नसीब नहीं हुए श्रद्धा सुमन  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dabe_panv_gujra_vijay_divas_of_kargil_342 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dabe_panv_gujra_vijay_divas_of_kargil_342 </guid> <description><![CDATA[ मैनपुरी में दबे पांव गुजर गया कारगिल का विजय दिवस <br/>
शहीद रणबांकुरों को नसीब नहीं हुए श्रद्धा सुमन <br/>
शहीद स्तंभ के पास भी नहीं फटके नेता और अधिकारी <br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। जिन कारगिल शहीदों की शहादत पर समूचा देश आक्रोश और राष्ट्रभक्ति के जज्बे से सराबोर होकर एक साथ उठ खडा हुआ था, उन्हीं रणबांकुरों को याद करने के लिए आज सरकारी तंत्र के पास वक्त नहीं था और तो और कारगिल युद्ध के समय घडियाली आंसू बहाकर शहादत में राजनीतिक नफा-नुकसान तलाश रहे जिले के सियासी लोगों में भी कोई हलचले दिखाई नहीं दी। उनके लिए विजय दिवस भी एक आम  दिन की ही तरह गुजर गया। शायद इसीलिए दिल के किसी भी कोने से यह आवाज न आई कि वतन की आन पर अपनी जान कुर्बान करने वालों तुम्हें सलाम। कारगिल युद्ध में जनपद के पांच शहीदों को मिली शहादत के बाद विजय दिवस पर दिखाई दे रहे हालातों पर तो बस एक बात ही याद आती है कि श्उन दीवारों पर अब एक दिया भी नहीं रोशन, जिन मुंडेरों से कभी चांद उगा करता था।<br/>
श्बढ़ते भी चलो, लड़ते भी चलो कि अब तिरंगा हिमालय पर ही लहराएंगे । इसी जज्बे को साथ लेकर देश के लाखों सूपतों ने पाकिस्तानियों के नापाक इरादों को नाकाम कर भाडे़ के चंद गुनाहगारों के कब्जे से भारत के भाल को एक बार फिर आजाद कराकर जिन भारतवंशियों को दूसरी आजादी की सौगात दी थी, आज उसी आजादी के 11 वर्ष के बाद उसी देश के कर्णधारों द्वारा उन शहीदों का तिरस्कार हमारे भारतीय होने पर शक पैदा कर रहा है। विजय दिवस के दिन जनपद के शहीदों पर बहस करने वालों की कमी तो न थी लेकिन उनको नमन कर सके ऐसा भी कोई मस्तक दिखाई नहीं दिया। <br/>
	26 जुलाई, यह वह तारीख है तो इतिहास के पन्नों में स्वर्णाक्षरों में दर्ज हो चुकी है। इतिहास ने तो इस दिन और इससे जुडै़ लोगों को अपने में ससम्मान समाहित कर लिया पर जिनकी खातिर यह इतिहास रचा गया, उन लोगों के पास इस सच को स्वीकारने का भी समय नहीं है। 26 जुलाई 1999 को देश के सपूतों ने 60 दिन तक चली खूनी जंग के बाद पाकिस्तान के अंातकियों के कब्जे से कारगिल के हिस्से को आजाद कराया था। इस पूरे आॅपरेशन को आॅपरेशन विजय के नाम से जाना गया। इस आॅपरेशन विजय के दौरान अपनी कुर्बानी देने वाले शहीदों की फेहरिस्त में जनपद मैनपुरी के भी पांच जांबांजों की शहादत शामिल है। उनकी शहादत को नमन कर उस वक्त सरकारों ने कई घोषणाएं कर दी थीं लेकिन विजय दिवस की 11वीं वर्षगंाठ पर आलम यह है कि इन पांचों शहीदों के नाम अब शिलापट्टिका के अंग बनकर ही रह गए हैं। <br/><br/>
	जिस स्थान पर इस शिला पट्टिका का शिलान्यास किया गया है उस स्थान पर जनपद के सभी आला अधिकारियों के कार्यालय मौजूद हैं। विजय दिवस के मौके पर जब इस स्थान का निरीक्षण किया गया तो यहां पर खड़ी लंबी-लंबी घास के बीच कूडे के ढेर से अटी पडी हुई शहीद स्मारक के पास चंद जनपदवासी और सरकारी कर्मचारी नाश्ता करते और आराम फरमाते हुए दिखे। इनमें से शायद ही किसी को यह पता होगा कि आज जिन शहीदों की बरसी है उनमें से पांच हमारे अपने ही परिवार के हैं। इंतेहां तो तब हो गई जब इतने सारे अधिकारियों के बीच होने के बावजूद भी किसी ने इस शहीद स्मारक पर एक फूल चढाकर शहीदों को नमन करना भी जरूरी नहीं समझा। <br/><br/>
	बतातें चलें कि कारगिल की जंग के दौरान जनपद मैनपुरी से पांच शहीदों ने भी अपनी कुर्बानी दी थी जिनमें से भोगांव क्षेत्र के ग्राम घुटारा निवासी 18 ग्रेनेडियर के सिपाही मनीष कुमार, ग्राम अंजनी के 18 ग्रेनेडियर के सिपाही प्रवीन कुमार, ग्राम दिवनपुर के 22 ग्रेनेडियर के हवलदार अमरूद्दीन, नगला आंध्रा के 15 पैरा के सिपाही हेमचरन सिंह और शाहजहांपुर के 5 पैरा के नायक सत्यदेव सिंह शामिल थे। इनके अलावा आॅपरेशन रक्षक में आॅपरेशन एरिया के दौरान शहीद हुए जवानों में करहल के ग्राम टिकरई निवासी 3 ग्रेनेडियर के नायक नागेंद्र सिंह, ग्राम सथिनी के 23 आरआर के नायक सुभाष सिंह और ग्राम कपूरपुर के राजपूत रेजीमेंट के सूबेदार शैलेंद्र कुमार सिंह भी शामिल थे। तत्कालीन जिलाधिकारी ने यहां एक शिलापटिटका लगवाकर इनके नाम खुदवा दिए थे। 11 वर्ष बीतने के बाद हालात ये हैं कि इन शहीदों के नाम धूल के गुबार मंे गुम होते जा रहे हैं। <br/><br/>
	विजय दिवस की 11वीं वर्षगांठ पर राजनेताओं, अधिकारियों, कर्मचारियों और जनपदवासियों द्वारा जनपद के इन सपूतों की अवहेलना ने थोडा ही सही, पर शहीदों के सम्मान को आहत तो किया ही है। <br/><br/>
	कारगिल जंग के दौरान शहीद हुए ग्राम दिवनपुर के 22 ग्रेनेडियर के हवलदार अमरूद्दीन की शहादत पर फख्र करते हुण् तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा उनके नाम पर एक  कालेज खोले जाने की घोषणा भी की गई थी लेकिन 11 वर्ष बीतने के बाद भी डीएम की घोषणा महज घोषणा बनकर ही रह गई है। इतना ही नहीं शासन के द्वारा तो इनके सम्मान के लिए की गई स्मारक बनवाने की घोषणा के 11 वर्ष बाद भी जमीन मुहैया नहंी कराई गई। 

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	 ]]> </description> <pubDate>7/26/2010 7:39:05 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मानव अधिकार आयोग के हस्तक्षेप पर 11 वर्ष बाद मिला न्याय ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=after_11_years_Get_justice_342 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=after_11_years_Get_justice_342 </guid> <description><![CDATA[ गौरिहार थाने के एएसआई सहित आरक्षक पर मामला दर्ज तत्कालीन टीआई की होगी विभागीय जांच<br/>
छतरपुर(रवि गुप्ता)। गौरिहार थाना क्षेत्र के ग्राम चूहाखेड़ा में वर्ष 1999 में एक हरिजन युवक की मृत्यु के बाद उसके परिजनों को मानव अधिकार आयोग के हस्तक्षेप के बाद 11 वर्ष बाद न्याय मिला। मानव अधिकार आयेाग ने गौरिहार थाने में घटना के वक्त पदस्थ रहे एक एएसआई व एक आरक्षक पर लापरवाही बरतने का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए तो वहीं तत्कालीन टीआई के विरूद्ध विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं। पुलिस ने चूहाखेड़ा निवासी हरिजन युवक रामचरन की सांप से काटने पर दर्शाई थी जबकि रामचरन की मृत्यु का असल कारण जहरीला पदार्थ निगलना था। जिस एएसआई और आरक्षक पर मामला दर्ज किया गया है वे अब पुलिस सेवा से निवृत्त हो चुके हैं जबकि तत्कालीन टीआई वर्तमान में दमोह जिले में पदस्थ है।<br/><br/>
	घटना के संबंध में बताया जाता है कि ग्राम चूहाखेड़ा निवासी रामचरन अहिरवार ने जहर निगल लिया था उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया फिर उपचार के लिए बांदा जिला चिकित्सालय ले जाया गया जहां उसकी मृ़त्यु हो गई थी। बांदा पुलिस ने शून्य पर मामला दर्ज कर गौरिहार थाना पुलिस को भ्ेाजाथा। गौरिहार थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 12/99 पर मामला दर्ज किया और रामचरन की मृत्यु का कारण सर्प से डंसना दर्शाया। जब बांदा पुलिस द्वारा कराये गये पेास्टमार्टम की रिपोर्ट मृतक रामचरन के भाई रामकिशोर को मिली तो वह अवाक रह गया। पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट के मुताबिक रामचरन की मृत्यु जहरीला पदार्थ खाने से हुई थी गौरिहार थाना में उस वक्त पदस्थ रहे एएसआई लवकुश तिवारी और प्रधान आरक्षक जागेश्वर सिंह ने गंभीर लापरवाही बरतते हुए मृत्यु का कारण सर्प से डंसना बताया था। मृतक के भाई ने न्याय पाने के लिए मानव अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया मानव अधिकार आयोग ने संपूर्ण मामले की सूक्ष्म विवेचना करने के बाद गौरिहार थाने में पदस्थ रहे सेवा निवृत्त एएसआइ्र्र लवकुश तिवारी और प्रधान आरक्षक जागेश्वर सिंह के विरूद्ध विवेचना में लापरवाही बरतने के निर्देश गत 5 मार्च को दे दिए थे। इतना ही नहीं मानव अधिकार आयेाग ने तत्कालीन टीआई एसएस राजपूत की विभागीय जांच के आदेश भी दिए है। श्री राजपूत वर्तमान में दमोह जिले में पदस्थ हैं श्री राजपूत की विभागीय जांच का जिम्मा टीकमगढ़ एसपी आकाश जिंदल को सौंपा गया है।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/26/2010 10:18:47 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ भारत केसरी की खबर का असर: नर्स को किया निलंबित ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bharatkesari_khabar_ka_asar_nurse_ko_kiya_suspend_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bharatkesari_khabar_ka_asar_nurse_ko_kiya_suspend_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। देश का पहला ई-मेल न्यूज़पेपर भारतकेसरी.कॉम पर शनिवार 24 जुलाई को जननी सुरक्षा का बुरा हाल अस्पताल के गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म शीर्षक की खबर चलाई गई थी। इस खबर के चलते हुये शासन और प्रशासन में बैठे अधिकारी हरकत में आये और उन्होने आखिरकर 25 जुलाई को लापरवाह नर्स श्रीमती लक्ष्मी बाई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरबई को शासकीय दायित्वों के निर्वाहन में की गई लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। घटना 22 जुलाई की सुबह जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर की है। मीडिया ने मामला 24 जुलाई को उछाला और कार्रवाई 25 जुलाई को की गई। इस कार्रवाई में नर्स को हलाल किया गया जबकि अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को बचाया गया। <br/><br/>
	जानकारी के अनुसार जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भाबना बालम्बे ने मीडिया को लिखित रूप में जानकारी देते हुये बताया कि उन्हे जानकारी दी गई कि श्रीमती लक्ष्मी बाई नर्स प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरबई सूचना के उपरां भी अनुपस्थित रहीं एवं आवेदिका श्रीमती आशारानी को अस्पताल के बाहर गेट पर प्रसव हो गया। श्रीमती लक्ष्मी बाई का यह कृत्य शासकीय कत्र्तत्यों के प्रति घोर लापरवाी प्रदर्शित करता है। नर्स श्रीमती लख्मी बाई प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरबई द्वारा शासकीय दायित्वों के निर्वाहन में की गई लापरवाही के आरोप में 24 जुलाई 200 से तत्काल प्रभाव से उन्हे निलंबित किया गया है। निलंबन की अवधि में इनका मुख्यालय सीएमएचओ छतरपुर किया गया है। निलंबित नर्स को निलंबन अवधि मे मूलभूत नियम 53 के अंतर्गत निलंबन भत्ता देय होगा।<br/><br/> 
	मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की हालत इतनी पतली हो गई है कि कोई भी डाक्टर सीएमएचओ और सीएस के पद पर कार्य करने को तैयार नहीं है। हालांकि जिला प्रभारी कलेक्टर ने कमिश्नर स्वास्थ्य के आदेश से डाॅ एसके दीक्षित को सीएमएचओ का पद एवं डाॅ आभा खरे को सिविल सर्जन का पदभार देकर रखा है। ये दोनो डाक्टर जिले के मरीजों के लिये जान है। इनके द्वारा अपने अपने पदों पर से अलग थलग रखने का आवेदन निवेदन के साथ कलेक्टर को दिया गया परन्तु इन लोगों के आवेदन यह कहकर निरस्त कर दिये कि नौकरी करना है तो दिये गये दायित्वों का निर्वाहन करना होगा नहीं तो नौकरी छोड़ो और घर बैठों। इस तरह की डांट सुनकर सीएमएचओ डाॅ दीक्षित आकस्मिक मेडीकल लेकर चले गये। अगर जल्दी ही अच्छे काम करने वाले दोनो अधिकारियों की पदस्थापना शासन स्तर से नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब शिवराज सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की सरेआम धज्जियां उड़ते दिखने में देर नहीं लगेगी।<br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 8:45:09 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ हॉकी इंडिया ने सेक्स स्कैंडल में कौशिक को दोषी माना ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=hockey_india_ne_sex_scandle_ne_kaushik_ko_dausi_mana_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=hockey_india_ne_sex_scandle_ne_kaushik_ko_dausi_mana_983 </guid> <description><![CDATA[ महिला हॉकी सेक्स स्कैंडल में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए हॉकी इंडिया ने शनिवार को पूर्व कोच एम. के. कौशिक और वीडियोग्राफर बासवराजा की भविष्य में कभी सेवाएं नहीं लेने का ऐलान किया। हॉकी इंडिया ने रंजीता देवी के आरोपों को दमदार बताते हुए कहा कि जांच समिति ने यौन उत्पीड़न के तहत मामले की जांच करने का सुझाव दिया है। 
<br/><br/>
हॉकी इंडिया के महासचिव एन के बत्रा ने इस मसले पर पांच सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक करते हुए पत्रकारों से कहा, 'हॉकी इंडिया ने भविष्य में एम के कौशिक और बासवराजा की सेवाएं न लेने का फैसला किया है।' उन्होंने कहा,'खिलाड़ी टी रंजीता देवी की लिखित शिकायत में हमें दम लगा जिसने कौशिक के बारे में स्पष्ट आरोप लगाये हैं। एक कोच का खिलाड़ी ये यह पूछना कि क्या तुम सेक्स करती हो, गंभीर मसला है। हमने मामले को आगे तक ले जाने का फैसला किया है।' 

उन्होंने कहा कि मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट खेल सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त, डीजी, साइ, आईओए अध्यक्ष और रेलवे को भी भेजी गई है। बत्रा ने कहा,समिति ने सुझाव दिया है कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामले में विशाखा मसले पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ध्यान में रखते हुए आगे कार्रवाई की जाए। यह कार्रवाई खेल मंत्रालय या साइ ही कर सकता है, क्योंकि दोनों उनके कर्मचारी हैं। उन्होंने कहा,दिल्ली पुलिस भी स्वत: संज्ञान लेकर इस रिपोर्ट को एफआईआर मानकर कार्रवाई कर सकती है। यही वजह है कि हमने पुलिस कमिश्नर को भी रिपोर्ट भेजी है। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 8:42:00 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ हड्डी से बनी रिंग से किया प्यार का इजहार ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=propose_of_love_done_by_ring_made_by_bone_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=propose_of_love_done_by_ring_made_by_bone_983 </guid> <description><![CDATA[ प्यार दीवाना होता है और दीवाने लोगों की दास्तां भी अनूठी होती है। ब्रिटेन में भी कुछ ऐसा ही हुआ जब एक व्यक्ति ने अपनी मंगेतर को सगाई में अपने पैर की हड्डी से बनी रिंग पहनाई और बदले में मंगेतर ने अपना हाथ जीवन भर के लिए उसे दे दिया। 
<br/><br/>
जी हां, इस रोचक प्रेम कहानी के नायक माइक पेरेत भारत में एक दुर्घटना में अपना पैर गंवा बैठे और फिर उन्होंने अपने पिंडली की हड्डी से एक रिंग अपनी मंगेतर के लिए तैयार कराया। 

'न्यूज ऑफ द वर्ल्ड' में आई इस खबर के मुताबिक, माइक ने कहा, दिमाग में ख्याल आया कि मैं मेलिटा के लिए अपनी हड्डी से एक रिंग बनवाऊं। 
पश्चिमोत्तर लंदन में एक रात डिनर के दौरान जब माइक ने मेलिटा को यह रिंग सौंपी तो वह प्रोपोज करने के इस तरीके से खिल उठीं। <br/><br/>

25 साल की सहायक शिक्षिका मेलिटा ने कहा, 'अब तक की सबसे सुंदर अंगूठी थी जो मैंने देखी थी। यह बहुत रोमांटिक था। मैं उस रिंग को लेकर बहुत खुश थी जो कभी उनके शरीर का हिस्सा हुआ करती थी।' उस रिंग में माइक की हड्डी के साथ प्लैटिनम था और उसमें हीरे जड़े थे। इस रिंग को बनवाने में माइक को.,500 पाउंड खर्च आए। 
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 ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 8:02:43 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ एजेंडे में कश्मीर नहीं, तो भारत से बात भी नहीं: पाक ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=if_kashmir_is_not_in_agenda_then_no_talk_with_bharat_pak_324 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=if_kashmir_is_not_in_agenda_then_no_talk_with_bharat_pak_324 </guid> <description><![CDATA[ पाकिस्तान ने एक बार फिर कहा है कि भारत अगर कश्मीर मुद्दे को ज्यादा अहमियत नहीं देगा, तो दोनों  
देशों के बीच बातचीत को जारी रखना संभव नहीं होगा। पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखनी है, तो भारत को कश्मीर मुद्दे को भी इसमें शामिल करना ही होगा। 
<br/><br/>
कुरैशी ने विदेश यात्रा से लौटने के बाद एयरपोर्ट पर कहा, 'भारत कश्मीर मुद्दे को ज्यादा तवज्जो नहीं देगा, तो हम बातचीत जारी नहीं रख पाएंगे।' 

कुरैशी की यह टिप्पणी दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 15 जुलाई को हुई बैठक के लगभग एक सप्ताह के बाद आई है। इस बैठक में दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद हो गए थे। 


प्रस्तावित पाकिस्तान-अफगानिस्तान ट्रांजिट व्यापार समझौते को उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। कुरैशी ने इस बात से इनकार कर दिया कि इस सममें ऐसा कोई प्रावधान है, जिसके तहत भारत, पाकिस्तान के रास्ते अपना सामान अफगानिस्तान तक पहुंचा सके। विदेश मंत्री ने अमेरिकी अधिकारियों और नेताओं के इस बयान को भी खारिज कर दिया कि ओसामा-बिन-लादेन और मुल्ला उमर समेत अल-कायदा और तालिबान के टॉप नेता पाकिस्तान में हैं। 
<br/><br/>
पाकिस्तानी मंत्री ने इन दावों को बकवास करार देते हुए कहा लादेन या मुल्ला उमर कहां छिपे हैं, इस बात को साबित करने के लिए पाकिस्तान को ठोस सबूत चाहिए। कुरैशी ने कहा कि अगर कोई दावा करता है कि लादेन और उमर पाकिस्तान में छिपे हैं, तो उसे इस बात को साबित करने के लिए पाकिस्तान सरकार को सबूत उपलब्ध कराने होंगे।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 7:58:29 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ शाह से पूछताछ करने में हिचक रही है सीबीआई? ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=cbi_hasitating_to_inquiry_with_shah_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=cbi_hasitating_to_inquiry_with_shah_932 </guid> <description><![CDATA[ सीबीआई ने रविवार को गुजरात के पूर्व गृहराज्य मंत्री अमित शाह को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन उन्हें रिमांड पर नहीं ले सकी। सीबीआई जज ने उन्हें जुडिशल कस्टडी में भेज दिया। अब यह सवाल पूछा जा रहा है कि क्या सीबीआई अमित शाह से पूछताछ करने में हिचक रही है? यह सवाल उठने की वजह यह है कि सीबीआई ने शाह को अपनी कस्टडी में लेने की खास कोशिश भी नहीं की। <br/><br/>

सूत्रों के हवाले से बताया है कि सीबीआई जज जस्टिस दवे की अदालत में शाह को अपनी कस्टडी में दिए जाने पर जोर नहीं दिया। यही वजह रही कि शाह को 7 अगस्त तक के लिए जुडिशल कस्टडी में भेजा गया। 

सीबीआई सूत्रों ने बताया कि उन्हें शाह से तुरंत पूछताछ करने की कोई जरूरत है भी नहीं, क्योंकि वे शाह के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठा कर चुके हैं। <br/><br/> 
 ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 7:54:13 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ आदिमजाति विभाग में पैसे ने दिखाया रंग, भ्रष्टाचारी को फिर बनाया हीरो ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=adimjati_bibhag_me_paise_ne_dikhaya_rang_bharstachari_ko_phir_banaya_hero_984 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=adimjati_bibhag_me_paise_ne_dikhaya_rang_bharstachari_ko_phir_banaya_hero_984 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश का छतरपुर जिला हमेशा से ही विवादग्रस्त रहा है एवं राजनेताओं व अधिकारियों की हरकते हमेशा मीडिया की सुर्खियां बनी रहती है। जिला आदिमजाति कल्याण विभाग छतरपुर का एक ऐसा कार्यालय है जो भी इस कार्यालय में जिला संयोजक बनकर आया वह विभागीय जांच एवं निलम्बित होने से अपने आपको नहीं बचा पाया है। इसका सीधा साधा कारण साफ और स्पष्ट है कि सोने के अंडे देने वाली मुर्गी (आदिमजाजि विभाग) जिसे हर कोई एक बार में हलाल करके सोने के अंडे (करोडों का बजट) पाना चाहता है। ऐसा ही एक आदिमजाति विभाग का अधिकारी लालजी राम मीना जिला संयोजक छतरपुर जो पूरे मध्यप्रदेश में अपनी हरकतों से प्रसिद्व है। इसके बाबजूद भी वह सोने के सिंगहासन पर बैठ जाता है और उस सिंगहासन को ही बेंच डालने के बाबजूद भी बेदाग बना रहता है। अगर यह कहें कि आदिमजाति विभाग में  पैसा अपना रंग दिखाता है। चाहे पैसा देने वाला कितना भी दागदार क्यों न हो। विभाग में पैसा फेंको और भ्रष्टाचारी से शिष्टाचारी बनकर भ्रष्टाचार करने का लायसेंस प्राप्त करो।<br/><br/> 
	जानकारी के अनुसार जिला आदिमजाति कल्याण विभाग में पदस्थ लालजी राम मीना को शासन ने स्थानांतरित किया, हाईकोर्ट से उस पर स्टे आया, हाईकोर्ट ने स्टे समाप्त करते हुये शासन के स्थानांतरण को यथावत किया, आयुक्त आदिमजाति में सेटिंग करके पुनः छतरपुर संशोधन आदेश लिया। एक ऐसा अधिकारी जो भ्रष्टाचार करने का लायसेन्स मंत्री और अधिकारियों से प्राप्त कर आदिमजाति विभाग को ठेके पर चलाता हो और शिवराज सरकार में उसे ही सोने के सिंगहासन पर बार बार बैठाया जाये ऐसे में शिवराज सरकार पर उंगलियां उठना जायज है। <br/><br/>
	आयुक्त आदिमजाति ने कहा लालजी राम मीना का मामला हाईकोर्ट में था,हाईकोर्ट के स्थगन पर पदस्थ था मीना,स्थगन आदेश के फैसले की प्रति नहीं थी हमारे पास,मंत्री जी के यहां से आई थी नोटशीट,जल्दबाजी में जारी हो गया संशोधन आदेश,मामले को लिया जायेगा गम्भीरता से,हमसे हो गई भूल,भूल जल्दी ही सुधारी जायेगी।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 5:29:04 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ खजुराहो के मंदिरों और पाषाण मूर्ति कला के प्रतिरूप प्राचीन मंदिर जर्जर हालात में	 ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=khajuraho_ke_mandiro_aur_pashan_moorti_kala_ke_pratiroop_prachin_jarjar_halat_392 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=khajuraho_ke_mandiro_aur_pashan_moorti_kala_ke_pratiroop_prachin_jarjar_halat_392 </guid> <description><![CDATA[ मैथुन नगरी खजुराहो के शिल्पकारियों की पाठशाला थी ब्यासबदौरा<br/><br/>
छतरपुर जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर और खजुराहो से 55 किलोमीटर दूर चंदला के पास स्थित व्यास-बदौरा के एक प्राचीन पुरातत्व के मंदिर अपनी एक अलग पहचान बनाये हुए हैं। 9वीं से 10वीं शताब्दी के पुरातत्व महत्व के खजुराहो के मंदिरों और पाषाण मूर्ति कला के प्रतिरूप प्राचीन मंदिर जर्जर हालात में विद्यमान हैं। इतिहासकार इन मंदिरों को खजुराहो के मंदिर निर्माण करने वाले शिल्प और मूर्तिकारों की प्रयोगशाला (पाठशाला) के रूप में देखते हैं। साथ ही स्थानीय ग्रामीण इन मंदिरों के  पाषाण को पवित्र बता इसे उठाकर या चुराकर ले जाने वालो के साथ अनहोनियां होने की बात कहते हैं । <br/><br/>
	चंदेल कालीन पाषाण शिल्प की संस्कृतिक राजधानी खजुराहो एक लंबे समय से देशी-विदेशी पर्यटकों के अपनी ओर आकर्षित करती आ रही है। यहां की मूर्तियां उद्यान तथा मंदिर आगंतुकों को मंत्र मुग्ध कर देते हैं। लेकिन उन्हें यह पता नहीं होता कि खजुराहो के इन बेशकीमती मंदिरों को निर्माण करने वालों को कहां प्रशिक्षित किया गया और इन मंदिरों के प्रतिरूप कहां, कब और किसके द्वारा बनाये गये। जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर स्थित व्यास-बदौरा के इन मंदिरों की पाषाण मूर्तिकला,शिल्पकला और बनावट खजुराहो के मंदिरों की प्रतिरूप है। इतिहासकार इसे 9वीं व 10वीं शताब्दी के बीच का बताकर इसे खजुराहो के मंदिर निर्माण करने वाले शिल्पकारों और मूर्तिकारों की पाठशाल के रूप में देखते हैं। जहां इन्हें प्रशिक्षित किया जाता था। पूर्ण दक्षता प्राप्त करने के बाद इन शिल्पकारों और मूर्तिकारों को व्यास-बदौरा से खजुराहो भेजा जाता था।<br/><br/>
	क्या कहते हैं ग्रामीण- <br/> स्थानीय ग्रामीण शारदा प्रसाद दुबे व जयराम पाण्डे व्यास-बदौरा के इन मंदिरों के खजुराहो के मंदिरों से प्राचीन बताते हैं। जिनके बारे में उन्होंनें अपने पूर्वजों से सुना था साथ ही इन मंदिरों के पाषाण को पवित्र मानते हैं। उनका ऐसा विश्वास है कि इन मंदिरों या इसके आसपास बिखरे पड़े पत्थरों  को कोई भी व्यक्ति अपने व्यक्तिगत उपयोग के  लिए या फिर कोई एक बेशकीमती संपदा को चोरी की नियत से ले जाता है तो उसे अनहोनियों का सामना करना पड़ताहै अंतत: उसे इन पवित्र पाषाण पत्थरों को यहां वापिस रखना पड़ता है।<br/><br/> 
क्या कहते हैं इतिहास के जानकार-<br/>
इतिहासकार योगेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि व्यास-बदौरा के ये मंदिर अपने गौरवशाली इतिहास और अपनी पृष्ठभूमि से खजुराहो के मंदिरों को विश्व में पहचान देने वाले शिल्पकारों और मूर्तिकारों की प्रयोगशाला अतीत के गर्त में उपेक्षा के चलते आज सही सम्मान और स्थान पाने के लिए धूल और धूप के थपेड़े खा रही है। जरूरत है इन्हें समय रहते सजाने की संवारने की नहीं। तो यह हमारी पुरातात्विक धरोहर अतीत में कहीं खो जाएगी।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 9:50:36 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'सेक्स स्कैंडल' के शिकंजे में महिला वेटलिफ्टिंग कोच ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=women_weightlifting_coach_in_sex_scandle_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=women_weightlifting_coach_in_sex_scandle_932 </guid> <description><![CDATA[ इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन (आईडब्ल्यूएफ) ने यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद महिला वेटलिफ्टिंग कोच रमेश मल्होत्रा को सस्पेंड कर दिया है। मल्होत्रा पर जूनियर वेटलिफ्टरों के यौन उत्पीड़न का आरोप है। इस मामले की जांच के लिए शनिवार को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। <br/><br/>

मल्होत्रा पर यह आरोप सिडनी ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली कर्णम मल्लेश्वरी ने लगाए हैं। इस समिति की अगुवाई आईडब्ल्यूएफ के उपाध्यक्ष कुंबासी सुब्रमण्यम करेंगे, जो सात दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट महासंघ को सौंपेंगे। इस समिति के अन्य दो सदस्य कोच पाल सिंह संधू और आईडब्ल्यूएफ के संयुक्त सचिव मदन लाल साल्वी हैं। 

मल्लेश्वरी ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के एक कोच पर एक दशक से भी ज्यादा समय से जूनियर वेटलिफ्टरों से यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 

आईडब्ल्यूएफ के सचिव सहदेव यादव ने कहा कि मौजूदा कार्यकारिणी ने पिछले साल दिसंबर में ही कार्यभार संभाला है और इसके बाद से किसी खिलाड़ी ने किसी कोच या अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत नहीं की है। हम इस शिकायत पर कार्रवाई करेंगे। 
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 ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 9:24:07 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'गेम्स के दौरान लाखों कॉन्डम क्यों?' ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=why_lakhs_of_condom_during_games_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=why_lakhs_of_condom_during_games_983 </guid> <description><![CDATA[ बीजेपी ने कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के खर्च से लेकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनके समय पर पूरा होने पर कई सवाल खड़े करते हुए जानना चाहा है कि सरकार की इन खेलों के दौरान जो डेढ़ सौ कॉन्डम मशीनें लगाने की योजना है, उनसे वह कौन से खेल खिलवाना चाहती है। बीजेपी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अनुरोध किया है कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स के खर्च में हुई कई गुणा बढ़ोतरी का पूरा हिसाब दिल्ली सरकार और आयोजन समिति से मांगें और सभी दलों की बैठक बुला कर इन खेलों की तैयारी के बारे में देश को जानकारी दें। 
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बीजेपी के महासचिव विजय गोयल ने कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों और निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए की अध्यक्ष सोनिया गांधी की चुप्पी आश्चर्यजनक है। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार से कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए दिल्ली में निर्माण कार्य चल रहे हैं और इन गेम्स की लागत साढ़े तीन हजार करोड़ रुपए से बढ़ कर 87हजार करोड़ पर पहुंच गई है, उसमें प्रधानमंत्री को आयोजन समिति से खेलों के आयोजन पर हो रहा पूरे खर्च का ब्यौरा मांगना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री को कॉमनवेल्थ के आयोजन के संबंध में सर्वदलीय बैठक बुला कर वस्तु स्थिति बतानी चाहिए। उन्होंने जानना चाहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान डेढ़ सौ कॉन्डम मशीनें लगा कर डेढ़ लाख कॉन्डम उपलब्ध कराने की सरकार की जो योजना है, उससे सरकार क्या खेल खिलवाना चाहती है। <br/><br/>

पूर्व केन्द्रीय खेल राज्य मंत्री गोयल ने कहा कि जब ये खेल आवंटित हुए थे तब ओलम्पिक संघ ने जो तथ्य रखे थे, उससे व्यय 1500 प्रतिशत बढ़ गया है। पर्यटन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार इनका खर्च 87हजार करोड़ रुपए होगा। आरंभ में स्टेडियम पर केवल 132 करोड़ रुपए खर्च होना था जो अब 3389 करोड़ रुपए होगा। 

आरंभ में 2003 में इन खेलों का बजट 1899 करोड़ रुपए था। 2007 में कैबिनेट ने जब इसे पारित किया तो यह बजट बढ़ कर 3566 करोड़ रुपए हो गया जिसकी तुलना में अब जो खर्च आ रहा है, वह 87 हजार करोड़ रुपये पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि खेल शुरू होने में केवल 70दिन बचे हैं और सारी दिल्ली खुदी पड़ी है। 

निर्माण के नाम पर टेंडर प्रक्रिया, निविदाएं आदि सभी को ताक पर रख दिया है। एक ही काम कई-कई बार हो रहे हैं। सड़कों पर लगे पत्थर ठीक से नहीं लगाए जा रहे बल्कि ऐसे चिपकाए जा रहे हैं कि उनमें से आधे तुरंत गिर जाते हैं। उद्घाटन और समापन समारोहों की टिकटें इतनी महंगी हैं कि दिल्ली वाले इन समारोहों को देख ही नहीं सकते।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 9:21:52 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ एक संविधान, फिर दो विधान क्यों? ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ek_sambidhan_phir_do_vidhan_kyu_902 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ek_sambidhan_phir_do_vidhan_kyu_902 </guid> <description><![CDATA[ 

<b>सवाल यह उठता है कि यदि यही आरोप महिला हॉकी टीम की खिलाडी ने हॉकी संघ के बाहर के किसी व्यक्ति पर लगाया होता, मसलन किसी दर्शक पर, क्या तब भी हॉकी इण्डिया ऐसा ही करती?</b> <br/><br/>


भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 चीख चीख कर कहता है कि भारत में सभी लोगों को कानून के समझ समान समझा जायेगा और सभी लोगों को कानून का समान संरक्षण प्राप्त होगा। अनुच्छेद13 में यह भी कहा गया है कि यदि उक्त प्रावधान का उल्लंघन करने वाला या कम करने वाला कोई कानून सरकार द्वारा बनाया जाता है, तो ऐसा कानून उल्लंघन की सीमा तक शून्य माना जायेगा। इतने स्पष्ट और सख्त प्रावधान के बावजूद भी हमारे देश में लोगों से उनकी हैसियत के अनुसार अलग-अलग तरह से बर्ताव करने के लिये अलग-अलग प्रकार के कानून बनाये हुए हैं।
<br/><br/>

राष्ट्रीय महिला हॉकी टीम के कोच एमके कौशिक पर एक खिलाडी ने यौन उत्पीडन का आरोप लगया है, जिस पर कौशिक के विरुद्ध कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं करवाया गया है, बल्कि हॉकी इण्डिया ने इस मामले की जांच के लिए राजीव मेहता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है जिसमें पूर्व खिलाडी जफर इकबाल, अजीत पाल सिंह और सुदर्शन पाठक को भी शामिल किया गया है।<br/><br/>


सवाल यह उठता है कि यदि यही आरोप महिला हॉकी टीम की खिलाडी ने हॉकी संघ के बाहर के किसी व्यक्ति पर लगाया होता, मसलन किसी दर्शक पर, क्या तब भी हॉकी इण्डिया ऐसा ही करती? कर ही नहीं सकती थी, क्योंकि बाहरी किसी व्यक्ति के मामले में उसे जाँच करने का कोई हक नहीं है। यहाँ पर सवाल यह उठता है कि हॉकी इण्डिया को हॉकी से जुडे विवादों या मामलों की जाँच करने के लिये तो अपनी खेल विशेषज्ञता का उपयोग करना चाहिये, इस पर किसी को काई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन हॉकी के पूर्व खिलाडियों को आपराधिक मामलों की जाँच के लिये बनायी गयी समिति में शामिल करके उनसे उस अपराध के लिये जाँच करवाई जा रही है, जो भारतीय दण्ड संहिता में दण्डनीय अपराध है, यह किस कानून द्वारा स्वीकृत है?<br/><br/>


आश्चर्यजनक तो यह है कि देश के लोग चुपचाप मूक दर्शक बने बैठे हैं! क्या कौशिक के विरुद्ध भी भारतीय दण्ड संहिता के तहत आपराधिक मामला दर्ज नहीं होना चाहिये? यदि पुलिस द्वारा जाँच की जाती है, तो कौशिक की गिरफ्तारी भी सम्भव है, जबकि विभागीय जाँच में मामले को कुछ सुनवाईयों के बाद रफा दफा कर दिया जायेगा, जेसा कि हमेशा से होता आ रहा है। केवल हॉकी की ही बात नहीं है, प्रत्येक सरकारी विभाग में भी इसी प्रकार से उन सभी मामलों में जो आपराधिक प्रकृति के हैं और जिनमें भारतीय दण्ड संहिता के तहत कठोर कारावास की सजा का प्रावधान है, सभी को विभागीय जाँच के नाम पर आपसी गठजोड के जरिये रफा दफा कर दिया जाता है। विभाग की ओर से दबाव डालकर अधिकतर मामलों में तो शिकायतकर्ता को प्रकरण को वापस लेने के लिये ही विवश कर दिया जाता है।<br/><br/>


संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 13 की सरेआम धज्जियाँ उडाई जा रही हैं। लोक सेवक जो जनता के नौकर हैं, लोक सेवक से लोक स्वामी बन बैठे हैं। सबसे बडा आश्चर्य तो यह है कि न्यायपालिका के अन्दर भी इस प्रकार के मामलों में आपराधिक मुकदमें दायर करने के बजाय, विभागीय जाँच का ही सहारा लिया जाता है। जिन लोगों को इस प्रकार की नाइंसाफी एवं भेदभाव से जरा भी पीडा हो रही हो, या जिन्हें अपने नौकरों की कारगुजारियों को रोकने की जरा सी भी इच्छा हो, उन्हें चाहिये कि इस प्रकार के मामलों को अपने राज्य के उच्च न्यायालय में या सर्वोच्च न्यायलय में याचिका दायर करके संविधान के (क्रमशः) अनुच्छे 226 एवं 32 के तहत चुनौती दें।<br/><br/>


<b>-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा 'निरंकुश'</b><br/>
सम्पादक-प्रेसपालिका (जयपुर से प्रकाशित पाक्षिक समाचार-पत्र) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास) (जो दिल्ली से देश के सत्रह राज्यों में संचालित है।
इस संगठन ने आज तक किसी गैर-सदस्य, सरकार या अन्य किसी से एक पैसा भी अनुदान ग्रहण नहीं किया है। इसमें वर्तमान में ४३६६ आजीवन रजिस्टर्ड कार्यकर्ता सेवारत हैं।)। फोन : ०१४१-२२२२२२५ (सायं : ७ से ८) मो. ०९८२८५-०२६६६<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/25/2010 12:21:56 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ जननी सुरक्षा का बुरा हाल अस्पताल के गेट पर महिला ने दिया बच्चे को जन्म ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=janni_surksha_ka_bura_haal_hospital_ke_gate_par_mahila_ne_diya_bache_ko_janam_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=janni_surksha_ka_bura_haal_hospital_ke_gate_par_mahila_ne_diya_bache_ko_janam_983 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर  जिले में जननी सुरक्षा का बुरा हाल है। बेचारी प्रसव पीडि़त महिलायें प्रसव कराने अस्पताल पहुंचती है लेकिन स्वास्थ्य अमला उनके साथ अमानवीय वर्ताव करता है। प्रसव पीडि़त महिला  के साथ अमानवीयता की घटना विगत दिवस स्वास्थ्य केंद्र सरवई में घटित हुई। यहां तक कि जब पीडि़त की शिकायत पर नायब तहसीलदार अस्पताल पहुचें तो नर्स उनसे भी भिड़ गई। <br/><br/>
	प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरूवार 22 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे राममिलन पाल निवासी कारीमारी अपनी पत्नी श्रीमती आशा उम्र 22 वर्ष के प्रसव कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र सरवई लेकर गया था। जहां प्रसव की वेदना से उक्त महिला स्वास्थ्य केंद्र में तड़पती रही। तथा वहीं पर उसने बच्चे को जन्म दे दिया। किंतु स्वास्थ्य केंद्र में बैठी नर्स महिला की चीखे सुनकर मुस्कुराती रही लेकिन उसके पास नहीं गई। नर्स लक्ष्मी केारी के इस वर्ताव से महिला के पति राममिलन ने इसकी शिकायत नायब तहसीलदार एच.एस. पटैरिया से की। शिकायत के तत्काल बाद श्री पटैरिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और नर्स से जानकारी चाही तो यह नर्स नायब तहसीलदार से ही भिड़ गई जिससे नायब तहसीलदार को उलटे पांव वापिस लौटना पड़ा। अस्पताल से वापिस लौटने के बाद नायब तहसीलदार ने एस.डी.एम. लौड़ी केा घटना क्रम से अवगत कराया। जिसके बाद एसडीएम लौड़ी के निर्देश पर बीएमओ उक्त घटना की जंाच कर रहे हैं। नर्स लक्ष्मी कोरी द्वारा प्रसव पीडि़त महिला के साथ अमानवीय वर्ताव करने की यह पहली घटना नहीं है बल्कि मार्च 09 में इसी नर्स ने सरबई निवासी रामानंद द्विवेदी की पत्नी के  साथ भी ऐसा ही वर्ताव किया था जिसकी शिकायत कलेक्टर से की गई थी जिसके बाद कलेक्टर ने बीएमओ लौड़ी से जांच कराई थी तथा जांच प्रतिवेदन पर कलैक्टर ने उक्त नर्स को डिलेवरी कार्य में न लगाने के आदेश दिए थे। लेकिन उक्त आदेश रद्दी की टोकरी में चला गया। तथा नर्स आज भी दबंगी के साथ डिलेवरी का कार्य कर रही है।<br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 8:15:35 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ जन्म के तुरंत बाद ही मौत की आगोश में सो गई अद्भुत कन्या ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=janam_ke_turant_baad_hi_maut_ki_agosh_me_so_gayi_adhut_kanya_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=janam_ke_turant_baad_hi_maut_ki_agosh_me_so_gayi_adhut_kanya_932 </guid> <description><![CDATA[ 
चिकित्सकों के अनुसार विकृति के कारण जन्म लेते हैं ऐसे बच्चे<br/><br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। जिला अस्पताल में एक अद्भुत कन्या के जन्म की घटना थोडी ही देर में समूचे नगर में फैल गई। हालांकि जन्म के कुछ ही देर बाद कन्या काल के गाल में समा गई लेकिन दर्शकों द्वारा उसके जन्म से संबंधित तरह-तरह की चर्चाओं ने जोर पकड लिया। जहां एक ओर लोग उसके अल्प विकसित होने की बात कह रहे थे वहीं कुछ लोग उसके जन्म को धार्मिक आस्था से भी जोड रहे थे।<br/><br/>
	जिला महिला अस्पताल में शनिवार की सुबह लगभग 9 बजे थाना बिछवां के ग्राम मरहरी निवासी कमलेश यादव की पत्नी अनीता के गर्भ से एक अद्भुत कन्या ने जन्म लिया। कन्या के जन्म के तुरंत बाद ही उसके अद्भुत रूप को देखकर अस्पताल में हडकंप मच गया। विशालकाय चेहरे वाली इस कन्या का मुख शेर की भांति दिख रहा था तथा जन्म के समय से ही उसके शरीर पर लंबे-लंबे बाल तथा हष्ट-पुष्ट शरीर लोगांे के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ था। हालांकि जन्म के कुछ ही देर बाद कन्या की मौत हो गई लेकिन भ्रांतियों का बाजार पूरे दिन गर्म रहा। चिकित्सक इस कन्या के जन्म को लेकर कहते हैं कि पूर्णतः विकास न होने पर ऐसे विकृत बच्चे जन्म लेते रहते हैं और बहुत ज्यादा समय तक वे जीवित नहीं रह पाते। वहीं जिला अस्पताल में इस कन्या को देखने वाले ग्रामीण क्षेत्रों से जुडे लोगों द्वारा इसे किसी देवी का अवतार मानकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 6:11:47 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ दलित परिवार पर बरपा सवर्णों का कहर ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dalit_pariwar_par_barpa_savarno_ka_kahar_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dalit_pariwar_par_barpa_savarno_ka_kahar_032 </guid> <description><![CDATA[ 
घायलावस्था में पहुंचे पुलिस कप्तान के द्वार<br/>
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। दलितों की सरकार में दलित हुए बेगाने, यदि कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। सवर्णों ने एक गांव के दलित परिवार पर इस कदर कहर बरपाया कि पूरा का पूरा परिवार सरकारी चैखटों पर न्याय के लिए मत्था टेकता घूम रहा है। दुधमंुहे बच्चों को गोद में दबाए परिवार की महिलाओं ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है। <br/><br/>
	मामला थाना क्षेत्र बिछवां के ग्राम सहारा का है। लहू-लुहान हालत में अपने परिजनों के साथ एसपी कार्यालय के सामने पहुंचे दलित सतीश जाटव व जगदीश जाटव पुत्रगण किशन कुमार जाटव ने बताया कि उसके गांव में अधिकांशतः आबादी सवर्णों की ही है। इनके बीच में ही उसका परिवार भी मेहनत-मजदूरी करके गुजर-बसर करता है। दलित होने के कारण गांव की पगडंडियों पर से गुजरने पर सवर्ण समुदाय के लोग आपत्ति जाहिर कर गाली-गलौच करते हुए आए दिन मारपीट करते रहते हैं। सतीश ने बताया कि उसके गांव के शीलेष, रिशु, सुनीता, छोटू व अन्य लोगों ने इसी बात से सफा होकर उसे व उसके परिवार के लोगों को बुरी तरह से पीटा और विरोध करने पर असलाहों से लैस होकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस कप्तान के कार्यालय पर सतीश अपनी मां गंगा देवी, भाभी बादामी देवी, पुत्रों शिवम 7 वर्ष, अंकित 4 वर्ष को लेकर घायलावस्था में पहुंचा। उसने नामजदों पर दलित के नाम पर कहर बरपाने का आरोप लगाते हुए एसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल से न्याय की गुहार लगाते हुए नामजदों के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है। <br/><br/>    ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 6:10:22 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ aaspas ke nalo aur pampon se nikal raha hara pani. jammen me sama raha paani. peene ke pani ko log hue mohtaj ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aaspas_ke_nalo_aur_pampon_se_nikal_raha_hara_pani._jammen_me_sama_raha_paani._peene_ke_pani_ko_log_hue_mohtaj </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aaspas_ke_nalo_aur_pampon_se_nikal_raha_hara_pani._jammen_me_sama_raha_paani._peene_ke_pani_ko_log_hue_mohtaj </guid> <description><![CDATA[ <img src='http://www.bharatkesari.com/news/medium/Picture 062.jpg' style="width:300px; height:200px" /> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 6:08:51 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ aaspas ke nalo aur pampon se nikal raha hara pani. jammen me sama raha paani. peene ke pani ko log hue mohtaj ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aaspas_ke_nalo_aur_pampon_se_nikal_raha_hara_pani._jammen_me_sama_raha_paani._peene_ke_pani_ko_log_hue_mohtaj </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=aaspas_ke_nalo_aur_pampon_se_nikal_raha_hara_pani._jammen_me_sama_raha_paani._peene_ke_pani_ko_log_hue_mohtaj </guid> <description><![CDATA[ <img src='http://www.bharatkesari.com/news/medium/Picture 062.jpg' style="width:300px; height:200px" /> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 6:08:50 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ गांधी-कस्तूरबा की लव स्टोरी पर फिल्म ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=film_on_gandhi_kastoorba_love_Stroy_984 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=film_on_gandhi_kastoorba_love_Stroy_984 </guid> <description><![CDATA[ सिल्वर स्क्रीन पर अब तक दर्शकों ने सोहनी-महीवाल, हीर-रांझा, लैला 
-मजनू, सलीम-अनारकली की प्रेम कहानियों पर बनी रोमांटिक फिल्मों को तो खूब सराहा है, अब देखना है कि दर्शक फादर ऑफ नेशन महात्मा गांधी की लव स्टोरी पर बनी फिल्म को कितना पसंद करते हैं। जी हां, यहां बात हो रही है गांधी और कस्तूरबा की लव स्टोरी की। अगर कोई बड़ा अड़ंगा नहीं पड़ा तो दर्शक बड़े पर्दे पर इस लव स्टोरी को देख सकेंगे। <br/><br/>

पिछले दिनों मुंबई बेस्ड प्रॉडक्शन हाउस के. टी. एंटरटेनमेंट ने अपनी नई फिल्म का टाइटिल 'महात्मा की शादी में जरूर आना' रजिस्टर करवाया है। इस फिल्म में डायरेक्शन की कमान प्रणव संभालेंगे। फिल्म में लीड रोल यानी महात्मा गांधी के रोल में कर्मवीर वोहरा नजर आएंगे। बता दें कि फिल्म के डायरेक्टर प्रणव इन दिनों स्मॉल स्क्रीन पर दिखाए जा रहे 'क्राइम एंड बॉलिवुड' का डायरेक्शन भी कर रहे हैं। वहीं, गांधी की भूमिका निभा रहे कर्मवीर इससे पहले 'कसौटी जिंदगी की' और 'शरारत' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में काम कर चुके हैं। 
<br/><br/>

अगले महीने शूटिंग फ्लोर पर जा रही इस फिल्म में गांधी और कस्तूरबा की पहली मुलाकात के बाद उनकी प्रेम कहानी भी दिखाई जाएगी। इस फिल्म के डायरेक्टर प्रणव की मानें तो हमने फिल्म में कुछ फिल्मी लिबर्टी लेते हुए मॉडर्न वीजे को इस कहानी का अहम किरदार बनाया है। 

प्रणव अपनी इस फिल्म की शूटिंग स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त से गुजरात की आधा दर्जन के करीब आउटडोर लोकेशन में स्टार्ट टु फिनिश करेंगे। प्रणव कहते हैं कि हमारा इरादा फिल्म को एक शेडयूल में पूरा करने का है। प्रणव ने टीवी आर्टिस्ट टी. जे. सिंधु को भी अहम रोल के लिए साइन किया है। 

प्रणव के मुताबिक अभी हमने फिल्म में कस्तूरबा के पात्र के लिए किसी हीरोइन का सिलेक्शन नहीं किया है। इस फिल्म की रिलीज के वक्त पर किसी प्रकार का कोई विवाद ना उठे, इसलिए महात्मा और उनके जीवन पर लिखी गई नामी राइटर्स की किताबों को पढ़ने के बाद स्क्रिप्ट फाइनल की गई है। 

इस फिल्म में मोहनदास करमचंद गांधी का किरदार निभा रहे कर्मवीर के मुताबिक मेरे लिए करियर की शुरुआत में ऐसा रोल करना बेहद चैलेंजिंग है। वैसे, डायरेक्टर स्क्रिप्ट पर जितनी भी रिसर्च का दावा करें पर गांधी जैसी शख्सियत की पर्सनल लाइफ या उनके रिश्तों पर कोई फिल्म बने और विवाद न हो ऐसा कहां हो सकता है। 

आलम यह है कि फिल्म शूटिंग फ्लोर पर भी नहीं पहुंची और देश की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी ने इस सब्जेक्ट पर फिल्म बनाने को लेकर ऐतराज जताया है। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 2:30:29 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'निर्दोष' शाह के बचाव में उतरी बीजेपी ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bjp_came_into_side_of_shah_93 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bjp_came_into_side_of_shah_93 </guid> <description><![CDATA[ सोहराबुद्दीन शेख फर्जी एनकाउंटर केस में आरोपों से घिरे गुजरात के गृह राज्यमंत्री अमित शाह  
ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है लेकिन पूरी बीजेपी उनके बचाव में आगे आ गई है। मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि निर्दोष होने के बावजूद मैंने शाह का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। बीजेपी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सीबीआई की करतूत अदालत में खुल जाएगी। <br/><br/>

राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक के लए दिल्ली आए मोदी ने कहा, 'अमित शाह से निर्दोष हैं। उन पर लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं। हमें न्याय व्यवस्था में पूरा भरोसा है। हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।' मुख्यमंत्री ने अमित शाह को कांग्रेस की साजिश का शिकार बताते हुए कहा कि गुजरात में वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सोहराबुद्दीन को 'नैशनल हीरो' के रूप में पेश किया। लेकिन राज्य की जनता ने कांग्रेस को जवाब दे दिया। अब कांग्रेस उसी का बदला लेने के लिए अमित शाह को फंसा रही है। 
<br/><br/>
उन्होंने शाह के इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा,' मुझे सूचना मिली कि उनका इस्तीफा गांधीनगर स्थित मेरे बंगले पर पहुंच चुका है। लौटने के बाद मैं इसे स्वीकार कर लूंगा और औपचारिकताएं पूरी करूंगा।' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शाह के इस्तीफे से यह नहीं माना जा सकता है कि वह दोषी हैं। मोदी ने कहा कि मैं इसे स्वीकार कर रहा हूं, क्योंकि संविधान के तहत कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होती है। गुजरात के मुख्यमंत्री ने बताया कि शाह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और हमें भरोसा है कि न्यायपालिका उन्हें न्याय देगी। 

बीजेपी के प्रवक्ता जावड़ेकर ने कहा कि बीजेपी ने न्यायिक तंत्र का हमेशा से सम्मान किया है और कानून के साथ सहयोग भी किया है, इसलिए अब इस मामले में भी अदालत में कानूनी लड़ाई होगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हालांकि शाह ने इस्तीफा दे दिया है, पर पार्टी पूरी तरह उनके साथ है और सीबीआई के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज उठाएगी। 

इस बीच, कांग्रेस ने कहा है कि अमित शाह को सीबीआई के सामने सरेंडर कर देना चाहिए। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, 'अमित शाह को कानून से बचने या छिपने के बजाय अदालत या सीबीआई के सामने सरेंडर कर देना चाहिए। वह सार्वजनिक जीवन में हैं। ऐसे में उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।' 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 2:15:49 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कानून ने फरियादी महिला से किया अभद्र व्यवहार  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=law_bheva_bad_with_women_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=law_bheva_bad_with_women_032 </guid> <description><![CDATA[  
डीएम ने दिए जांच के आदेश <br/><br/> 
मैनपुरी(उत्तर प्रदेश)। कानूनगो द्वारा दबंगों का पक्ष लेते हुए तहसील दिवस पर मिले शिकायती पत्र की पैमाइश के दौरान फरियादी को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से धमकाने के बाद उसकी पत्नी को रात के अंधेरे में समस्या निदान के लिए अपने आवास पर बुलाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। भारतीय किसान यूनियन ने इस गंभीर मामले के खिलाफ डीएम सच्चिदानंद दुबे से मिलकर जांच कराए जाने की मांग की है। डीएम श्री दुबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। <br/><br/> 

	उल्लेखनीय है कि तहसील भोगांव के ग्राम चंदरपुर निवासी श्रीचंद्र की पत्नी स्नेहलता ने 2 जुलाई 10 को तहसील दिवस के दौरान एक शिकायती पत्र एसडीएम भोगांव को सौंपा था जिस पर तत्काल कार्रवाई के आदेश देते हुए एसडीएम भोगांव ने कानूनगो रणधीर सिंह को जांच करने के निर्देश दिए थे। लगभग 15 दिन बाद 16 जुलाई को शिकायती पत्र की जांच करने गांव पहुंचे कानूनगो रणधीर सिंह ने अपने पद का रोब दिखाते हुए श्रीचंद्र को डराने का प्रयास किया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विरोधी रामचंद्र भी उनके साथ मौजूद था। बाद में कानूनगो सिंह ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से जाने से मारने की धमकी देते हुए स्नेहलता को समस्या निवारण के लिए रात को अपने घर बुलाने की बात की। इस पर परिजनों के गुस्से को देखकर बाद में कानूनगो वहां से भाग गए। भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने परिजनों को साथ लेकर जिलाधिकारी सच्चिदानंद दुबे से मुलाकात कर कानूनगो के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। डीएम ने भी जांच के आदेश दिए हैं। <br/><br/> 


<b>मैनपुरी से वीरभान सिंह</b><br/><br/> 
 ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 2:13:56 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ सहमी हुई हैं कई परिवारों की सांसें ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sahmi_hui_hai_kayi_priwaro_ki_sanse_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sahmi_hui_hai_kayi_priwaro_ki_sanse_983 </guid> <description><![CDATA[ 
भंवर बनने से पाताल में समा रहा आसपास का पानी<br/> 
भयंकर आवाज से निवासियों में दहशत <br/>
हैंडपंपों से भी निकलने लगा हरे रंग का पानी <br/><br/>
मैनपुरी (उत्तर प्रदेश)। अचानक एक इलाके के सारे हैंडपंपों और बोरिंगों से हरे रंग का पानी निकलने की खबर सारे शहर मंे आग की तरह फैल गई। सूचना पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने भी मौके का मुआयना किया। मुआयने के दौरान पास ही खाली पडे़ प्लाटों में भरा गंदा पानी तेजी के साथ जमीन में समाने की कौतूहल भरी आवाज ने स्थानीय निवासियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को भी सकते में डाल दिया। जल निगम के अधिकारियों द्वारा जमीन में पानी समाने की बात तो स्वीकारी गई लेकिन स्रोत का पता लगा पाने में हर कोई नाकाम साबित हुआ। फिलहाल अधिकारियों ने उस स्थान से दूर रहने की सलाह दी है। <br/><br/>

	घटना थाना क्षेत्र कोतवाली के आगरा रोड पर गोपीनाथ बस अड्डा के समीप की है। यहां गोपाल आदर्श गौशाला के नाम से एक गौशाला स्थापित है। इस गौशाला की वर्ष 1960 से देखभाल कर रहे प्रबंधक एडवोकेट रामदत्त शर्मा ने बताया कि पिछले कई वर्षें से वे अपने परिवार के साथ यहां पर रह रहे हैं। बीते दो-तीन दिनों से उनके मकान से सटे खाली प्लाटों में से एक अजीब सी आवाज आ रही थी। बुधवार की रात से वह आवाज ऊंचाई से गिरने वाले झरने की तरह तीव्र और भयावह हो गई। देर रात से ही आसपास के सभी हैंडपंपों और बोरिगांे से हरे रंग का पानी भी निकलने लगा। खौफजदा लोगों ने इस घटना की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रोहिताश कुमार अपने साथियों और जल निगम के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर भरे पानी को देखा और उस भयावह आवाज को भी सुना लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सके। बाद में कुछ लोगों ने बताया कि बहुत समय पहले यहां पर गिहारों ने अपनी झोपडियां बनाईं थीं तथा कई स्थानों पर अस्थायी बोरिंग भी कर रखे थे। बाद में गिहारों ने जाते समय उन बोरिंगों को उखाड़ लिया और गड्ढों को बिना भरे ही चले गए। उस समय से यह स्थान खाली पड़ा है जहां पर अब आसपास की सभी नालियों और बारिश का गंदा पानी भरकर एक़ होता रहता है। पानी भरे होने के कारण यहां पर दलदल जैसे हालात बन गए हैं। अशंकित अधिकारियों द्वारा इस बात से भी इनकार नहीं किया गया कि हो सकता है कि उन्हीं गिहारों द्वारा छोडे़ गए बोरिंगों में से किसी एक में भंवर बन गई हो और आसपास का पानी जमीन में समा रहा हो। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जल निगम के अधिकारियों ने किसी को भी इस क्षे़त्र से दूर रहने की सलाह  दी है। फिलहाल यहां के बाशिंदे खौफजदा हैं और अब तो उनके सामने पीने के पानी की भी समस्या पैदा हो गई है। 
<br/><br/>
मैनपुरी से वीरभान सिंह<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 2:12:28 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ प्रीति जिंटा और नेस वाडिया के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=arrest_warrant_against_preeti_zinta_or_nes_wadia_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=arrest_warrant_against_preeti_zinta_or_nes_wadia_932 </guid> <description><![CDATA[ यहां के एक लोकल कोर्ट ने आईपीएल की किंग्स इलेवन फ्रैंचाइजी के सह मालिक नेस वाडिया, मोहित बर्मन और प्रीति जिंटा के खिलाफ गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया है। इन तीनों पर पर रिटर्न जमा नहीं करने का आरोप है। 
<br/><br/>
इससे पहले इस साल अप्रैल में चंडीगढ़ की एक स्थानीय अदालत ने इसी मामले में इन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किया था। उस समय चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट जे.एस. सिद्धू ने कंपनी रजिस्ट्रार की शिकायत पर यह नोटिस जारी किया था। कंपनी रजिस्ट्रार ने आरोप लगाया था कि मोहाली फ्रैंचाइजी ने अस्तित्व में आने के बाद कोई वार्षिक रिटर्न या बैलेंस शीट जमा नहीं कराई है। 

याचिकाकर्ता के वकील गौरव हुड्डा ने तब कहा था कि 2008 में स्थापित हुई कंपनी (फ्रैंचाइजी) वार्षिक रिटर्न और बैलेंस शीट जमा नहीं करा रही है जो कंपनी अधिनियम के तहत जरूरी है। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 2:12:08 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ किताब में मेरे खून का इस्तेमाल नहीं: सचिन ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=in_book_there_is_no_blood_of_mine_sachin_989 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=in_book_there_is_no_blood_of_mine_sachin_989 </guid> <description><![CDATA[ किताब'तेंडुलकर ओपस'के सिग्न्चर पेज में सचिन के खून के इस्तेमाल की खबर ने न सिर्फ उनके  
फैन्स बल्कि खुद सचिन को भी हैरत में डाल दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस किताब के सिग्न्चर पेज में उनके खून मिलाए जाने की बात में कोई सचाई नहीं है। <br/><br/>

बातचीत में सचिन ने कहा, 'इसमें कोई सचाई नहीं है कि किताब में मेरे खून का इस्तेमाल किया गया है। इसमें सिर्फ मेरी तस्वीरें हैं। यह मेरी आत्मकथा या जीवनी नहीं है।' सचिन ने कहा,'मैं समझता हूं कि यह खबर जानबूझकर टेस्ट मैच के दौरान जारी की गई। चूंकि, मेरा पूरा ध्यान टेस्ट मैच पर था, मुझे इस खबर की जानकरी गुरुवार को ही हुई है। मैं बस इतना कहना चाहूंगा कि किताब में मेरा खून नहीं है।'<br/><br/>
 

गौरतलब है कि पिछले दिनों मीडिया में खबरें आई थीं कि 'तेंडुलकर ओपस' के पब्लिशर्स ने इस किताब का एक विशेष संस्करण लाने का फैसला किया है, जिसके सिग्न्चर पेज में इस मास्टर बैट्समन के खून का इस्तेमाल किया जाएगा। पब्लिशर्स का दावा था कि सचिन की इस आत्मकथा में उनके परिवार की ऎसी दुर्लभ तस्वीरें होंगी, जो पहले कभी प्रकाशित नहीं की गई और उनके करिअर के बारे में उनके विचार होंगे। 

यह आत्मकथा अगले साल फरवरी में रिलीज होगी और इसी समय क्रिकेट वर्ल्ड कप का भी आयोजन किया जाएगा। 
यह किताब गोल्ड लीफ में 852 पेज की होगी। इसकी कीमत 75 हजार अमेरिकी डॉलर यानी 35 लाख रुपये रहेगी। इसकी सिर्फ 10 कॉपियां ही छापी जा रही हैं। इसका वज़न 37 किलोग्राम होगा। किताब आधा मीटर चौड़ी होगी। इसकी सभी 10 कॉपियां पहले ही बुक हो चुकी हैं। सिग्न्चर पेज को हल्का लाल रंग देने के लिए उसमें सचिन का ब्लड मिलाया जाएगा। यह बात पब्लिशर कराकेन मीडिया चीफ एग्ज़ेक्युटिव कॉर्ल फाउलर ने लंदन के गार्जियन अखबार को बताई थी।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 11:40:52 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'मंत्रियों के लिए कोई ऑफिस टाइम नहीं' ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=no_office_time_for_ministers_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=no_office_time_for_ministers_932 </guid> <description><![CDATA[  अगर आप सोचते हैं कि जरूरत पड़ने पर आप ऑफिस टाइम में मंत्री जी के ऑफिस में जाकर उनके सामने 
अपनी बात रख सकते हैं तो आप गलत हैं। कैबिनेट सचिवालय ने मंत्रियों के लिए कोई ऑफिस टाइम फिक्स नहीं किया है। यह बात उसने खुद एक आरटीआई ऐप्लिकेशन के जवाब में कही है। <br/><br/>

देव आशीष भट्टाचार्या ने अपनी ऐप्लिकेशन में जानना चाहा था कि क्या हर एक मंत्री के लिए अपने ऑफिस में आना जरूरी है। यह ऐप्लिकेशन 22 मार्च को पीएम ऑफिस में दाखिल की गई थी जो बाद में कैबिनेट सचिवालय ट्रांसफर की गई। जवाब में सचिवालय की पहली अपीली अथॉरिटी और जॉइंट सेक्रेटरी राजीव कुमार ने बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो बताए कि मंत्री को एक तय समय में अपने ऑफिस में मौजूद रहना होगा। 


भट्टाचार्या ने बताया कि इस जवाब का मतलब हुआ कि केंद्रीय रेलवे मंत्री ममता बनर्जी और यूनियन केमिकल एंड फर्टिलाइजर मंत्री एम. के. अलागिरी जो कि अपने-अपने गृह प्रदेशों में ही अधिकतर वक्त बिताते हैं, उन्हें नियमों के तहत दिल्ली से गैर हाजिर होने के बारे में जवाब नहीं मांगा जा सकता। <br/><br/>


भट्टाचार्या के मुताबिक, मैंने यह ऐप्लिकेशन इस बात से हैरान होकर फाइल की कि क्यों कुछ मंत्री अपने विभागों से गायब रहते हैं और क्या उन्हें ऐसा करने से मना नहीं किया जा सकता। भट्टाचार्या ने सवाल किया कि जब मंत्री सरकार से मोटी पगार और ढेर सारी सुविधाएं लेते हैं तो वे अपनी मिनिस्ट्री का काम देखने के लिए अपने दफ्तर में मौजूद क्यों नहीं रह सकते।<br/><br/>
 ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 10:44:59 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ नित्यानंद से मेरे यौन संबंध नहीं : रंजीता     ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=i_have_not_any_physical_relation_with_nityanand_ranjeeta_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=i_have_not_any_physical_relation_with_nityanand_ranjeeta_932 </guid> <description><![CDATA[ स्वयंभू बाबा नित्यानंद के साथ कथित अश्लील हरकतों वाले विडियो से सुर्खियों में आईं तमिल ऐक्ट्रेस रंजीता ने उनके साथ यौन संबंध होने से इनकार करते हुए टीवी चैनलों पर दिखाई गई फुटेज को फर्जी करार दिया है। 
<br/><br/>
मामले की जांच कर रही बेंगलुरु सीआईडी को दिए गए बयान में रंजीता ने नित्यानंद द्वारा उसका यौन शोषण किए जाने के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि विडियो फुटेज में दिखाई गई महिला वह नहीं बल्कि कोई और थी। 

सीआईडी के सूत्रों ने बताया कि रंजीता ने नित्यानंद से यौन संबंध होने से इनकार करते हुए कहा कि वह एक या दो बार उनके कमरे में गई थीं। 


लोकल टेलिविजन चैनलों पर उन्हें नित्यानंद के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाए जाने के बारे में पूछने पर रंजीता ने कहा पूरा विडियो बनावटी है। सूत्रों ने बताया कि फरेंसिक लैब में उस टेप का विश्लेषण किया गया है और उसने इसे असली पाया है। गौरतलब है कि नित्यानंद ने यू-ट्यूब पर प्रसारित कार्यक्रम में रंजीता को एक संजीदा और विनम्र भक्त करार देते हुए इस प्रकरण से उसे तथा उसके परिवार को हुई तकलीफ पर दुख जाहिर किया था। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 10:33:36 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ गुजरात के गृह राज्यमंत्री अमित शाह का इस्तीफा ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=resign_of_home_state_minister_amit_shah_gujrat_984 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=resign_of_home_state_minister_amit_shah_gujrat_984 </guid> <description><![CDATA[ सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में फंसे गुजरात के गृह राज्यमंत्री और मुख्यमंत्री 
नरेंद्र मोदी के करीबी सहयोगी अमित शाह ने शनिवार को राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। 
<br/><br/>
दिल्ली में राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में शिरकत करने आए मोदी ने कहा, 'जैसे ही मैं दिल्ली पहुंचा, मुझे सूचना मिली कि अमित शाह का इस्तीफा गांधीनगर स्थित मेरे निवास पर पहुंच चुका है। लौटने के बाद मैं इसे स्वीकार कर लूंगा और औपचारिकताएं पूरी करूंगा।' क्या शाह के इस्तीफे से यह माना जा सकता है कि वह दोषी हैं? इस पर मोदी ने कहा, 'हम इसे कबूल कर रहे हैं क्योंकि संविधान के तहत कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होती है।' उन्होंने कहा, 'शाह इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और मुझे पूरा विश्वास है कि जुडिशरी उन्हें न्याय देगी।' 

शाह का इस्तीफा सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल करने के एक दिन बाद आया है। शाह पर नवंबर 2005 में कथित गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्नी कौसर बी के अपहरण और हत्या का आरोप है।। शाह के खिलाफ सीबीआई ने शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की थी। इसी के बाद यह लगभग साफ हो गया था कि इस मामले अमित शाह के पास इस्तीफा देने के सिवा कोई चारा नहीं है। 
<br/><br/>
इससे पहले अडिशनल चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट ए. वाई. दवे की कोर्ट में दाखिल इस चार्जशीट में शाह के अलावा अभियुक्त बनाए गए प्रमुख लोगों में डीआईजी डी. जी. वंजारा, एसपी राजकुमार पांडियन और एम. एन. दिनेश और डीएसपी एम. एल. परमार और एन. के. अमीन भी शामिल है। आरोपपत्र में आईपीसी की धारा 120-बी (साजिश रचने), धारा 342 (बंधक बनाने), धारा 364 (अपहरण और हत्या के लिए अगवा करने), धारा 365 और 368 के तहत इल्जाम लगाया गया है। 

सीबीआई प्रवक्ता हर्ष भाल ने कहा कि आरोपपत्र में धारा 384 (जबरन वसूली), धारा 302 (हत्या) और धारा 201 (महत्वपूर्ण सुबूतों को मिटाने) को भी शामिल किया है। भाल ने कहा कि गृह राज्यमंत्री शाह को सीबीआई कार्यालय में पेश होने के लिए 22 और 23 जुलाई को समन जारी किए गए थे। वह हाजिर नहीं हुए, लिहाजा उनसे पूछताछ किए बगैर ही आरोपपत्र दाखिल कर दिया गया। सीबीआई ने अदालत से जांच जारी रखने की गुजारिश की थी, ताकि मामले में बड़ी साजिश की जांच की जा सके। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 10:31:31 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ फर्जी फैकल्टी के सहारे चल रहे निजी विद्यालय ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=private_schools_are_running_with_help_of_fake_faculty_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=private_schools_are_running_with_help_of_fake_faculty_032 </guid> <description><![CDATA[ - शिक्षा विभाग की अनदेखी से गली-कूचों में संचालित स्कूल<br/>
- आवासीय स्कूल बने माजाक<br/>
- विद्या के कई मंदिर बने मौज मस्ती के अड्डे<br/><br/>
छतरपुर(रवि गुप्ता)। शिक्षा में व्यवसायीकरण होने के एक नहीं कई प्रमाण है। अगर देखना है तो छतरपुर जिले के नौगांव विकासखण्ड में असानी से देखे जा सकते है। यहां निजी विद्यालयों के संचालक हाई-पाई शिक्षा के नाम पर बच्चों के अभिभावकों को सरेआम ठग रहे है। चाहे यूनिफार्म हो या किताबे सभी में लूट मची हुयी है और अभिभावक भी बाही ताम-झाम और हाईटेक विज्ञापनों व संचालक की फर्जी बातों के झांसे में आसानी से फंस जाते है जो बिना जानकारी बच्चों को प्रवेश दिला देते है और जब विद्यालय की जानकारी होती है तो तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। वहीं अनुदान प्राप्त विद्यालयों के संचालक संदेह के घेरे में है।<br/><br/>
	नियम ताक पर चल रहे निजी स्कूल नगर में अधिकतर प्राईवेट स्कूलों द्वारा छात्र सहित अभिभावको के साथ छलावा किया जा रहा है। तीन चार कमरों में स्कूल चला रहे संचालक सुविधा के नाम पर अभिभावकों से मोटी रकम बसूल रहे है। नगर में चल रहे अधिकतर प्राईवेट स्कूलों में कागजो में सुविधाएं एकत्रित कर मान्यता ली है लेकिन स्कूलों की वास्तविक हालत कुछ और ही बयां करते है। दरअसल प्रत्येक प्राईवेट स्कूल को हर सत्र के शुरू होने पर जिला शिक्षा विभाग कार्यालय से मान्यता लेनी होती है और मान्यता के लिये स्कूलों को शिक्षा अधिनियम 2005 और शिक्षा अधिनियम 2009 के मापदण्डों का पालन करना होता है। इसके अनुसार मिडिल हाईस्कूल सहित हायर सेकेण्ड्री स्कूल के मान्यता के लिये एक निर्धारित गाईड लाईन तैयार की गयी है।<br/><br/> 
सत्र 2010-11 के लिये जिन स्कूलों ने मान्यता के लिये आवेदन दिये है उन्होंने 2009 की गाईड लाईनों का पालन नहीं किया है हालत इस तरह खराब है कि सकरी गलियों एवं सघन गलियों के दो तीन कमरों में निजी विद्यालय संचालित है। <br/>
	क्या है नियम  प्राईमरी स्कूल के खोलने के लिये स्वयं की 4 हजार वर्गफीट की भूमि होना चाहिए। मिडिल हाईस्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूल के भूमि का निर्धारण अलग-अलग हो। स्कूल के पास बच्चों के खेलने के लिये खुली जगह या खेल का मैदान हो। स्कूल में पुस्तकालय होना चाहिए जिसमें धर्म, जाति सहित भारी सरकार शासन की ओर से प्रतिबंधित पुस्तकों को नहीं रखा जाये। प्रयोगशाला फर्नीचर व्यवस्था, उचित पेयजल, विद्युत व्यवस्था होनी चाहिए। स्वास्थ्य परीक्षण, शारीरिक प्रशिक्षण समय पर होना चाहिए। वित्तीय व्सवस्था के साथ अध्यापक व्यवस्था होनी चाहिए। इसमें शसन के पाठ्यक्रम की गतिविधियों का संचालन किया जाये और एक कक्षा में 30 से अधिक छात्रों को नहीं होना चाहिए।<br/><br/> 
	जांच में हो सकते है खुलासे  नगर में ऐसे भी विद्यालय संचालित है जो समूहों में चल रहै जो अन्य स्कूल व कॉलेज में फैकल्टी दर्शाते है इसके लिये संचालक फर्जी नामों का सहारा लेने से भी नहीं हिचकते। साथ ही फेकल्टी को कम वेतन देकर अधिक देना दर्शाया जा रहा है।<br/>
	फीस अधिक सुविधा कम नगर में कई ऐसे विद्यालय भी है जो फीस अधिक लेकिन सुविधाए कम दे है। उदाहरण के तौर पर विद्युत व्यवस्था की सुविधा के नाम पर शुल्क तो लिया जा रहा है लेकिन कटौती के चलते जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। फिर भी विद्युत व्यवस्था का शुल्क लिया जा रहा है। सीबीएससी स्कूलों के लिये कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि स्कूल अपने स्तर पर फीस वृद्धि नहीं कर सकते सरकार की अनुति देने के बाद ही वृद्धि कर सकते है लेकिन यहां एक भी विद्यालय पालन नहीं कर रहा है। <br/>
 	अवैध बसें हैं निजी स्कूलों में अटैच नगर के स्कूलों में नियमों के विरूद्ध बसों का संचालन किया जा रहा है। जिनके दस्तावेज की जांच की जाये तो स्वत: ही प्रमाण मिल जायेंगे,क्योंकि नगर में महानगरों से आयी कई कबाड़ बसें रंग रोगन होकर संचालित है जो सवारियों के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राओं को आने- ले जाने में संलग्र है जिसमें बस का स्टाफ भी अप्रिशिक्षत होता है। अगर कभी कोई हादसा हो जाए तो बच्चों की जान जोखिम में पड़ सकती है। साथ ही ऐसे भी चार पहिया वाहन लगे है जिनका स्टाफ शराब का आदि है। वहीं जो बच्चे बसों एवं चार पहिया वाहन में बैठकर जाते है उनके खिड़कियों से हाथ व सिर बाहर निकलते है। जिससे हादसे की शंका बनी रहती है। <br/><br/>
	इतना ही नही नियमानुसार स्कूल वाहनों में एक मॉडल टीचर नियुक्त रहना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं अभिभावकों को स्कूल वाहनों का निरीक्षण करना होता है लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहे है और इन बसों पर जब तक प्रशासन का नियंत्रण नहीं होगा तब तक यह भर्राशाही हादसे में बदल सकती है।
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/24/2010 10:05:58 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ अपना भारत जल रहा है ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=our_india_is_burning_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=our_india_is_burning_983 </guid> <description><![CDATA[ भारत वर्ष में आज अशांति का माहोल है!सारा देश जल रहा है!मेरी बात से सहमत कम लोग ही होंगे !लेकिन ये सच है कि सारा देश जल रहा है! हम ने पढ़ा है कि उत्तर से ले कर दक्षिण तक माने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूर्व से लेकर पश्चिम तक सारा भारत एक है!तो अज अगर उत्तर में कश्मीर में अशांति है मध्य में छत्तीसगढ़ में नक्सालवाद चरम पर है पूर्व में भी अलगाववाद पनप कर फैल रहा है! तो कह सकते है कि सारा भारत जल रहा है! लेकिन क्या देश के लोग यह समस्या का आने वाला रूप देख प रहे है? कुआ हम जानते है कि जो अज ये उत्तर पूर्व या खी और हो रहा है कल कही भी हो सकता है! हम नही जानते न ही जानना चाहते!क्यों कि हम ने देश का ठेका एक सरकार के रूप में किसी पार्टी को दे रखा है ! सभी राजनीतिक दल ही इसके ठेकेदार है!हमने वोट दे दिया अब वो जाने उनका देश जाने! ऐसा सोचने वाले लोग भी है और विडंबना ही है कि अधिक संख्या में है!इसी आदत कि वजह से आज हम सुरक्षित नही है! वोट देना हमारा अधिकार है लेकिन कर्त्तव्य क्या है कोई नही जनता!वोट दे कर हमने अपना प्रतिनिधि को चुना लेकिन वो केसे काम करे यह सब बताने का अधिकार और कर्त्तव्य भी आम मतदाता का है! कश्मीर से शुरू करे तो देखने में आता है कि वहा हालात बिगाड़े गये है! आग लगाई गयी है!जम्मू और कश्मीर एक राज्य है! लेह लाद्दक्ह भी इसी में आता है! सीमाए पाकिस्तान और चीन से लगती है हर तरह से संवेदनशील है ये प्रदेश! इसके लिए केंद्र ने क्या नीति बनाई समझ से परे है! थोडा इतिहास में जाए तो कश्मीर पर पाकिस्तान कि नज़र बराबर लगी है १९४८ से युद्ध का सफ़र शुरू किया पाकिस्तान ने और १९९९ तक चला! आगे थमेगा इसकी कोई उम्मीद नही है! लेकिन इस सब में एक तरह से हार भारत कि हुई क्यों कि भारत कि कुछ भूमि पाकिस्तान ने कब्ज़ा ली और युद्ध विराम नीति के कारण कब्ज़ा कर बैठ गये! फिर कश्मीर में अलगाव वाद को हवा देने का काम कांग्रेस ने भी किया .! जब जम्मू और कश्मीर भारत का अंग है तो अलग कानून ,निशान झंडा देने का औचित्य क्या है? कश्मीर से कश्मीरी पंडितो को भगा दिया तो कोई कुछ नही बोला! कश्मीर कि घटी को हिन्दू विहीन किया गया! कोई नही बोला!किसी ने न्निन्दा करने कि हिम्मत दिखाई हो तो अलग बात नही तो झूठी  धर्मनिरपेक्षता का नाच दिखाया गया!आज अलगाव वाद चरम पर है और कौन है इसके पीछे ये भी पता है जिसे पता नही है उसके लिए पिछले दिने मीडिया ने खुलासा भी किया है!सभी मानवाधिकार आयोग,ये आयोग वो आयोग, यह लेखक वो सामाजिक कार्यकर्ता चुप है!कही उनकी छदम धर्मनिरपेक्षता को ठेस न पहुंचे!रे मेरे देश के वीर सपूत दिन रात विषम परिस्थितियों में देश कि रक्षा कर रहे है!और जिसके लिए यह सब हो रहा है वो फौजी भाइयो पर पत्थर बरसा रहा है! कहा है फौजी भाइयो का मानवाधिकार?<br/><br/>

   <b>सरकार जानती है लेकिन कही कोई खास नाराज़ न हो जाए ऐसी नीति है<b/>...<br/>
मेरे फौजी भाई मरे तो मरे लेकिन वोट बैंक ख़राब न हो जाए कही! ऐसी चिंता सरकार को खाए जा रही है!मुसलमान नाराज़ हो जाएगा!क्यों नाराज़ होगा? नही नाराज़ होगा इस देश का हर एक देशभक्त नागरिक कभी नाराज़ नही होगा, मुस्लिम खुश होगा कि उनके इस्लाम को बदनाम करने वाले तत्वों को सजा मिलेगी! लेकिन इस देश में एक वर्ग ऐसा है जो मुस्लिम को इकठा रखता है! केसे इकट्ठा रखता  है ...जो भी देश द्रोही है उसको जोड़ के रखता है! कोई भी आदमी जिस भी समुदाय से है देशद्रोही है तो वो कोई भी धर्म का नही है! ऐसे में तुष्टिकरण कि नीति क्या है ये सोच?<br/><br/>

कश्मीर में कार्यवाही से इतना डर क्यों!क्यों ऐसा माहोल बनाते है कि मुस्लिम पर कार्यवाही हो रही है१ वहा एक देशद्रोही पर कार्यवाही करनी है,चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम या कोई और!!!१
मुस्लिम समुदाय को परोक्ष रूप से क्यों घसीटा जाता है?ये एक वोट बैंक कि साजिश है!<br/>
नक्सालवाद कि समस्या क्यों है? क्या बात है कि लोग आम ज़िन्दगी को छोड़ कर बन्दूक और गोली से खेल रहा है!क्या दे रही है सरकार, जो इनको इतना बुरा लग रहा है कि बन्दूक उठाने को मजबूर है? यदि नही है तो मतलब वो आतंकवादी है! यदि ऐसा है तो क्या सरकार इस से निपटने में असमर्थ है? न आतंकवाद से निपटा जाया जा रहा है न नाक्सालवाद से??? तो क्या आन्तरिक सुरक्षा? गोली मारे तो मानवाधिकार आगर आता है.यदि सी आर पी एफ्फ़ के जवान को मर दे नक्सली तो कुछ नही! सरकार बताए कहा गलती हुई? क्या सुधार कि उम्मीद है! नाक्सालियो से बात नही कि जाएगी! तो क्या जवान फेंके जाएँगे उनके सामने ?<br/><br/>
नीति नही है कोई तो बड़ी बड़ी देंगे क्यों हांकी जा रही है कोन बेवकूफ बन रहा है! आम आदमी ! यह वो कांग्रेस का आम आदमी नही है ये भारत वर्ष का आम आदमी है जो वोट दे कर उम्मीद कि नजरो से देखता है! ये आम आदमी इस देश का नागरिक है! अज भारत जल रहा है इसके लिए कई तत्व जिम्मेवार है! लेकिन ये वक़्त दोषारोपण करने का नही बल्कि दोष को  सुधरने का है!! दोष सुधारे, आम जनता कि उम्मीदों को पहचाना जाए कि वो क्या छह रहा है! देह हित देखे कि देश कहा जा रहा है१ अब बहुत हो गयी नौटंकी! युवा ध्यान दे कि उनका भविष्य डूब रहा है! इसे बचाने कोन आएगा! हमें खुद हे जंग क मैदान में कूदना होगा! सरकार सुधार करे ..नौटंकी राजनीतिज्ञ सुधार करे नीति निर्धारक सुधार केरे, ये चेतावनी है युवा आवाहन है!<br/><br/>
<b>हम उबलते हैं,तो भूचाल उबल जाते हैं .<br/>
हम मचलते हैं,तो तूफ़ान मचल जाते हैं .<br/>
हमको बदलने की कोशिश मत करना ,<br/>
क्योंकि हम बदलते हैं तो इतिहास बदल जाते हैं</b><br/><br/>

वन्देमातरम

<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/23/2010 11:31:49 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ अंग्रेजों के बंगलों पर आर्मी का कब्जा, चर्च को भी अपना बताया ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=angrejo_ke_banglo_psr_army_ka_kabja_charch_ko_bhi_apna_bataya_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=angrejo_ke_banglo_psr_army_ka_kabja_charch_ko_bhi_apna_bataya_932 </guid> <description><![CDATA[ 	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश बुन्देलखण्ड के छतरपुर जिले में अंग्रेजी शासन के समय राजा महाराजाओं के रहने के लिए जो नौगाॅव क्षेत्र में 36 बंगला बनाये गये थें , देश आजाद होने के बाद उपरोक्त बंगलों पर नौगाॅव नगर के ऐसे लोगो ने आधिपत्य कर अपना मालकाना हक जमा लिया था लेकिन उपरोक्त बंगलों एवं उनसे लगी भूमि रक्षा मंत्रालय में सेना के नाम से चली आ रही थी। मध्य प्रदेश राज्य सरकार की स्थापना 1 नवम्बर 1956 में होने के बाद पहली बार  म0प्र0 भू0रा0 सं0 1959 का बनाकर भूमि अचल संपत्ति के नियम बनाये गये। इन्ही नियमों के तहत नौगाॅव में स्थित 36 बंगलों में कुछ बंगलों को होशियार व प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपना नाम भूमि स्वामी स्वत्व पर अंकित करा लिये लेकिन नौगाॅव में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार श्री बी0एल0 मिश्रा ने उपरोक्त बंगलों की फाइलों को खोल कर नौगाॅव के बंगलों को सरकारी घोष्।ित कराने केलिए तत्कालीन जिला कलेक्टर श्री सत्यप्रकाश को फाइल दी गई जिस पर जिला कलेक्टर ने नजूल विभाग को जाॅच रिपोर्ट सोपने को कहा , नजूल शाखा ने अपने आदेश क्र. 325 /नजूल/86 दिनंाक 13 -11-1986 के अनुसार नौगाॅव के अनेक बंगलों को सरकारी घोष्।ित किया गया। यदि यह बंगला एवं उनसे लगी भूमि मध्य प्रदेश ष्शासन की है तो जिला प्रशासन इन बंगलों की  भूमि पर अपना कब्जा व आधिपत्य क्यो दर्ज नही करवा रहा है। नौगाॅव तहसील कार्यालय अभिलेख में आज भी अनेक बंगलों की भूमि सरकारी दर्ज है तो ऐसे बंगलों के काबिज व्यक्तियों पर मध्य प्रदेश भू0रा0सं0 1959 की धारा 248 के प्रकरण क्यो दर्ज नही किये जा रहे है।   <br/><br/>
		नौगाॅव के 36 बंगलों में से 18 बंगलों को भूमि स्वामी होने के कारण छोड़कर 18 बंगलों एवं उनसे लगी भूमि को सरकारी घोषित किया गया जिसमें नौगाॅव की आधे से अधिक आवादी बंगलों पर बसी है। उपरोक्त कलेक्टर के आदेश के बाद उपरोक्त बंगलों में स्थित भूमि/भवन/प्लाट के क्रय-बिक्रय पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया तथा नगर पालिका ने नामान्तरणाों पर रोक लगा दी है। उपरोक्त आदेश के पालन में नगर पालिका एवं राजस्व विभाग की ढील के कारण लगातार सरकार बंगलो पर अतिक्रमण बढ़ता चला गया  लेकिन पिछले एक साल से नौगाव आर्मी के कप्तान अपने उच्च अधिकारियों के साथ नौगाव का भंरमण करने के बाद चाॅदमारी क्षेत्र की भूमि तथा नौगाव आर्मी कालेज के आस पास बने बंगलांे एवं अंग्रेजों की चर्च जिसस पर बर्तमान में ईसाई समुदाय अपना कब्जा किये है पर आर्मी सेना ने अपने बोर्ड लगा कर रक्षा मंत्रालय की  भूमि घोषित कर दी हैं इस प्रकार के बोर्ड लगाये जाने के बाद से नौगाॅव नगर की जनता भयभीत हो रही है कि कहीं उनके मकान व आवासीय प्लाट व खेंती की भूमि पर कहीं आर्मी के अधिकारी अचानक कब्जा करना शुरू न करदे तो कहीं के न रहेगे । रक्षा मंत्रालय ने इसके पूर्व अनेक बोर्ड लगाये  और राजनैतिक दववा या व्यक्तिगत तौर पर समझौता कर बोर्ड हटा भी लिये है। इस कार्यावाही पर स्थानीय प्रशासन चुप्पी साधे है। यदि मध्य प्रदेश शासन की भूमि है जो बंगलों की भूमि पर सरकार को कब्जा करना चाहिये । <br/><br/>

		रक्षा मंत्रालय के बोर्ड के कारण नौगाॅव नगर के उपरोक्त बंगला एवं उनसे लगी करोड़ों रूपयो की आराजी अब संदेह के घेरे में हैं अनेक लोग रक्षा मंत्रालय जाने की फिराक में है वही कानून के बिशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। बर्तमान नौगाव के राजस्व अधिकारियों ने बंगलों की भूमि के नामान्तरण एवं डायबर्सन पर किसी आधार पर रोक लगा रखी है यह नही बता रहे है लेकिन राजस्व अधिकारी कोई भी निर्णय लेने में सक्षम दिखाई नही देने से आम जनता भी परेशान हो रही है। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/23/2010 10:23:06 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ आसानी से मिल जाते हैं नशीले पदार्थ  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=asani_se_mil_jate_hai_nasheele_products_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=asani_se_mil_jate_hai_nasheele_products_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर, डॉ. राम कुमार- मो. 9407367208।<br/> 
नशा इंसान को वहशी दरिंदे में तब्दील कर देता हैं। अच्छे- बुरे की तमीज खत्म हो जाती है। अफीम अवसाद की स्थिति में पहुंचाती है , गांजा काल्पनिक दुनिया में ले जाता हैं। शराब मानसिक अवरोधों को दूर कर नतीजों के प्रति लापरवाह बना देती है। नाइट्रोजन का नशा करने वालों को भान ही नहीं रहता कि वे क्या कर रहे हैं। खुलओम बिक रही नशीली दवाओं के बुरे परिणाम समाज के सामने आते जा रहे हैं। नशा किस तरह नशेडी की मानसिक दशा बदलता है,उसका विकेषण किया। नशमुक्ति केन्द्रों के पदाधिकारियों के अनुसार नशा इंसान की सही निर्णय लेने की क्षमता खत्म कर देता है। चारों हत्यारों ने अफीम , गांजा, शराब और नाइट्रोजन जैस के सभी नशे एक साथ किए , जिससे उनकी सोचने-समझने की क्षमता जाती रही। चारों तरह के नशों का सिम्मश्रण घातक प्रभाव पैदा करता है। अरसे से नाइट्रोजन के नशे में हो रहे अपराधों की खबरें चर्चा में है। नाइट्रोजन की शुरूआत भले ही एक गोली से हो, लेकिन बाद में नशेडी चार गोलियां एक साथ खाने लगते है। नश के की लत के चलते कुछ अरसे बाद वे एक दिन में 20-20 गोलिया तक खाने लगते हैं। शहर में शराब बिक्री का चलन पहले से अधिक हुआ हैं। अपराधों में वृद्धि का यह भी एक बडा कारण हैं। स्वास्थ्य विभाग और ड्रग कंट्रोलर ठीक से काम कर रहे होते तो नाइट्रोजन खुले तौर पर बिना पर्ची के नहीं-बिक रही होती। यह कहना है एक होलसेलर औषधि विक्रे ता का। नाम न छापने की शर्त पर इस दुकानदार ने बताया कि नाइट्रोजन जैसी कई दवाएं बिना पर्ची के बिकना आम बात हैं। नींद की कई गोलिया काउंटर से बिना पर्ची के बिक रही हैं। शेडूल एच के अंतर्गत आने वाले वाली कई दवाएं काउंटर से सेल की जाती हैं। इनका न तो रिकॉर्ड रखा जाता है और न ही केश मैमो दिया जाता हैं। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/23/2010 11:39:44 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बाहरी खाना खाने से मुफ्त में मिल रही बीमारियां  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=desease_are_povide_free_from_outside_food_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=desease_are_povide_free_from_outside_food_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर, डॉ. राम कुमार- मो. 9407367208।<br/><br/>

 चाट, समोसा या पानी पुरी, घर के बाहर का यह खानपान, नाश्ता और बरसात का मौसम, यह सब बीमार करने के लिए काफी है। इन दिनों अस्पतालों में अमीबायोसिस सहित पेट की विभिन्न बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। साथ ही घर के बाहर कागज की प्लेट और अखबार के टुकड़ों पर परोसा जाने वाला स्वल्पाहार संक्रमण का शिकार बन सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे खाने से विषक्तता के साथ बैक्टीरिया और वायरस से होने वाली तमाम बीमारियों के पीड़ित अस्पतालों में पहुंचते हैं। डॉक्टरों ने बताया कि ऐसी बीमारियों के मरीज हमेशा यह जानकारी देते हैं कि उन्होंने क्या खाया है जबकि कैसे कहां और किस बर्तन पर रखकर खाना खाया, इस पर कोई ध्यान नहीं देता। जबकि लंबे समय तक इस तरह का सेवन स्वास्थ्य के लिए घातक हो सता है। मेडिसन विशेषज्ञ के अनुसार कई मरीज बार-बार पेट खराब और फूड पाइजनिंग के शिकार होते हैं। जिसका मुख्य कारण घर के बाहर का खानपान है। अखबार के टुकड़ों या कागज की प्लेट में लगी स्याही तो भोजन विषाक्त कर सकती है। साथ ही सड़क पर लगे ठेलों के खाद्य पदार्थों में धूल, मिट्टी, धुएं से वैक्टीरिया और वायरस मिल जाते हैं। जो कि अमीबायोसिस और टाईफाइड, पेट के संक्रमण आदि होने की प्रबल आशंका होती है। जीएमसी के मेडिकल विभागाध्यक्ष डॉ. वीके शर्मा के अनुसार घर बाहर के खानपान जो कि हाइजैनिक परिस्थिति में न हो बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसे खाने में बैक्टीरिया, वायरस हो सकते हैं। अक्सर लोगों को होने वाला संक्रमण वैक्स सरेस पर खाने से होता है। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/23/2010 11:34:39 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ पेट्रोल-डीजल पर बिक्रीकर घटाएं राज्य : केंद्र  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=state_less_sales_tax_on_petrol_desel_central_978 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=state_less_sales_tax_on_petrol_desel_central_978 </guid> <description><![CDATA[ पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक बार फिर राज्यों से पेट्रोल, डीजल पर बिक्रीकर घटाने की अपील की है। मंत्रालय ने कहा है कि महंगाई पर काबू तथा जनता को राहत देने के लिए राज्यों को परिवहन ईंधन पर बिक्रीकर में कमी करनी चाहिए।
<br/><br/>
पेट्रोलियम राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने गाजियाबाद के लोगों को शहरी गैस वितरण नेटवर्क समर्पित करते हुए कहा, ‘ईंधन की कीमतों में वृद्धि के बाद उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को पेट्रोल, डीजल पर 350 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। ऐसे में राज्यों को बिक्रीकर का बोझ कम करना चाहिए।’ उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पर बिक्रीकर की दर 26.55 प्रतिशत तथा डीजल पर 17.23 फीसद है।

हाल में दिल्ली सरकार द्वारा डीजल पर मूल्यवर्धित कर (वैट) को घटाने का उल्लेख करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों को इसी से संकेत लेते हुए बिक्रीकर में कटौती करनी चाहिए।

पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा भी इससे पहले कह चुके हैं कि राज्यों को ईंधन पर बिक्रीकर तथा वैट की दर घटानी चाहिए लेकिन दिल्ली के अलावा किसी अन्य राज्य ने अभी तक इस अपील पर ध्यान नहीं दिया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुमान के अनुसार, राज्यों को पेट्रोल, डीजल की कीमतों में हाल में हुई बढ़ोतरी से वर्तमान वैट तथा बिक्रीकर दरों पर 3,942.91 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी।

महाराष्ट्र जैसे राज्य को जहां 550 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, वहीं आंध्र प्रदेश को 410 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी। भाजपा शासित गुजरात को 285 करोड़ रुपये तथा कर्नाटक को 298 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 10:43:17 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ पिल्लै पर कृष्णा के बयान से रहमान मलिक खुश  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rahman_malik_happy_from_Statement_of_krishna_on_pillai_933 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rahman_malik_happy_from_Statement_of_krishna_on_pillai_933 </guid> <description><![CDATA[ मुंबई हमले में आईएसआई की भूमिका से संबंधित गृह सचिव जीके पिल्लै के बयान को गलत समय पर दिया गया बयान बताने की विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की टिप्पणी का पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने समर्थन किया है। <br/><br/>

मलिक ने ट्विटर पर लिखे अपने संदेश में इस सकारात्मक बयान के लिए नई दिल्ली को धन्यवाद दिया है।

मलिक ने नेटवर्किंग साइट ट्विटर पर लिखा, "हम भारत के प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की इस बात के लिए प्रशंसा करते हैं कि उन्होंने अपने सहयोगियों को नकारात्मक बयान न देने की सलाह दी है, इस सकारात्मक बयान के लिए धन्यवाद।"

बुधवार को एक टीवी चैनल पर दिए साक्षात्कार में कृष्णा ने पिल्लै के बयान का बचाव किया था लेकिन विदेश मंत्री स्तर की बातचीत से एक दिन पहले ही यह बयान देने की आवश्यकता पर प्रश्नचिन्ह लगाया था। कृष्णा ने कहा, "इस वार्ता की पूर्व संध्या पर यह बयान न देना समझदारी होती।"

इस्लामाबाद में 15 जुलाई को संयुक्त पत्रकार वार्ता में कुरैशी ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर कार्रवाई के बारे में सवाल पूछे जाने पर कहा था कि भारत के गृह सचिव द्वारा दिया गया बयान अनावश्यक था।<br/><br/>      ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 10:37:49 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ लारा देंगी प्रियंका को टक्कर ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=lara_will_challange_priyanka_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=lara_will_challange_priyanka_032 </guid> <description><![CDATA[ लारा दत्ता अपनी आने वाली फिल्म 'डॉन 2'के लिए अपना लुक चेंज करने का प्लान बना रही हैं। सूत्रों के मुता 
बिक फिल्म में वह और ज्यादा ग्लैमरस लुक में नजर आएंगी। जाहिर है कि लारा को यह सब इसलिए करना पड़ रहा है,क्योंकि अबकी बार उनका मुकाबला प्रियंका चोपड़ा जैसी टॉप हीरोइन से जो है। हालांकि इससे पहले ये दोनों हीरोइनें फिल्म अंदाज में भी साथ काम कर चुकी हैं,लेकिन उस वक्त दोनों मिस वर्ल्ड और यूनिवर्स अवॉर्ड जीतने के बाद शुरुआत की थी,इसलिए वे काफी हद तक बराबर ही थीं। <br/><br/>


लेकिन अब प्रियंका चोपड़ा की गिनती बॉलिवुड की टॉप हीरोइनों में होती है। इसलिए एक्स मिस यूनिवर्स लारा दत्ता 'डॉन 2'को एक नए चैलेंज के रूप में देख रही हैं।जाहिर है कि इतनी जल्दी लारा अपने एक्टिंग के अंदाज में तो बदलाव ला नहीं सकतीं,इसलिए वह अपना लुक ही बदलने की सोच रही हैं। आपको बता दें कि हाल ही में लारा को एक बड़ी मैगजीन ने शाहरुख खान के साथ अपने कवर के लिए शूट किया है। 

अब देखना यह है कि लारा अपने लुक के साथ-साथ एक्टिंग में भी कुछ सुधार कर पाती हैं या नहीं!  <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 10:30:37 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बैंकों के नाम मराठी में लिखे जाएं: शिवसेना ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=name_of_banks_write_in_marathi_shivsena_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=name_of_banks_write_in_marathi_shivsena_932 </guid> <description><![CDATA[ शिवसेना के एक विधायक ने मंगलवार को विधान परिषद में मांग की कि राज्य में सभी बैंकों को अपने साइ 
न बोर्ड एक महीने के अंदर मराठी में लिखना चाहिए। 

दिवाकर राउते ने सदन में कहा, 'सभी बैंकों के नाम एक महीने के अंदर मराठी भाषा में लिखे जाने चाहिए। उनके नाम मराठी भाषा में अनूदित होने चाहिए, अन्यथा शिवसेना इसके खिलाफ प्रदर्शन करेगी।' वह राज्य सरकार द्वारा हाल में स्थापित मराठी विभाग पर चर्चा में भाग ले रहे थे। 

उन्होंने मांग की कि हाउसिंग निकाय म्हाडा द्वारा जारी फार्म भी मराठी भाषा में उपलब्ध किए जाने चाहिए।  ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 10:23:54 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ धोनी को श्रीशांत-जहीर याद आए           ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dhoni_missed_srisant_or_zaheer-932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=dhoni_missed_srisant_or_zaheer-932 </guid> <description><![CDATA[ कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में 10 विकेट की करारी हार के बाद कहा कि 
टीम को जहीर खान और एस. श्रीशांत की कमी खली। उन्होंने कहा कि इन दोनों अनुभवी तेज गेंदबाजों की गैरमौजूदगी से हमारा आक्रमण कमजोर हो गया। <br/><br/>

धोनी ने इसके साथ ही कहा कि वह इशांत शर्मा और अपने पहला टेस्ट मैच खेल रहे अभिमन्यु मिथुन के प्रदर्शन से खुश हैं। उन्होंने कहा कि यहां की परिस्थितियों को देखते हुए आपको थोड़े अनुभव की जरूरत होती है, इसलिए हमें अपने सीनियर तेज गेंदबाजों की कमी खली। 

धोनी ने स्वीकार किया कि उनकी टीम मैच में केवल एक सेशन में ही अच्छा परफॉर्म कर पाई और यह सीरीज की आदर्श शुरुआत नहीं है। उन्होंने कहा, 'कोई भी सीरीज की ऐसी शुरुआत नहीं चाहता, हम 15 में से केवल एक सेशन में ही अच्छा खेल दिखा पाए। हालांकि इस मैच में भी हमारे लिए कुछ पॉजिटिव पक्ष रहे। सहवाग ने अच्छी बल्लेबाजी की, जबकि मिथुन ने अपने पहले मैच में गेंदबाजी से प्रभावित किया।' 

धोनी ने मुथैया मुरलीधरन को 800 विकेट हासिल करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, 'मुरली के लिए यह खास क्षण था। मुझे खुशी है कि वह 800 विकेट के जादुई नंबर तक पहुंचने में सफल रहा। हमें पता था कि वह इस मैच में अपना बेस्ट करने की कोशिश करेंगे लेकिन इससे हम दबाव में नहीं थे।'<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:59:35 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ पटना में आरजेडी कार्यकर्ताओं पर बरसीं लाठियां ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=patna_me_rjd_workers_pr_barsi_lathiyan_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=patna_me_rjd_workers_pr_barsi_lathiyan_932 </guid> <description><![CDATA[ कैग की रिपोर्ट में बिहार सरकार के विभागों में कथित घोटाले और विधानमंडल से विपक्षी सदस्यों को सस्पेंड किए जाने के विरोध में आरजेडी की छात्र इकाई दके प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने जमकर लाठियां भांजीं। आरजेडी कार्यकर्ताओं ने भी पथराव किया, जिससे एक डीएसपी सहित 14 पुलिसकर्मियों को चोटें लगीं। 
<br/><br/>
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरजेडी के प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना के आर ब्लॉक चौराहे के पास गेट को तोड़कर विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की और पुलिस पर पथराव किया। इसमें सचिवालय पुलिस डीएसपी राजेश कुमार सहित कुल 14 पुलिसकर्मी घायल हो गए। छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजीं, जिसमें एक छात्र घायल हो गया। घायल छात्र को इलाज के लिए पटना मेडिकल अस्पताल भेजा गया है। कई दूसरे छात्रों को भी मामूली चोटें आई हैं। सूत्रों ने बताया कि लंबी मशक्कत के बाद पुलिस ने पानी की बौछार और बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारी छात्रों को नियंत्रित किया। पुलिस ने इस मामले में पांच छात्रों को गिरफ्तार किया है। <br/><br/>
दूसरी तरफ आरजेडी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रामकृपाल यादव ने पुलिस के दावों को झूठा बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस ने लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को खदेड़-खदेड़ कर पीटा। राम कृपाल यादव ने कहा कि पुलिस लाठीचार्ज में छात्र आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष स्वदेश कुमार, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, जावेद आलम, अरुण कुमार रंजन, सैयद साजिद, सुभाष चंद्र राय, जावेद अशरफ, एम राजू नैयर, जितेंद्र कुमार, सत्यप्रकाश, परवीन पासवान, रोहित ओसंजीव देव, सुजित कुशवाहा, तेज नारायण घायल हो गए। 
<br/><br/>
यादव ने आरोप लगाया कि 12 हजार रुपये का घोटाला सामने आने के बाद और उसकी अदालत द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए जाने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। नीतीश पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा कि बिहार विधानसभा के मॉनसून सेशन के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों और विधायकों के जरिए आरजेडी विधायकों सहित अन्य विपक्षी विधायकों पर सदन में हमले करवाएं और बाद में उन्हें मार्शल से बाहर करवा दिया। <br/><br/>

यादव ने कहा कि अगर नीतीश को सीबीआई जांच से घबराहट नहीं है, तो इसको लेकर पटना हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका क्यों दायर की गई? नीतीश पर अघोषित आपातकाल लगाए जाने का आरोप लगाते हुए यादव ने कहा कि इस अनियमितता से पर्दा उठने के बाद जनता के सामने नीतीश का कथित काला चेहरा सामने आ गया है और अब वे तानाशाही रवैया अपनाकर लोगों का मुंह बंद करने का काम कर हैं। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:56:44 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कोच कौशिक ने पूछा, तुम सेक्स करती हो क्या? ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=coach_kaushik_asked_do_you_do_sex_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=coach_kaushik_asked_do_you_do_sex_932 </guid> <description><![CDATA[ सेक्स स्कैंडल में फंसे भारतीय हॉकी टीम के कोच एम. के. कौशिक भले ही अपने आप को निर्दोष बता  
रहे हैं लेकिन उनको कठघरे में खड़ा करने वाली खिलाड़ी अपने आरोपों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। टी. रंजीता देवी ने हमारे सहयोगी न्यूच चैनल टाइम्स नाउ से कहा कि भोपाल में कैंप के दौरान कौशिक ने कमरे में बुलाकर पूछा था कि क्या तुमने कभी सेक्स किया है? रंजीता ने कहा, 'कौशिक ने कमरे में बेड की तरफ इशारा करते हुए कहा था कि तुम आ सकती हो और हम साथ समय गुजार सकते हैं। मैं इसके लिए 24 घंटे तैयार हूं।' <br/><br/>

रंजीता ने आरोप लगाया कि कौशिक हमेशा गंदी निगाहों से घूरा करते थे, जिसकी वजह से मैं सहज महसूस नहीं कर पाती थी। उन्होंने कहा, 'कोच अक्सर एक-एक खिलाड़ियों को बुलाकर अकेले में बात करते थे। 
दूसरी खिलाड़ियों से वह 10-15 मिनट ही बात किया करते थे लेकिन मुझसे एक-एक घंटे बात करते थे। इस दौरान हमेशा कहते थे कि मैं बहुत सुंदर हूं।' रंजीता ने कहा कि उन्होंने एक बार मुझसे कहा कि तुम मुंबई में अकेले रहती हो, तुम्हें जिंदगी का मज़ा लेना चाहिए। <br/><br/>


इस बीच टीम की पूर्व और दूसरी खिलाड़ियां भी सार्वजनिक रूप से रंजीता के समर्थन में आ गई हैं। पूर्व कैप्टन और गोलकीपर हेलेन मैरी ने कहा कि मैंने भी कौशिक के चलते ही चार साल पहले हॉकी छोड़ी दी थी। उन्होंने कहा कि 2006 में वर्ल्ड कप के बाद जब मैंने सिलेक्टर अनुरिता सैनी और कौशिक की शिकायत की थी, तो सबको लगा था कि कप्तानी छिनने की वजह से मैं ऐसा कह रही हूं। हेलेन ने कहा कि कौशिक और सैनी होटेल के रूम में घंटों एक साथ बंद रहते थे और ट्रेन में सफर के दौरान भी एक बर्थ पर सोते थे। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:49:47 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मनरेगा पर राजनीति से बुन्देलखण्ड के मजदूरों का लगातार पलायन जारी ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nrega_par_rajneeti_se_bundelkhand_ke_majdooro_ka_lagataar_palayan_jari_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=nrega_par_rajneeti_se_bundelkhand_ke_majdooro_ka_lagataar_palayan_jari_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर(रवि गुप्ता)। बुन्देलखण्ड के मजदूरों का पलायन रोकने के लिये पहले काम के बदले अनाज योजना बनी उसके बाद इसी योजना का नाम परिवर्तित कर राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना को बनाकर कड़ा एक्ट बनाया जब इससे भी राजनेताओं का मन नहीं भरा तो महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना बनाई गई ताकि मजदूरों को अधिक से अधिक काम देने की गारंटी दी जा सके। <br/><br/>
	इस योजना में केन्द्र और राज्य सरकारें अपनी अपनी राजनीति का लाभ लेकर अधिक से अधिक वोट बैंक की  राजनीति करने लगी तभी से इस एक्ट का डर निष्प्रभावी हो गया और केन्द्र और प्रदेश से बुन्देलखण्ड में भेजी जाने वाली राशि का इस कदर दुरूपयोग होने लगा कि बुन्देलखण्ड के मजदूर दिल्ली पंजाब हरियाणा की तरफ मजदूरी करने के लिये आज भी मजबूर है और लगातार पलायन जारी है। 
	यह योजना अपने उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुकी है। यह योजना इसीलिये बनाई गई थी देश के जिन प्रदेशों के जिलों में अशिक्षा है और वहां के लोगों का सिर्फ एक ही रोजगार है मजदूरी। उसी रोजगार की गारंटी देने इस योजना का क्रियान्वयन किया गया परन्तु रोजगार की गारंटी तो नहीं मिली वरन् पार्टी कार्यकर्ताओं को गांव से लेकर प्रदेश की राजनीति करने की गारंटी जरूर मिल गई है।<br/><br/>

	मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के बुन्देलखण्ड के जिले सागर, पन्ना, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, झांसी, आदि जिलों के मजदूरों का नित्य प्रतिदिन पलायन जारी है। बताया जाता है कि मनरेगा पर राजनीति हो जाने से केन्द्र सरकार और मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश सरकारों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। जबकि राजनीति का सिर्फ व सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि जनहित कल्याण कारी योजना का अत्याधिक लाभ गरीबों को मिल सके। परन्तु राजनेताओं को इस बात की समझ आजादी के बाद से भी आजतक नहीं आ सकी है।<br/><br/>

	केन्द्र सरकार की कांग्रेस और मध्यप्रदेश की भाजपा व उत्तर प्रदेश की बसपा सरकार के बीच आपसी असहयोग का नतीजा बुन्देलखण्ड के मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है। इसका कारण है कि राहुल गांधी का बुन्देलखण्ड की राजनीति में लगातार दखलअंजादी करने से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सरकारों की गले की हड्डी बनी हुई है। इन दोनो सरकारों के ठेकेदार यह नहीं चाहते कि उनके घर मंे कोई दूसरा राजनेता अपनी लोकप्रियता के कारण लोगों के दिलों में बस जाये। जबकि राहुल गांधी का सिर्फ एक ही सपना है कि गरीबों के लिये बनाई गई मनरेगा का लाभ अधिक से अधिक मिल सके। इसके लिये वे अधिक से अधिक पैसा केन्द्र सरकार के माध्यम से दोनो राज्यों के बुन्देलखण्ड के जिलों को देने की बात करते है तो वहीं दूसरी तरफ दोनो राज्यों के मुखिया केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते है कि समय पर पैसा रिलीज नहीं होने के कारण मजदूरों को रोजगार की गारंटी नहीं दी जा पा रही है।<br/><br/>

	बुन्देलखण्ड की राजनीति करने वाले कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में मनरेगा की धीमी गति, जाब कार्ड का न बनना, मजदूरों को रोजगार की गारंटी सिर्फ मस्टर रोल पर ही दिये जाना, समय पर भुगतान न मिलना तथा मजदूरों के भुगतान में बिलम्ब व भ्रष्टाचार राजनेताओं के ईशारे पर नौकरशाहों के माध्यम से कराया जा रहा है। इससे इस एक्ट का दुरूपयोग सीधे सीधे किया जा रहा है। केन्द्र की कांग्रेस सरकार समय पर राज्यों की डिमांड पर राशि देती है। लेकिन फिर भी दोनों राज्यों द्वारा यह दलील दी जाती है कि केन्द्र सरकार समय पर पैसा रिलीज नहीं करता है जिसके कारण मजदूरों को रोजगार की गारंटी नहीं मिल पा रही है। यह आरोप निराधार और गलत है।
<br/><br/>  
 ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:37:29 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बुन्देलखण्ड में धूल में खेलतीं मासूम जिंदगियां मिट्टी खाने को मजबूर	 ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bundelkhand_me_dhool_me_khelti_masoom_zinadgiyan_mitti_khane_ko_majboor_324 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=bundelkhand_me_dhool_me_khelti_masoom_zinadgiyan_mitti_khane_ko_majboor_324 </guid> <description><![CDATA[ 	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश का सबसे पिछड़ा बुन्देलखण्ड क्षेत्र और इस क्षेत्र की गरीबी हटाने के लिये केन्द्र और प्रदेश सरकारों द्वारा चलाई जा रहीं करोड़ों रूपये की विभिन्न योजनायें राजनेताओं और अफरशाही के जाल में उलझकर रहने के कारण बुन्देलखण्ड के भूखे बच्चे इक्कीसवीं सदी में भी धूल-मिट्टी खाने को मजबूर है।बच्चों के लिये संचालित करने वाले विभाग के अधिकारी व राजनेताओं का मानना है कि धूल में खेलतीं मासूम जिंदगियां मिट्टी खाकर अपना पेट भरने वाले बच्चों का कुदरती स्वभाव है, इतना ही नहीं घूल मिट्टी से मरने वाले बच्चे सरकारी रिकार्ड में कुपोषण से हुई मौत का कारण नहीं मानते है। 	<br/><br/>
	मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पदस्थ बच्चों के लिये संचालित योजनाओं के विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सारा दोष राजनेताओं पर मढ़ते हुये जबाब दिया जाता है कि सरकार में संगठन हाबी होने के कारण संगठन के नेता और सत्ताधारी नेता जमीन से जुड़ा काम करने ही नहीं देते और नियम बिरूद्व काम अपने फायदे के लिये ही कराना चाहते है और जब कोई बात फंस जाती है तो ये राजनेता अपने दोनो हांथ ऊपर उठा लेते है। ऐसे में हम लोग भी ज्यादा मेहनत मशक्कत नहीं करते है। इससे हम और हमारी नौकरी दोनो सुरक्षित रहती है, सिर्फ स्थानांतरण हो जाने से जगह बदल जाती है। इन अधिकारियों का ईशारा उत्तरप्रदेश में बसपा संगठन और मध्यप्रदेश में भाजपा संगठन से है। <br/><br/>

	बुन्देलखण्ड क्षेत्र की राजनीति करने वाले सत्ताधारी नेताओं का कहना है कि जब-जब केन्द्र में कांग्रेस सरकार बैठती है तब-तब मंहगाई इतनी बढ़ जाती है कि एक गरीब अपने छोटे से परिवार के लिये एक वक्त की रोटी का इंतजाम नहीं कर पाता है। ऐसे में हमारी सरकार इन गरीबों व उनके बच्चों के लिये अलग से योजनायें बनाकर संचालित कर रहीं है। वहीं कांग्रेसी नेताओं ने इन आरोपों को नकारते हुये कहा कि केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की सरकारों को विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रूपये का बजट देती है परन्तु यह बजट सत्ताधारी नेताओं की बलि चढ़ जाने के कारण विभिन्न योजनाओं का लाभ गरीबों व उनके बच्चों तक नहीं पहुंच पाता है।<br/><br/>

	बुन्देलखण्ड क्षेत्र सागर, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, झांसी आदि के ग्रामीण और दूरदस्थ अंचलों में रहने वाले आदिवासी, हरिजन, गरीब परिवार जिनको अपने परिवार के पेट की आग बुझाने दूसरे दिन रोटी मिलने की आशा ही नहीं रहती है। ऐसे में इनके परिवार की मासिक आमदानी का अंदाजा खुद व खुद लगाया जा सकता है। गरीबों के ये परिवार और उनके धूल मिट्टी खाते बच्चे भगवान की छांव में ही पल रहे है। कीड़े मकौड़े की तरह पैदा होते है और अपनी उसी मिट्टी में कीड़े मकौड़े की तरह दफन भी हो जाते है। इन परिवारों को इस बात का आज भी एहसास नहीं है कि सुख क्या होता है। बच्चों की खुशी क्या होती है। परिवार के प्यार की छांव क्या होती है। इसका कारण है कि बुन्देलखण्ड के ये गरीब परिवार जिनके आज भी बीपीएल के राशन कार्ड नहीं बने है। इन्हे बीमारी हो जाये तो मुफ्त साधन व ईलाज नहीं मिलता। दूरस्थ अंचलों में शिक्षण संस्थाये तो है परन्तु छुआछूत और भेदभाव का व्यवहार आज भी किया जाता है। इन लोगों को यह भी नहीं मालूम कि हमारे लिये सरकार ने शिक्षा स्वास्थ्य, महिला बाल विकास आदि जैसे विभाग में हजारों रूपये की वेतन पाने वाले नोकरशाहों को पदस्थ किया है, जो उनके लिये ही काम करती है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के ये लोग कलेक्टर को आज भी अपना राजा मानते है और राजा के दरवार में जाने से कतराते भी है कहीं ऐसा न हो कि राजा रूपी कलेक्टर नाराज हो जायें और हमें सजा दे दे। हालांकि राजनेताओं का कलेक्टर पर हमेशा दबाब यही रहता है कि कलेक्टर सीधे गरीब जनता से न मिले और उनके क्षेत्र की जनता की समस्याओं को हमारे बगैर अनुमति से न सुलझायें। अगर कोई कलेक्टर नेताओं के इस फरमान को ठुकराकर जनहित करने अपने कदम बढ़ा भी दे तो वह सुकून से कलेक्टरी नहीं कर पाता है। ऐसे में बुन्देलखण्ड मंे गरीबों एवं उनके बच्चों के लिये संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल पाना आज भी आसान नहीं है।
<br/><br/>
 ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:34:04 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बुन्देलखण्ड के बूचड़खानों पर मप्र और उप्र सरकार मेहरमान  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=mp_up_govt_supporting_animal_cutters_in_bundelkhand_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=mp_up_govt_supporting_animal_cutters_in_bundelkhand_032 </guid> <description><![CDATA[ 	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के बुन्देलखण्ड स्थित दमोह और महोबा बूचड़खानों पर दोनो प्रदेशों की सरकार मेहरमान है। इन दोनो जगहों में सरेआम धर्म की आस्था वाले पशुओं को सरेआम काटा जाता है। उत्तरप्रदेश में जहां बसपा की सरकार है वहां प्शुओं पर आस्था रखने वालों को इस बात का गम है कि भाजपा का राज न होने के कारण महोबा जिला मुख्यालय पर बूचड़खाना संचालित होना कोई बड़ी बात नहीं है परन्तु मध्यप्रदेश मे भाजपा की सरकार है और इस सरकार के दमोह जिले में जहां पर जयंत मलैया मंत्री हो उनके गृह जिले में पशुओं को सरेआम काटा जाना एक बहुत बड़ी बात है। <br/><br/>
	मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश सरकार आवारा पशुओं की देखभाल करने हेतु विभिन्न योजनायें संचालित किये हुये है। और इस क्षेत्र में कई स्वयं सेवी संस्थायें भी संचालित है। परन्तु बजट के अभाव और कागजों पर संचालित स्वयं सेवी संस्थायें भी इन बूचड़खानों के संपर्क में रहने के कारण धर्म की आस्था को चोट पहुंचाने में पीछे नहीं है।<br/><br/>

	जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश बुन्देलखण्ड के दमोह जिला मुख्यालय पर जिला प्रशासन की नाक के नीचे बूचड़खाना संचालित है। इस बूचड़खाने में छतरपुर पन्ना टीकमगढ व सागर जिले पालतू पशुओं को हांककर लाया जाता है और सरे आम कत्लकर इनके मांस को कानपुर बिक्री करने को ट्रांसपोर्ट के माध्यम से भेजा जाता है। आसपास रहने वालों की छतों से देखा जा सकता है। परन्तु पुलिस प्रशासन की इतनी हिम्मत नहीं है कि बूचड़खाना संचालित करने वालों पर कार्रवाई कर सकें। कई बार प्रशासन ने इनके साथ बैठकर अन्य रोजगार देने का वायदा किया परन्तु बूचड़खाना संचालित करने वाले अपने पुस्तैनी धन्धें के साथ समझौता ही नहीं करना चाहते है।<br/><br/>
 
	पुलिस प्रशासन के सूत्रों की बात को सही माने तो कार्रवाई करने के बाद घर घर संचालित बूचड़खानों के व्यक्तियों को गिरफतार करने की कोई हिम्मत नहीं कर पाता है। क्योंकि पुलिस जब भी जाती है तब वहां के लोग खासतौर पर महिलायें अपने अपने धरों से अपने बच्चों के साथ पुलिस फोर्स को घिराव कर उन्हे बूचड़खाने के सार्वजनिक स्थान तक ही नहीं जाने देतीं है। जब पुलिस अपने आपको धिरा और असहाय समझने लगती है तो उन्हे मजबूरन राजनैतिक हस्तक्षेप के कारण बेरंग वापिस लौटना पड़ता है। ऐसी घटनायें एक बार नहीं बार बार घटित हो चुकीं है। इसकारण पुलिस प्रशासन भी अब उस ओर निगाह नहीं डालती है। पुलिस का मानना है कि जब मध्यप्रदेश शासन के मंत्री जयंत मलैया जी अपने वोट बैंक की खातिर कुछ नहीं कर पा रहे है ऐसे में हम क्यों जी का जंजाल बनकर कार्रवाई करें।<br/><br/>

	उत्तरप्रदेश बुन्देलखण्ड के महोबा जिला मुख्यालय पर छतरपुर जिले पालतू पशुओं को इसी तरह हांककर कम दामों में ले जाया जाता है और सरेआम काटकर उनके मांस को कानपुर टांसपोर्ट के जरिये भेजा जाता है। इसका कारण है कि छतरपुर जिले का सबसे पिछड़ा ब्लाॅक् लौंडी और चंदला है यहां पर रहने वालों के पास ये पालतू पशु तब तक ही पलते है जब तक इनसे दूध मिलता रहता है। और जैसे ही इन पालतू पशुओं से दूध मिलना बंद हो जाता है वैसे ही इन्हे आवारा जानवर के रूप में सीमावर्ती जिला महोबा के बूचड़खाने की तरफ रवाना कर दिया जाता है।<br/><br/>

	इस कलयुग में गाय बछड़ों को बूचड़खानों में सरेआम काटकर उनके मांस को बिक्री के लिये जब तक भेजा जायेगा तब तक इस क्षेत्र में सूखा और अकाल जैसे स्थिति निर्मित होने से कोई भी सरकार नहीं रोक सकती है। दोनों प्रदेश की सरकारें चाहे जितना पैसा पानी की तरह बहा दे यहां तक कि केन्द्र सरकार दोनो सरकारों को पानी की तरह बुन्देलखण्ड के विकास पर राशि दे दे परन्तु इस कुदरती मार से बुन्देलखण्ड की जनता को बचाये जाना असम्भव है।
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 ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 9:30:09 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ घुवारा नगर पंचायत चुनाव:  मतदान 26 तथा मतगणना 28 जुलाई को होगी ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ghuwara_nagar_panchayat_election_voting_on_26_and_counting_on_28_984 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=ghuwara_nagar_panchayat_election_voting_on_26_and_counting_on_28_984 </guid> <description><![CDATA[ रिटर्निग आफीसर नियुक्त, शराब की दुकानें बंद, ध्वनि प्रसारण यंत्रों पर रोक, शस्त्र निलम्बित, आदर्श आचरण संहिता एवं 144 धारा लागू <br/><br/>
	छतरपुर। मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकायों के आम निर्वाचन 2010 का निर्वाचन कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। छतरपुर जिले की नगर पंचायत घुवारा के अध्यक्ष/पार्षद पदों के आम निर्वाचन को सम्पन्न कराने के लिए तहसीलदार, तहसील बड़ामलहरा को रिटर्निंग अधिकारी और तहसीलदार, तहसील घुवारा को सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किया गया है जो नगर पंचायत घुवारा के वार्ड क्र.एक से वार्ड क्र.15 तक के निर्वाचन संबंधी कार्यों हेतु नियुक्त किये गये हैं। यह आदेश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (न.पा.) छतरपुर ने जारी किया है।     <br/>br/>

	कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी जिला छतरपुर  के अनुसार छतरपुर जिले की नगर पंचायत घुवारा के अध्यक्ष एवं पार्षद पदों के लिए मतदान 26 जुलाई 2010 को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पन्न किया जायेगा। उन्होंने आदेश जारी किया है कि मतदान समाप्ति के 48 घंटे पहले अर्थात 24 जुलाई 2010 को शाम 5 बजे से 26 जुलाई 2010 को मतदान/मतगणना समाप्ति तक नगर पंचायत घुवारा की भौगोलिक सीमा में स्थित शराब की सभी दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार मतगणना 28 जुलाई 2010 को प्रातः 9 बजे की जायेगी। मतदान व मतगणना के दौरान विद्युत का प्रदाय बिना किसी व्यवधान के उपलब्ध रखने के लिए विद्युत मण्डल के अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को निर्देश जारी किये गये हैं ताकि मतदान व मतगणना में किसी भी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो सके। तत्संबंध में जिला आबकारी अधिकारी को मतदान और मतगणना के दौरान शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के संबंध में निर्देशित किया गया है। मतदान दिनांक 26 जुलाई 2010 से दो दिन पूर्व मतदान दिनांक तक कुल तीन दिन नगर पंचायत घुवारा क्षेत्र के अंतर्गत शराब की बिक्री पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा, क्षेत्रान्तर्गत आने वाली शराब की दुकानें मतदान समाप्ति के नियत दिनांक से 24 घंटे पूर्व से बंद रखी जायेंगी।<br/>br/>

		कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने नगर पंचायत घुवारा के मतदान केन्द्र क्रमांक एवं नाम की जानकारी दी है जो इस प्रकार है:- मतदान केन्द्र क्र.1- प्रा.शा.नं.1 घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.2- प्रा.शा.नं.2 घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.3- प्रा.शा.नं.2 घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.4- प्रा.शा.उत्तरी भाग घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.5- कन्या हाईस्कूल घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.6- कन्या प्रा.शा. घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.7- कन्या हाईस्कूल घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.8- हा.सै.स्कूल घुवारा पूर्वी भाग, मतदान केन्द्र क्र.9- हा.सै.स्कूल घुवारा पश्चिमी भाग, मतदान केन्द्र क्र.10- हा.सै.स्कूल घुवारा नया भवन, मतदान केन्द्र क्र.11- प्रा.शा. घुवारा पश्चिमी भाग, मतदान केन्द्र क्र.12- सेवा सहकारी समिति घुवारा, मतदान केन्द्र क्र.13- कार्यालय न.पं. घुवारा पूर्वी भाग, मतदान केन्द्र क्र.14- प्रा.शा.झिरियाखेरा और मतदान केन्द्र क्र.15- कार्यालय न.पं. घुवारा पश्चिमी भाग।<br/>br/>

	कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी (न.पं.) ने आदेश जारी किया है कि नगर पंचायत घुवारा, तहसील क्षेत्र बड़ामलहरा घुवारा के लिए अनुविभागीय दण्डाधिकारी बिजावर को ध्वनि प्रसारण यंत्रों के उपयोग हेतु अनुमति प्रदान करने हेतु प्राधिकृत किया गया है। नगरीय क्षेत्र घुवारा में 21 जुलाई 2010 से तत्काल प्रभाव से 28 जुलाई 2010 तक ध्वनि प्रसारण यंत्रों के प्रयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित किया है। जिले के नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। <br/>br/>

	उक्त निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांति पूर्ण ढंग से संचालित कराने के लिए जिला दण्डाधिकारी छतरपुर द्वारा आदेश जारी किये गये हैं। जारी आदेश के अनुसार नगर पंचायत घुवारा क्षेत्र के अन्तर्गत निर्वाचन की प्रक्रिया पूर्ण कराये जाने तक वहां के समस्त शस्त्र अनुज्ञप्तियां विगत 12 जुलाई से 28 जुलाई 2010 तक के लिये निलंबित की गई हैं और समस्त आग्नेय शस्त्रधारी अपने शस्त्र नजदीकी थानों में जमा करायें।<br/><br/>
	उप जिला निर्वाचन अधिकारी (न.पं.) जिला छतरपुर ने जानकारी दी है कि नगरपालिका आम निर्वाचन 2010 के तहत छतरपुर जिले के नगर पंचायत घुवारा के अध्यक्ष एवं पार्षद पदों के लिये मतदान निर्धारित मतदान केन्द्रों पर 26 जुलाई 2010 को प्रातः 8 बजे से शाम 5 बजे तक सम्पन्न होगा। मतगणना 28 जुलाई 2010 को प्रातः 9 बजे से शास.हा.सै.स्कूल घुवारा में सम्पन्न होगी।	मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा एक जुलाई 2010 के पत्र द्वारा निर्वाचन कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है। निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होते ही आदर्श आचरण संहिता लागू की गई है जो 28 जुलाई 2010 तक प्रभावशील रहेगी। यह जानकारी देते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी छतरपुर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी बिजावर को, तहसीलदार, तहसील बड़ामलहरा/घुवारा और मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पंचायत घुवारा को निर्देश दिये हैं कि छतरपुर जिले के नगर पंचायत घुवारा के तहत अध्यक्ष/पार्षद पदों का निर्वाचन सम्पन्न कराया जाना है जिसे दृष्टिगत रखते हुए निर्वाचन के दौरान आदर्श आचरण संहिता का कड़ाई से पालन कराया जाना सुनिश्चित किया जावे।<br/><br/>
	उक्त निर्वाचन को शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए नगर पंचायत क्षेत्र घुवारा में धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक निषेधाज्ञा संबंधी आदेश जारी किया गया है। यह आदेश 9 जुलाई से 28 जुलाई 2010 तक संपूर्ण नगर पंचायत घुवारा क्षेत्रान्तर्गत प्रभावशील रहेगा।	जारी आदेश के अनुसार छतरपुर जिले की नगर पंचायत घुवारा, क्षेत्रान्तर्गत कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का घातक शस्त्र तथा बन्दूक, रायफल, पिस्टल, भाला, बल्लम, बरछी, लाठी एवं अन्य प्रकार के घातक हथियार व विस्फोटक सामग्री लेकर किसी भी सार्वजनिक स्थान, रास्ता, आमसभा/सार्वजनिक सभाएं एवं अन्य स्थानों पर लेकर नहीं चलेगा। कोई भी अभ्यर्थी सशस्त्र जुलूस नहीं निकालेगा और न ही आपत्तिजनक नारे लगायेगा और न ही आपत्तिजनक पोस्टर वितरित करेगा। यह आदेश उन शासकीय अधिकारियों/ कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा, जिन्हें अपने कार्य के संपादन के लिए लाठी या शस्त्र रखना आवश्यक है। यह आदेश उन शासकीय कर्मचारियों पर भी  लागू नहीं होगा जिन्हें चुनाव /मतदान के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश उन व्यक्तियों पर भी लागू नहीं होगा जिन्हें शारीरिक दुर्बलता /वृद्धावस्था तथा लंगड़ापन होने के कारण लाठी रखना आवश्यक है।<br/><br/>
		छतरपुर जिले की नगर पंचायत घुवारा अन्तर्गत कोई भी व्यक्ति द्वारा आमसभा, जुलूस एवं धरना आयोजित करने के पूर्व उसकी विधिवत् लिखित सूचना, व्यवस्था करने से जुड़े सक्षम अधिकारी को देगा तथा विधिवत लिखित अनुमति प्राप्त करने के उपरांत ही संबंधित व्यक्ति आमसभा, जुलूस एवं धरना का आयोजन कर सकेगा। जिले की नगर पंचायत घुवारा क्षेत्रान्तर्गत निर्विष्ट मतदान केन्द्र, मतगणना स्थल के परिसर के बाहर न तो भीड़ एकत्र होगी और न ही धरना दिया जाएगा और न ही नारेबाजी की जाएगी। इस आदेश का उल्लंघन आदि किसी व्यक्ति द्वारा किया जाना पायेगा, तो वह भारतीय दण्ड विधान की धारा -188 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। <br/><br/>
	कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (स्थानीय निर्वाचन) छतरपुर ने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी बिजावर को तथा मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगर पंचायत घुवारा को एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बड़ामलहरा को निर्देश दिये हैं कि वे  नगर पंचायत घुवारा के अध्यक्ष एवं पार्षद पदों के निर्वाचन कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सम्पत्ति विरूपण अधिनियम के तहत कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 8:42:55 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 800 विकेट पूरे कर मुरली ने लिया संन्यास  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=murli_took_sanyas_to_complete_800_vicket_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=murli_took_sanyas_to_complete_800_vicket_932 </guid> <description><![CDATA[ अपनी पीढ़ी के महानतम लेकिन सबसे विवादास्पद स्पिनरों में से एक श्रीलंका के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन ने 800 विकेट के अभूतपूर्व आंकड़े के साथ भावनाओं के सैलाब के बीच 18 साल के अपने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
<br/><br/>
श्रीलंका ने भारत पर 10 विकेट की जीत के साथ अपने इस हीरो को बेजोड़ विदाई दी, जबकि इस 38 वर्षीय ऑफ स्पिनर ने मैच में आठ विकेट के साथ 800 टेस्ट विकेट के आंकड़े के साथ निजी तौर पर मैच को यादगार बना दिया। इस महान स्पिनर के लिए यह काफी भावुक मौका था, जिन्हें मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

मुरली के बेजोड़ करियर का जश्न मनाने के लिए प्रत्येक दिन मैच की शुरुआत से पहले पटाखे छोड़े गए और उनके परिजन भी इस लम्हे के गवाह बने। उन्होंने 133 टेस्ट में 800, जबकि 337 एकदिवसीय मैचों में 515 विकेट चटकाए, जो खेल के दोनों प्रारूपों को सर्वाधिक विकेट का रिकॉर्ड है।
<br/><br/>
मुरली हालांकि अब टेस्ट मैचों में नहीं खेलेंगे, लेकिन उन्होंने भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की मेजबानी में होने वाले 2011 एकदिवसीय विश्वकप में खेलने का विकल्प खुला रखा है। मुरली ने गाले स्टेडियम में भारत के साथ पहले टेस्ट मैच के पांचवें दिन गुरुवार को प्रज्ञान ओझा का विकेट लेने के साथ ही टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने का मील का पत्थर स्थापित किया। इस मुकाम पर उनके अलावा और कोई गेंदबाज नहीं पहुंच सका है।

मुरलीधरन विश्व के एकमात्र ऐसे गेंदबाज हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1000 से अधिक विकेट लिए हैं। उन्होंने 133 टेस्ट मैचों में अब तक कुल 800 विकेट झटके हैं, जबकि 337 एकदिवसीय मैचों में उनके नाम 515 विकेट दर्ज हैं।

28 अगस्त, 1992 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो में अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेलने वाले मुरली ने टेस्ट मैचों में सर्वाधिक 67 बार पारी में पांच और 22 बार मैच में 10 विकेट झटके हैं। इसके अलावा 11 ट्वेंटी-20 मैचों में उन्होंने 13 विकेट झटके हैं। मुरली के नाम कुल 1328 विकेट हैं।

मुरली ने मई 2004 में वेस्टइंडीज के कोर्टन वाल्श का 519 विकेटों का विश्व रिकॉर्ड ध्वस्त किया था। लंबे समय तक ऑस्ट्रेलिया के शेन वार्न उनके प्रतिद्वंद्वी बने रहे, लेकिन दिसंबर, 2007 में उनके संन्यास के साथ मुरली सर्वाधिक विकेट लेने की दौड़ में अकेले गेंदबाज रह गए।

टेस्ट और वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट चटकाने वाले इस दिग्गज ऑफ स्पिनर ने रिकॉर्डों की ऐसी इबारत लिखी है, जिसे तोड़ना आगामी पीढ़ी के गेंदबाजों के लिए एवरेस्ट चढ़ने जैसी चुनौती से कम नहीं होगा। 17 अप्रैल, 1972 को कैंडी में जन्मे मुलरीधरन ने 133 टेस्ट मैचों में 22.72 की औसत से 800 विकेट चटकाए हैं।
<br/><br/>
उन्होंने इसके अलावा 337 एकदिवसीय मैचों में 23.07 की औसत से रिकॉर्ड 515 विकेट चटकाए। इतना ही नहीं उन्होंने इस दौरान केवल 3.92 प्रति ओवर की दर से रन दिए। मुरली ने इसके अलावा टेस्ट मैचों में सर्वाधिक बार पारी में पांच, जबकि मैच में 10 विकेट चटकाने का कारनामा भी किया। उन्होंने 67 बार पारी में पांच, जबकि 22 बार मैच में 10 विकेट चटकाये।

श्रीलंका का यह दिग्गज क्रिकेटर टेस्ट मैचों में 11 मैन ऑफ सीरीज अवॉर्ड लेकर इन पुरस्कारों की दौड़ में भी अव्वल रहा। इतना ही मुरलीधरन दुनिया के एकमात्र गेंदबाज हैं, जिन्होंने एक कैलेंडर वर्ष में तीन बार 75 या इससे अधिक विकेट चटकाए। इस ऑफ स्पिनर ने 2000 में 75, 2001 में 80, जबकि 2006 में 90 विकेट चटकाकर यह उपलब्धि हासिल की।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 7:15:23 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बिहार में लोजपा के सभी 12 विधायकों का इस्तीफा  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=12_mla_regination_of_lgp_in_bihar_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=12_mla_regination_of_lgp_in_bihar_932 </guid> <description><![CDATA[ बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए सदन से निलंबित किए जाने के विरोध में लोजपा के सभी 12 विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस को अपना इस्तीफा सौंप दिया।
<br/><br/>
दिल्ली से पटना पहुंचे लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने उन्हें जानकारी दी कि रात में पार्टी विधायकों की बैठक में उन्हें लोजपा के सभी विधायकों ने इस्तीफा सौंप दिया।

पासवान ने कहा कि सदन से निलंबित किए जाने वालों में लोजपा के अलावा राजद सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्य भी शामिल हैं, इसलिए इस मुद्दे पर वह राजद से विचार-विमर्श कर कोई निर्णय लेंगे और अगला कदम उठाएंगे।

उल्लेखनीय है कि बिहार के विभिन्न विभागों में 11412.54 करोड रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के मुद्दे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के इस्तीफे की मांग पर अड़े सदन में हंगामा और धरने पर बैठे 67 विपक्षी विधायकों को बिहार विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने उनके अमर्यादित आचरण के लिए सदन के इस मानसून सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित करते हुए सदन से मार्शल आउट किए जाने का निर्देश दिया था।

सदन से निलंबित किए गए विपक्षी सदस्यों में राजद के 42, लोजपा के 11, भाकपा माले के चार, भाकपा के तीन, कांग्रेस के दो, बसपा के दो, माकपा के एक और दो निर्दलीय विधायक शामिल हैं।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 7:08:08 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ हैदराबाद में छात्रा से रेप के आरोप में प्रिंसिपल गिरफ्तार  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=principle_arrest_in_charge_of_rape_from_student_in_hyderabad_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=principle_arrest_in_charge_of_rape_from_student_in_hyderabad_932 </guid> <description><![CDATA[ हैदराबाद में एक स्कूल के प्राचार्य को कक्षा 11वीं की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। हैदराबाद के बाहरी इलाके विकाराबाद के निकट मनेगुदा में स्थित पार्कवुड इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य शहाबुद्दीन अयूब के विरुद्ध दुष्कर्म के साथ ही आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है।
<br/><br/>
सेंट्रल क्राइम स्टेशन (सीसीएस) के पुलिस उपायुक्त जे सत्यनारायण के अनुसार शिकायत के बाद जांच शुरू कर दी गई है। सीसीएस के अधिकारी प्राचार्य से पूछताछ की जा रही है और मामले से संबंधित साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं। स्कूल के अधिकारियों ने हालांकि प्राचार्य के विरुद्ध लगे आरोप से इनकार किया है और कहा है कि स्कूल को बदनाम करने की कोशिश की गई है।

पीड़ित छात्रा के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि पिछले एक साल से प्राचार्य छात्रा के साथ कथित रूप से दुष्कर्म कर रहा था। परिजनों के मुताबिक प्राचार्य ने इस घटना का जिक्र किसी से करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। छात्रा के गभर्वती होने के बाद शिकायत की गई।

पीड़ित छात्रा के परिजनों के साथ स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग को लेकर स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 7:01:06 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मोदी के मंत्री नहीं हुए पेश, दूसरा समन जारी ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=modi_ke_mantri_nahi_hue_pesh_doosra_summan_jari_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=modi_ke_mantri_nahi_hue_pesh_doosra_summan_jari_032 </guid> <description><![CDATA[ सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के निकट सहयोगी और  
गुजरात के गृह राज्य मंत्री अमित शाह आज सीबीआई द्वारा भेजे गए समन के बावजूद सीबीआई के समक्ष पेश नहीं हुए। सीबीआई ने अब अमित शाह को दूसरा समन जारी कर कल यानी गुरुवार पेश होने के लिए कहा है। 
<br/><br/>
आज दोपहर 1 बजे सीबीआई के सामने अमित शाह को पेश होना था। सीबीआई सूत्रों ने का कहना था कि उनकी गिरफ्तारी तय है। अमित शाह को दोपहर 1 बजे तक सीबीआई के ऑफिस पहुंचना था लेकिन वह नहीं पहुचे थे। चर्चा है कि उनके नाम गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है। 

पिछले कई दिनों से अमित शाह गायब थे। इससे यह अनुमान और पुख्ता हो जाता है कि सीबीआई के पास अमित शाह के सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर मामले में शामिल होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। पिछले कुछ दिनों से चर्चा थी कि अमित को कभी भी गिरफ्तार किया जा सकता है। 
सीबीआई ने जब से इस मामले में अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के चीफ अभय चूड़ासमा को गिरफ्तार किया तभी से बीजेपी में घबराहट चरम पर है। यहां बता दें कि इससे पहले इस मामले की जांच कर रही सीआईडी (क्राइम) गुजरात कैडर के आईपीएस डीजी वंजारा और राजकुमार पांडियन तथा राजस्थान कैडर के दिनेश एम.एन. को गिरफ्तार कर चुकी है। 
<br/><br/>
इस मामले में गुजरात और राजस्थान के कुल 14 पुलिसकर्मी जेल में हैं। सीबीआई सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के पास एक ऐसा विडियो है जिसमें चूड़ासमा एक गवाह को इस बात के लिए धमकाते दिख रहे हैं कि वह सीबीआई के सामने अमित शाह का नाम न ले। 

सोहराबुद्दीन केस: गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन की नवंबर 2005 को एक फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी गई थी और उनकी पत्नी कौसर बी लापता हो गई थीं। 
<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 6:38:01 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ मेलबर्न में भारतीय छात्र पर मांस के टुकड़े फेंके ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=peace_of_meat_throwed_on_indian_student_in_malborn_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=peace_of_meat_throwed_on_indian_student_in_malborn_932 </guid> <description><![CDATA[  ऑस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के साथ नस्लीय दुव्यर्वहार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही  
हैं। ताजा घटना में भीड़भरी बस में एक भारतीय छात्र राजन कुमार कटकम को तीन युवकों ने परेशान किया और उन पर मुर्गी के मांस के टुकडे़ फेंके। <br/><br/>

ग्राफिक्स की पढ़ाई कर रहे कटकम ने अपराध के शिकार लोगों के कार्यालय जाकर इस घटना के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। राजन ने कहा, 'मैं शाम ढाई बजे फ्रैंक स्टोन से बस से जा रहा था। उसी समय संभवत: शराब के नशे में धुत्त तीन युवकों ने मुझे परेशान करना शुरू कर दिया।' 

राजन ने बताया कि युवकों में से एक ने उसे मारा जबकि अन्य ने मुर्गी के मांस के टुकडे़ फेंकने शुरू कर दिए। अगले महीने अपने घर लौट रहे राजन ने कहा, आक्रमणकर्ताओं ने कहा कि अश्वेत लोग हमारे समान होना चाहते हैं। इसीलिए वे पिटाई कर रहे हैं। इस घटना के संबंध में अभी किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया है। 
<br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 6:27:47 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ चिंतनः मप्र में रोटी और बेटी का रिश्ता नहीं, फिर भी जिलों की कमान ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=chintan_mp_me_roti_or_beti_ka_rista_nahi_phir_bhi_zilo_ki_kaman_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=chintan_mp_me_roti_or_beti_ka_rista_nahi_phir_bhi_zilo_ki_kaman_932 </guid> <description><![CDATA[ गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस तथा आईपीएस चला रहे है अधिकतर जिला <br/><br/>
	मध्यप्रदेश में गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस तथा आईपीएस को मध्यप्रदेश के अधिकतर जिलों की कमान भाजपा सरकार ने सौंपी है जिन्हे मध्यप्रदेश के जिलों की न ही संस्कृति के बारे में जानते है और न ही उन जिलों में रहने वाले लोगों की मानसिकता का अहसास है। ऐसे में प्रदेश का विकास तो बाधक होता ही है साथ ही उन जिलों की जनता को शीघ्र न्याय मिलने में महीनों इंतजार करना पड़ता है। इसका सीधा और साफ कारण स्पष्ट है कि गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस तथा आईपीएस को प्रदेश की संस्कृति, रहन-सहन बोल-चाल के बारे में पता नहीं होने के कारण प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के विकास का पहिया थम सा गया है। <br/><br/>

	मध्यप्रदेश में जन्मे और पढ़े आईएएस और आईपीएस के पदों पर कार्यरत ऐसे अधिकारियों से चिंतन और मनन किया गया तो  इन लोगों ने बताया कि गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस हिन्दी भाषाई प्रदेशों में काम कर रहे है खासतौर पर मध्यप्रदेश में ऐसे अधिकारियों से प्रदेश का पिछड़ापन दूर किया जाना असम्भव है। अगर यह कहें कि ऐसे अधिकारियों का हिन्दी भाषाई प्रदेशों में न तो रोटी का रिश्ता है और न ही बेटी का रिश्ता है इस कारण उन्हे यहां के पिछड़पन का एहसास नही है, गरीबों की गरीबी का दर्द नहीं है, शोषित एवं दबे कुचले समाजिक वातारण से अनभिज्ञ है, सामंशाही वातावरण से दूर रहते है, ऐसे में प्रदेश के ग्रमीण अंचलों का विकास थमना जायज है। <br/><br/>

	चिन्तन में एक यह भी कारण उभरकर सामने आया है कि गैर भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस का एक मात्र ध्येय होता है कि आलीशान नौकरी में नियम के अनुरूप चलकर काम करना। वातानुकूलित वातावरण में रहकर काम करना इन लोगों की सबसे पहली पसंद होती है। फील्ड पर जाने से कतराते है। एकांकी जीवन जीना एवं अपने काम का बोझ अधीनस्थों पर डालकर अपनी बलाय को टालना ऐसे लोगों की फिदरत में समाहित रहती है। इस पिछड़े मध्यप्रदेश में गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस को जिम्मेदारियां देना प्रदेश की जनता के साथ अन्याय है। 
	चिन्तन में दूसरा यह भी पक्ष उभरकर सामने आया है कि प्रदेश का काफी हद तक पिछड़ापन दूर करने में हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस तथा आईपीएस अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही है। ऐसे अधिकारी जिन्होने जिले से लेकर प्रदेश तक की कमान अपने पास रखी है तो इन लोगों ने फील्डवर्क कर दबे, कुचले, शोषित, गरीब, यहां तक कि आमजनमानस के लिये जनहित कल्याणकारी योजनायें नियम कानून को शिथिल करते हुये बनाई ताकि उन्हे इन योजनाओं का लाभ देने में नियम कानून आड़े न आ सके। परन्तु दर्भाग्य इस मध्यप्रदेश का जब से गैर भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीस अधिकारियों ने वातानुकूलित वातावरण में बैठकर पूरे देश के लिये जो जनहित कल्याणकारी योजनायें बनाई है वह सिर्फ कागजों एवं समाचार पत्रों में निकलने वाले विज्ञापनों में ही लाभान्वित दिखती है जब उन योजनाओं का लाभ लेने की कोशिश की गई तो उन नियमों की पूर्ति आजतक कोई नहीं कर पाया और इसका फायदा बड़े बड़े पदों पर बैठे आला अफसरों ने बंदरबांट करके ही ले पाया है। देश भर के प्रदेशों में वर्तमान समय में करोड़ों रूपया केन्द्र सरकार से आ रहा है और केन्द्र सरकार में जो गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के सांसद और मंत्री बने बैठे है ऐसे राजनेताओं ने अपने अपने प्रदेशों के आला अफसरों को अपने अपने विभागों में बुलाकर रखा है और जो योजनायें बनवाई गई उन योजनाओं को सिर्फ एक आलाउद्दीन का चिराग बताकर प्रसारित करवाया गया या फिर मुंगेरी लाल के हंसीन सपने दिखाकर उन्हे संजोया गया। इसी प्रकार हिन्दी भाषाई प्रदेशों में गैर हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस ने अपने पैर जमाना शुरू कर दिये और ऐसे दिमागदार अधिकारियों ने राजनेताओं को अलग थलग कर अपना सिक्का चलाने की मुहिम चलाई और आज सफल भी हो रहे है। केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा बनाई जाने वाली जनहित कल्याणकारी योजनाओं को करोड़ों रूपये के बजट आवंटन के साथ प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ क्रियान्वियित की जाती है। परन्तु गैर भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस के हांथों से नियमों की लक्ष्मण रेखा पार कर लाभांवित हो पाना दांतों तले लोहे के चबाने के बराबर है। जिन जिलों में आज भी हिन्दी भाषाई प्रदेशों के आईएएस और आईपीएस काम कर रहे है उन जिलों में विकास के पहिये काफी हद तक दूरी तय कर लेते है। परन्तु जैसे ही गैर भाषाई प्रदेशों के आईएएस  और आईपीएस पदस्थ होते है वैसे ही विकास की दूरी तय करने वाले पहिये थम से जाते है।<br/><br/>

	मध्यप्रदेश का इतिहास गवाह है इस प्रदेश की ग्रामीण जनता खासतौर पर बुन्देलखण्ड की जनता आज भी कलेक्टर और एसपी को अपना राजा मानती है अपना भगवान मानती है। जब तक अपना दुख दर्द कलेक्टर और एसपी को नही सुना लेते है तक तक उनके गले से रोटी का एक कौर भी नीचंे नही उतरता है और ऐसे मे जब उनका राजा यानि भगवान यानि कलेक्टर एसपी मिलने को एक कदम भी आगे नहीं बढाते है तब उन्हे लगता है कि अंग्रेजों का शासन अच्छा था, अंग्रेजों की गुलामी अच्छी थी, कम से कम दो वक्त की रोटी की गारंटी तो होती थी। यह एक ऐसा बिषय है जिस पर चिंतन कई घंटे कई दिनो कई वर्षों तक किया जाये तो कभी खतम नहीं होगा और लेखक की लेखनी अगर चलती जाये तो एक इतिहास सच्चाई के रूप में किताब बनकर सामने आ सकता है। 
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 ]]> </description> <pubDate>7/22/2010 10:18:38 AM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कार्यवाही नहीं हुई तो मामला विधानसभा में गूंजेगा ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=if_action_will_not_Take_then_matter_will_be_sound_in_assmbly_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=if_action_will_not_Take_then_matter_will_be_sound_in_assmbly_932 </guid> <description><![CDATA[ छतरपुर<br/>
जननी एक्सप्रेस वाहन निविदाओं में हुई व्यापक धांधली को  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस के दीक्षित ने गंभीरता से लिया है। डॉ. दीक्षित ने प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करते हुए शिकायत शाखा को निर्देशित किया है कि संपूर्ण मामले की जांच के उपरांत ही  आगे की कार्यवाही की जाए। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती इन निविदाओं पर लिए गए निर्णय स्थगित रखे जाएंगे। उधर विधायक मानवेन्द्र सिंह (भंवरराजा) ने साफ शब्दों में कहा है कि दोषियों पर यदि कार्यवाही नहीं हुई तो वह मामले को विधानसभा में उठाएंगे। <br/><br/>
	नौगांव निवासी मोहम्मद इ·बाल ने जननी एक्सप्रेस वाहन के लिए अपनी निविदा दी थी उनकी निविदा की दर भी अन्य सभी निविदाओं से न सिर्फ कम है बल्·कि बोलेरो वाहन भी उन्होंने नया क्रय किया है। शाखा के डीलिंग क्लर्क रघुराज ने इन निविदाओं में भारी धांधली  
 करते हुए अपात्र लोगों की निविदाएं स्वीकार कर लीं और जिन निविदा की दरे कम थी उन पर मामूली से आरोप लगाकर उन्हें अस्वीकार कर दिया। खबर तो यह भी है कि डीलिंग क्लर्क रघुराज ने जननी एक्सप्रेस वाहन के लिए जो विज्ञापन प्रकाशित कराया उसमें भी शासन के नियमों की अनदेखी की गई। पहली बार ऐसा विज्ञापन प्रकाशित हुआ जिसमें निविदाएं लेने की तिथि एवं समय तो निर्धारित था परंतु निविदाएं खोलने की कोई तिथि नहीं दी गई थी। नतीजन कई निविदादाता निविदा खुलने के दिन उपस्थित नहीं हो सके जिसका डीलिंग क्लर्क रघुराज ने भरपूर लाभ उठाया और अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए उनसे मोटी रकमें लेकर उनकीं निविदाएं स्वीकृत कर दी गईं। कई वाहन ऐसे भी थे जिनके निविदा जमा करने के समय रजिस्ट्रेशन ही नहीं थे पर उन्हें शामिल कर लिया गया जब इसकी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षित से की गई तो उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उक्त निविदाओं पर अब तक लिए गए निर्णय को स्थगित कर दिया। मामले की जांच के लिए डॉ. एचपी अग्रवाल को जिम्मेदारी दी गई है वह सारी निविदाओं की जांच पड़ताल करेंगे। <br/><br/>

	मप्र शासनके पूर्व मंत्री एवं महाराजपुर विधायक मानवेन्द्र सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की इस गड़बड़ी पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषी लिपिक विरूद्घ दण्डात्मक कार्यवाही नहीं की गई तो वह मामले को विधानसभा में ले जाएंगे। फिलहाल जननी एक्सप्रेस वाहनों की निविदाएं इन दिनों स्वास्थ्य महकमें में खासी चर्चा का विषय बन गई है। संबंधित बाबू अपने बचाव में अधिकारियों के समक्ष हाथ-पांव रगड़ रहे हैं।<br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:48:51 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ नई फसल आने के साथ ही घटेगी महंगाई : प्रणब ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=inflation_will_be_down_with_new_corp_pranab_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=inflation_will_be_down_with_new_corp_pranab_983 </guid> <description><![CDATA[ वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से मुद्रास्फीति दबाव बढ़ा है, पर नई फसल आने के साथ ही खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने लगेगी और मुद्रास्फीति नीचे आ जाएगी।

दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के बाद मुखर्जी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईंधन तथा अन्य वस्तुओं की कीमतों से मुद्रास्फीति दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सकल मुद्रास्फीति नई फसल की आवक के साथ ही कम होने लगेगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति हमेशा से चिंता की वजह रही है। पर यह अब सिर्फ खाद्य वस्तुओं तक सीमित नहीं रह गई है। हालांकि, दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति 20 प्रतिशत के स्तर के आसपास पहुंच गई थी। इससे पहले दिन में कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर ने भी कहा था कि अच्छे मानसून तथा बेहतर फसल से आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति नीचे आएगी।

एक सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा कानून के तहत खाद्य वस्तुओं पर दी जाने वाली सब्सिडी का फैसला योजना आयोग देश में गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों की संख्या का आंकड़ा सामने आने के बाद करेगा। ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:44:02 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'वस्तुओं पर 20 फीसदी तक लगेगा जीएसटी'  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=20_%_gst_on_comodities_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=20_%_gst_on_comodities_932 </guid> <description><![CDATA[ केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि एक अप्रैल 2011 से दो तरह के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किए जा सकते हैं।

सरकार ने अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के अंतर्गत जीएसटी लागू करने के पहले साल त्रिस्तरीय कर संरचना का प्रस्ताव दिया है। इस व्यवस्था के अंतर्गत जरूरी सामानों पर जीएसटी की दर छह प्रतिशत, अन्य वस्तुओं पर 10 और सेवाओं पर आठ प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है। इसी तरीके से राज्य सरकारें भी कर लगाएंगी। इस तरह विभिन्न वस्तुओं पर लगने वाला कुल कर 20 फीसदी तक पहुंच जाएगा। 

बाद में हालांकि इन त्रिस्तरीय दरों को चरणबद्ध तरीके से एक समान स्तर पर लाया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम जीएसटी के अंतर्गत वस्तुओं पर त्रिस्तरीय कर संरचना के प्रस्ताव पर सहमत हुए हैं। जीएसटी लागू होने के पहले साल (2011) सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) में जरूरी वस्तुओं पर छह प्रतिशत और मानक दर 10 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है।"

प्रदेशों के वित्त मंत्रियों के अधिकारिक समूह की बैठक में मुखर्जी ने कहा, "सेवाओं पर कर की दर आठ प्रतिशत रहेगी।"

देश के उद्योग समूह केंद्र और राज्य के करों में एकरूपता की मांग करते रहे हैं। वर्तमान में कई मामलों में कर की दर 30 प्रतिशत तक है इससे बड़े पैमाने पर कर चोरी होती है।

केंद्र और राज्यों के बीच प्रारंभिक सहमति बनने पर अब प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) और सीजीएसटी की दर एक समान हो सकती है।

जीएसटी के लागू होने के बाद दूसरे साल में एसजीएसटी और सीजीएसटी की मानक उच्च दर को घटाकर नौ प्रतिशत किया जाएगा और निम्न दर को छह प्रतिशत पर ही रखा जाएगा।

इसके बाद तीसरे साल में प्रदेश और केंद्र दोनों के जीएसटी के अंतर्गत वस्तु एवं सेवाओं पर कर की सभी दरों को आठ प्रतिशत किया जाएगा।

मुखर्जी ने कहा, "चरणबद्ध तरीके से हम सीजीएसटी और एसजीएसटी के अंतर्गत वस्तुओं और सेवाओं पर करों की दर में समानता लाएंगे।"

मौजूदा कर संरचना में करों से छूट पाने वाली 99 वस्तुओं को सीजीएसटी और एसजीएसटी में भी कर दायरे से बाहर रखा जाएगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि यदि राज्यों को राजस्व में किसी तरह का नुकसान होता है तो 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप इसका भुगतान किया जाएगा।

कर संग्रह का नया तंत्र लागू होने के बाद केंद्र और राज्यों के उत्पाद कर, वैट और सेवा कर जैसे सभी कर जीएसटी में शामिल कर लिए जाएंगे।
  ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:35:33 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ कांग्रेस ने नेताओं से कहा, बेवजह टिप्पणियां न करें  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=congress_ask_from_leaders_dnt_give_statements_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=congress_ask_from_leaders_dnt_give_statements_932 </guid> <description><![CDATA[ अपने हालिया बयानों के चलते विवाद खड़ा करने वाले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह को जाहिर तौर पर आड़े हाथ लेते हुए पार्टी ने दिशा-निर्देश जारी कर अपने नेताओं से कहा है कि वे मीडिया से बातचीत करते समय या सार्वजनिक बयान देते समय अपनी जिम्मेदारियों की सीमाओं का ध्यान रखें। कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष तथा पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी की ओर से जारी दिशा-निर्देश कहते हैं कि नेता खुद को अपनी जिम्मेदारियों तक ही सीमित रखें और बेवजह कुछ भी नहीं बोलें। <br/><br/> 

द्विवेदी की ओर से ये लिखित दिशा-निर्देश ऐसे समय आए हैं, जब सिंह ने मीडिया को दिए साक्षात्कारों में दावा किया है कि केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम के माओवाद की समस्या से निपटने के तरीकों की आलोचना करता उनका विवादास्पद लेख पार्टी की नीतियों को ही प्रदर्शित करता है। सिंह ने जब दो महीने पहले यह लेख लिखा था, तब कांग्रेस ने उनके विचारों से खुद को अलग कर लिया था। द्विवेदी ने पार्टी नेताओं से कहा था कि वे सार्वजनिक तौर पर उन मुद्दों पर अपने विचार जाहिर करने से बचें जो उनकी जिम्मेदारी के क्षेत्र में नहीं आते। <br/><br/>  
 ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:33:54 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ 'भारत इतना ताकतवर नहीं कि उसकी फौरन सुनी जाए'  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=india_is_not_that_much_powerfull_that_will_listen_is_imediately_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=india_is_not_that_much_powerfull_that_will_listen_is_imediately_983 </guid> <description><![CDATA[ दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों की संलिप्तता वाले आपराधिक मामलों को सुलझाने में दूसरे देशों के सहयोग नहीं करने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि भारत इतना ताकतवर मुल्क नहीं है जो अन्य देश उसकी इच्छाओं का सम्मान करें। <br/><br/>

न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन धींगरा ने कहा कि भारत इतना ताकतवर देश नहीं है कि दूसरे देश उसकी इच्छाओं का सम्मान करें। आर्थिक विकास करने के बावजूद भारत को नरम और कमजोर देश माना जाता है। अदालत ने कहा कि अन्य सभी मोर्चों पर विदेश में भारत की छवि ऐसी नहीं है कि उसकी गुजारिश का विदेशी सरकारें तुरंत संज्ञान लें। 
<br/><br/>

न्यायालय ने दुबई में रहकर हवाला कारोबार चलाने के आरोपी नरेश कुमार जैन के खिलाफ मामले की जांच पूरी करने के लिए कुछ और वक्त मांगने सम्बन्धी केन्द्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।

यूरोप और एशिया के कई देशों में आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जैन को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह दुबई से भागकर नेपाल के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल हुआ था।

जैन के खिलाफ शुरुआती जांच के बाद पुलिस को उसके कई देशों में हुई आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात पता लगी थी। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने जैन की गतिविधियों की जड़ तक पहुंचने के लिये उन मुल्कों से सहयोग मांगा था।<br/><br/>


मामले की जांच कर रही एजेंसी ने कुछ देशों के मदद नहीं करने की वजह से तफ्तीश पूरी करने के लिए और समय मांगा था। ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:28:22 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ डॉक्टरों की छुट्टी कर देगा यह रोबॉट! ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=robot_will_finish_093 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=robot_will_finish_093 </guid> <description><![CDATA[ सर्जरी के दौरान डॉक्टरों की मदद करने वाले रोबॉट तो अब आम हो चुके हैं लेकिन वैज्ञानिकों ने एक ऐसा रोबॉट डिवेलप किया है जो खुद डॉक्टरों का रोल निभाएगा। मतलब ऑपरेशन थियेटर से डॉक्टर साहब बाहर हो जाएंगे। 

अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के बायोइंजीनियर्स ने एक स्टडी के जरिए यह साबित कर दिया कि अब रोबॉट बिना इंसानी मदद के हमारे शरीर के भीतर मौजूद ट्यूमरों को खोज सकेंगे। इसके बाद वह इन ट्यूमरों से अलग-अलग सैंपल भी ले सकेंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर इस तकनीक का और विकास किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब रोबॉट कई और तरह की सर्जरी कर पाएंगे। <br/><br/>

रिसर्च टीम के मेंबर और ड्यूक के साइंटिस्ट काइचेंग लियांग का कहना है कि हमने साल के शुरू में दिखाया था कि ऑर्टिफिशल इंटेलिजेंस के सहारे एक रोबॉट नकली ब्रेस्ट टिश्यू में मौजूद गांठ को खोज लेता है। ऐसा उसने बार-बार कर दिखाया। ताजा एक्सपेरिमेंट में हमने दिखाया है कि रोबॉट इंसानी प्रोस्टेट टिश्यू के आठ अलग-अलग सैंपल ले सकता है। 

यूनिवर्सिटी के मुताबिक, दोनों प्रयोगों में टर्की पक्षी के टिश्यू का इस्तेमाल किया गया था। रिसर्च में एक रोबॉटिक बांह और उससे जुड़े अल्ट्रासाउंड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया था। अल्ट्रासाउंड सिस्टम को रोबॉट की आंख की तरह यूज किया गया। इस रोबॉट को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से कंट्रोल किया गया था। इस तरह के एक्सपेरिमेंट में 93 पर्सेंट की सफलता देखी गई। 

इस प्रयोग की सबसे बड़ी बात थी कि इसमें पहले से मौजूद हार्डवेयर का इस्तेमाल किया गया। इस तरह इस रिसर्च को और डिवेलप करने के लिए नए सिरे से काम नहीं करना पड़ेगा। <br/><br/>

 ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:14:23 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ दीपिका का नया टैटू  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=deepika_new_tatoo_032 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=deepika_new_tatoo_032 </guid> <description><![CDATA[ पादुकोण ने इन दिनों एक  
नया टैटू बनवाया है। यह उन्होंने पहले की तरह गले पर नहीं , बल्कि बाईं एड़ी पर बनवाया है। यह टैटू देखने में बिल्कुल पायल की तरह दिखाई पड़ता है। नजदीकी सूत्र के मुताबिक , हालांकि दीपिका ने अपनी बॉडी से अब तक आरके के टैटू को रिमूव नहीं करवाया है , लेकिन वह इस टैटू से सबका ध्यान हटावाना चाहती हैं। ऐसे में उन्होंने लोगों का ध्यान बंटाने के लिए एक और टैटू बनवाने का फैसला लिया। 
<br/><br/>
सूत्रों की मानें तो , दीपिका ने हाल ही में अपनी लंदन विजिट के दौरान यह टैटू बनवाया। उन्होंने अचानक इसे बनाने का फैसला लिया। वह इसे बनाते समय इतनी एक्साइटेड थीं कि सारे प्रोसेस के दौरान आराम से बैठी रहीं। जब उनसे यह पूछा गया कि इसे बनवाते समय आपको दर्द नहीं हुआ , तो उनका कहना था , ' चूंकि मैं एक बार पहले भी टैटू बनवा चुकी हूं , इसलिए मैं दर्द को हैंडल करना अच्छी तरह जानती हूं और इसीलिए ज्यादा तकलीफ नहीं हुई। ' 
<br/><br/>
खैर , अपने नए टैटू को लेकर दीपिका खासी उत्साहित हैं। हालांकि इस बात को लेकर दीपिका थोड़े गुस्से में दिखीं कि सबको उनके नए टैटू के बारे में पता चल गया। शुरू में तो वह इसके बारे में बात करने के लिए तैयार नहीं थीं , लेकिन बार - बार पूछने पर दीपिका ने बताया , ' हां , यहां मेरा नया टैटू है। आपने इसे पहले नहीं देखा होगा। हालांकि, मैं बताना नहीं चाहती थी कि मैंने इसे कब और कहां बनाया। लेकिन अब आप लोगों को पता चल ही गया है , तो आपने सही सुना है। ' 

<br/><br/>दीपिका ने दूसरी बार टैटू बनवाया है। वह कहती हैं , ' हालांकि इस जगह टैटू बनाने में बेहद दर्द होता है। लेकिन मैं इसे इसी जगह बनवाना चाहती थी। ' 

चलो दीपिका , अच्छी बात है कि आपने यह दर्द अपनी पसंद का टैटू गुदवाने के लिए सहा , किसी दूसरे का नाम गुदवाने के लिए नहीं।<br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 10:04:13 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ पाक के सुर में बोले भारतीय विदेश मंत्री ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=indian_forgien_minister_speaks_in_tone_of_pak_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=indian_forgien_minister_speaks_in_tone_of_pak_983 </guid> <description><![CDATA[ पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर भारत सरकार में फिर गहरे मतभेद सामने आने लगे हैं। भारत- पाक 
वार्ता से पहले होम सेक्रेटरी जी. के. पिल्लई के बयान पर नाखुशी जताते हुए विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने कहा कि उनकी पूरी इस्लामाबाद यात्रा उस टिप्पणी में उलझ कर रह गई। बुधवार को कृष्णा ने यहां तक कह डाला कि अगर वह होम सेक्रेटरी होते तो वह मुंबई हमले को लेकर आईएसआई के बारे डेविड हेडली द्वारा किए गए खुलासों के बारे में नहीं बोलते। कृष्णा ने कहा कि पिल्लई के बयान बिल्कुल सही थे लेकिन वक्त बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था। 
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विदेश मंत्री के ताजा रुख से साफ है कि डेविड हेडली के खुलासों को पाकिस्तान से वार्ता में हथियार बनाने के बाद विदेश मंत्रालय अब पीछे हटता हुआ लग रहा है। रोचक बात यह है कि मंगलवार को ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिव शंकर मेनन ने पिल्लई के बयानों को दुहराते हुए कहा था कि पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों, खुफिया और सरकारी एजेंसियों के बीच गहरी सांठगांठ है, जिसे निकट भविष्य में तोड़ना मुश्किल लग रहा है। मेनन के इस बयान के बाद भारत का रवैया कुछ कड़ा होता लग रहा था लेकिन अब कृष्णा के ताजा बयान ने फिर इन अटकलों को बल दिया है कि भारत पिल्लई के हेडली बयान को लेकर पश्चाताप करता लग रहा है। मंगलवार को ही गृह मंत्रालय के एक नए आदेश में कहा है कि होम सेक्रेटरी के बदले मंत्रालय का नया प्रवक्ता मीडिया से मुखातिब होगा। 
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15 जुलाई को इस्लामाबाद में विदेश मंत्रियों की वार्ता के लिए कृष्णा के पाकिस्तान जाने के पहले पिल्लई ने सनसनीखेज खुलासा किया था कि मुंबई पर आतंकवादी हमला करवाने में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी नौसेना ने न केवल हमलावरों को ट्रेनिंग दी बल्कि हमला के लिए हथियार और अन्य साज सामान मुहैया करवाए। इस बयान के बाद खुद कृष्णा ने इस्लामाबाद बैठक के पहले सार्वजनिक बयान दे कर पाकिस्तान से मांग की थी कि हेडली के खुलासों के अनुरूप मुंबई हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाए। विदेश मंत्री कृष्णा ने मंगलवार को काबुल से लौटते हुए भी यह कहा कि भारत हेडली के खुलासों को नजरअंदाज नहीं कर सकता। लेकिन बुधवार को एक चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने यह टिप्पणी कर सबको हैरत में डाल दिया है कि वह यदि होम सेक्रेटरी होते तो हेडली के बयानों का खुलासा नहीं करते। <br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 9:41:07 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ सेक्स स्कैंडल में फंसे कोच ने दिया इस्तीफा  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=coach_resign_after_charge_of_sex_scandle_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=coach_resign_after_charge_of_sex_scandle_932 </guid> <description><![CDATA[ खिलाड़ी के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय हॉकी टीम के कोच एम. के. कौशिक ने अपने 
पद से इस्तीफा दे दिया है। कौशिक ने बुधवार को हॉकी इंडिया (एचआई)की चार मेंबर वाली कमिटी के सामने पेश होने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया। उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया है या नहीं, इस बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा गया है। <br/><br/>

इस बीच, एचआई ने कहा है कि कौशिक पर लगाए गए आरोप सही हैं या गलत इस बारे में की जा रही जांच की रिपोर्ट शुक्रवार को सामने आ जाएगी। एचआई ने यह भी कहा है कि आरोप लगाने वाली खिलाड़ी को कौशिक के खिलाफ सबूत पेश करने होंगे। साथ ही उन 31 खिलाड़ियों को भी कौशिक के खिलाफ सबूत देने होंगे, जिन्होंने आरोप लगाने वाली खिलाड़ी की ओर से एचआई को भेजे गए लेटर पर साइन किए हैं। 
जांच कमिटी के सामने पेश होने से पहले कौशिक ने कहा था कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। कौशिक ने कहा कि इस आरोप की जांच पूरी होने तक वह खुद को टीम से अलग कर रहे हैं। हालांकि बाद में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया। 

उन्होंने कहा, 'मेरे खिलाफ उन लोगों ने साजिश की है, जिन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली है। मेरी प्रतिष्ठा अब दूसरों के लिए जलन का विषय बन गई है। मुझे अपने ऊपर लगे आरोपों की परवाह नहीं क्योंकि मैं जानता हूं कि इनमें कोई सच्चाई नहीं। यही कारण है कि इनके गलत साबित होने तक मैं खुद को टीम से अलग कर रहा हूं।' 

कौशिक ने कहा कि महिला टीम के साथ उनके सफल सफर को लेकर कई लोग उनसे जलने लगे हैं। ऐसे में इस मामले को उनके खिलाफ साजिश के रूप में भी देखा जाना चाहिए। 

बकौल कौशिक, 'मैं चाहता हूं कि मामले की जांच के लिए बनाई गई कमिटी व्यक्तिगत तौर पर खिलाड़ियों, कोचों, सहायक कोचों, सहयोगी स्टाफ और यहां तक की संघ के सदस्यों से बात करे। मैं अपनी प्रतिष्ठा के साथ खिलवाड़ नहीं होने देना चाहता क्योंकि इस समाज में मेरी इज्जत है।' 

इस बीच, हॉकी इंडिया ने विदेश दौरे के दौरान एक कॉलगर्ल के साथ कथित तौर पर होटेल में रंगरेलियां मनाने वाले टीम के विडियोग्राफर बासवराज को बर्खास्त कर दिया है। 

एचआई ने कौशिक और बासवराज के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमिटी बनाई है। इस कमिटी में राजीव मेहता, जफर इकबाल, अजीत पाल सिंह और सुदर्शन पाठक को शामिल किया गया है।  <br/><br/>


हॉकी इंडिया की कार्यकारी अध्यक्ष विद्या स्टोक्स ने बुधवार को पत्रकारों से कहा कि वह कोच के साथ-साथ उस खिलाड़ी से भी बात करेंगी, जिसने यौन शोषण का आरोप लगाया है। स्टोक्स ने कहा, 'कौशिक ने खुद को आगामी आयोजनों से इसलिए अलग कर लिया है क्योंकि वह खुद को बेकसूर बता रहे हैं। मैं इस संबंध में कोच और आरोप लगाने वाली खिलाड़ी से बात करूंगी।' 

स्टोक्स ने बताया कि कौशिक की गैरमौजूदगी में सहायक कोच टीम के साथ साउथ कोरिया जाएंगे। बकौल स्टोक्स, 'हम मामले को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं। आशा है कि आने वाले दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा।' <br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 8:30:30 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ बिहार में 67 विधायक सस्पेंड     ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=67_mla_suspend_in_bihar_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=67_mla_suspend_in_bihar_932 </guid> <description><![CDATA[ बिहार में सदन की मर्यादा तार-तार करने पर विपक्ष के 67 विधायकों को मॉनसून सेशन के बाकी बचे दिनों 
के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। भारी हंगामें के बीच इन विधायकों को मार्शल बुलाकर सदन से बाहर निकाल दिया गया। <br/><br/>

बिहार में कथित 'ट्रेजरी घोटाले' को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े विपक्षी विधायकों और सत्ता पक्ष के सदस्यों के बीच मंगलवार को विधानसभा में हाथापाई के बाद बुधवार को विपक्षी सदस्यों ने स्पीकर उदय नारायण चौधरी पर चप्पल फेंकी और महिला सदस्यों ने मार्शल पर गमले उठा कर फेंके। आरजेडी प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी और विधानसभा में आरजेडी के उपनेता शकील अहमद खान समते पार्टी के 42 विधायक सस्पेंड हुए हैं। 
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विपक्षी विधायक विधायक कल से मुख्यमंत्री नीतिश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। कैग की एक रिपोर्ट में मुख्यमंत्री पर कथित तौर पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद विधायक धरने पर बैठ गए थे। विधायकों ने सदन की कार्यवाही में बाधा डालते हुए स्पीकर के आदेश को मानने से इनकार कर दिया , जिसके बाद उनके सस्पेंशन की कार्रवाई हुई है। 
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विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव सदन में प्रदेश में संसदीय मामलों के प्रभारी ब्रजेंद्र प्रसाद यादव ने रखा, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस प्रस्ताव का विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध किया। 
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	छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री प्रदेश की बेटियों को अपनी भांजी मानकर उनकी शादियां रचवा रहे है। परन्तु शादी करवाने वाली ऐजेन्सियां और भांजियों के अभिभावकगण मिलकर मुख्यमंत्री भांजियों की ज्यादा से ज्यादा शादियां रचवाकर मुख्यमंत्री के सामने यह प्रदर्शित करना चाहतीं है कि हम आपके साथ है। परन्तु वे इस बात को भूल जाते है कि जिन बेटियों की शादी एक छत के नीचे सामूहिक विवाह में कर रहे है वे क्या अभी शादी लायक है या उनकी उम्र पढ़ने लायक है। इन ऐजेन्सियों को इससे कोई मतलब नहीं होता है और जब मामला सामने आता है तो ऐजेन्सियों के मुखिया मुंह छिपाते दिखाई देते है। ऐसा ही मामला बुन्देलखण्ड के चर्चित जिला छतरपुर मुख्यालय की ऐजेन्सी जनपद पंचायत छतरपुर में सामने आया है। इस जनपद पंचायत छतरपुर ने विगत माह 151 सामूहिक विवाह रचाये थे। इस कार्यक्रम में नगर निगम भोपाल की महापौर कृष्णा गौर बिशेष रूप से उपस्थित हुई थी। इस सामूहिक विवाह में छिरावल गांव की दो सगी नाबालिग दलित बहिनों के विवाह जबरन करा दिये गये थे। पीढ़ित युवतियों को जैसे ही मौका लगा भागकर पुलिस संरक्षण में आई और अपने साथ हुये दुव्र्यवहार की सूचना दी। पुलिस ने इन युवतियों के परिजनों पर बाल विवाह अधिनियम के तहत मुकद्दमा दर्ज कर दिया है।<br/><br/>

	पीड़ित दलित युवती मोनिका अहिरवार और सोनिका अहिरवार ने मीडिया को बताया कि वे जनपद पंचायत छतरपुर अंतर्गत ग्राम छिरावल की रहने वाली है। हमारे पिता की मौत के बाद हमारी मां ने दूसरी शादी कर ली थी। इस कारण हम लोग बेसहारा हो गये थे। हम लोग अपने पिता के सपने को साकार करना चाहते हुये भी अपनी बेसहारा के कारण आगे पढ लिख नहीं पाये। 12 जून 2010 को जनपद पंचायत छतरपुर प्रांगण में सामूहिक विवाह में हमारे अभिभावकों ने जबरन शादी करवा दी। जबकि हमलोग आगे पढना लिखना चाहते थे। पीढ़ितों के मुताबिक मानिका की उम्र 5 अगस्त 1994 और सोनिका की उम्र 7 अगस्त 1992 है। मोनिका  और सोनिका के भाई व मौसा-मौसी द्वारा जिला अस्पताल मंे मेडीकल परीक्षण में दोनो की उम्र बालिग दिखाकर मेडीकल प्रमाण पत्र लेदेकर बनवा दिया। और नाबालिग को बालिग बनाकर मोनिका की शादी ढिलापुर के हेमलाल के साथ और सोनिका की शादी पतरा के परमलाल से जबरन करवा दी। पीड़ितों ने बताया कि हमारे अभिभावकों ने हमसे झूठ बोला कि दोनो लोग शासकीय कर्मचारी है। जब शादी के बाद ससुराल पहुंची तो सच्चाई कुछ और ही थी। दोनो पीढ़ितों ने बताया कि हमलोगों ने अपनी ससुराल में रहकर कोई बिरोध दर्ज नहीं किया और जैसे ही अपने मायके आये और मौका पाकर वहां से एक साथ भाग लिये और पुलिस कंट्रोल रूम में पहुंचकर पुलिस का संरक्षण लिया। <br/><br/>

	शहर पुलिस अधीक्षक समीर यादव ने मीडिया को बताया कि इन दोनो दलित युवतियों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोषी अभिभावकों के खिलाफ बाल विवाह अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है। जांच में दोषी पाये जाने वालों के बिरूद्व गिरफतारी कर चालान न्यायालय में पेश कर दिया जायेगा। पुलिस ने बताया कि इन दोनो युवतियों को नीड़ आश्रम में पनाह दिलवाई गई जहां पर इन दोनो युवतियों को आगे की पढ़ाई लिखाई करवाई जायेगी। हालांकि पुलिस भी यह मानती है कि दोनो पीढ़ित अपनी मानसिक और शारीरिक रूप से परिपक्य नहीं हुई है। ऐसे में इनकी शादी रचा देना सामाजिक अभिशाप तो है ही साथ ही सरकार की योजनाओं के साथ खिलवाड़ भी है।
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 ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 7:09:12 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ चल यार धक्का मार, बंद है ........ ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=chal_yaar_dhakka_maar_band_hai_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=chal_yaar_dhakka_maar_band_hai_932 </guid> <description><![CDATA[ धक्का प्लेट बसों के सहारे रोडवेज बस स्टैंड<br/><br/> 
मैनपुरी। एक फिल्म में चलते-चलते बंद पड़ी एक कार को हाथी ने धक्का मारकर किनारे लगाया था लेकिन प्रदेश में तो हाथी की ही सरकार है बावजूद इसके रोडवेज की बसों में स्वयं यात्रियों  को ही धक्का मारना पड रहा है। प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली रोड़वेज को प्रदेश सरकार हाईटेक करने की कवायद कर रही है वहीं दूसरी ओर खटारा बसे उसकी सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं। रोजाना ऐसी ही खटारा बसों से आधी से ज्यादा आबादी मौत की राह पर दो-दो हाथ कर अपने गंतव्य पर पहुंच रही है पर शासन और प्रशासन हैं कि कानों में रूई डालकर बैठे हैं।<br/><br/> 
	रोडवेज बस अड्डा जनपद का सबसे बड़ा बस अड्डा है जहां प्रतिदिन सैकडों बसों का आना-जाना लगा रहता है। इस बस स्टैंड से गुजरकर ही बसें, आगरा, मथुरा, लखनऊ, हरदोई, दिल्ली, कानपुर, गाजियाबाद, राजस्थान, ग्वालियर व अन्य सभी राज्यों के लिए चलती हैं। यदि इस स्तर से देखा जाए तो इस बस स्टैंड  को काफी हाईटेक होेना चाहिए लेकिन आलम यह है कि यहां पर पीने की पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। हालांकि प्रदेश सरकार इस लाइफ लाइन को दुरूस्त कराने का मसौदा तैयार तो कर रही है और इस मसौदे पर अमल करते हुए उसने आगरा समेत कई बडे़ महानगरों को मंहगी सीएनजी बसें मुहैया भी करा दी हैं लेकिन वर्तमान में पेट्रो कीमतों में आई तेजी ने इन सीएनजी बसों पर भी ग्रहण सा लगा दिया है। मैनपुरी में अधिकांश बसें खटारा ही हैं। एआरएम मैनपुरी का भी कहना है कि जब शासन सोचेगा तभी कुछ होगा। लंबे समय से यहां पर एक कार्यशाला बनाए जाने की मांग भी उठती रही है लेकिन न तो मुख्यमंत्री रहते हुए मुलायम सिंह यादव ने कुछ किया और न ही राज्यमंत्री होते हुए ठा0 जयवीर सिंह कुछ कर पा रहे हैं। हां, वर्कशाप के इंचार्ज जरूर अपनी ओर से अपने कर्मचारियों को साथ लेकर दुरूस्त कर खटारा बसों को ही दाड़ा रहे हैं। यहां पर तो कर्मचारियों का भी टोटा है। संविदा कर्मचारियों की मदद से बस स्टैंड चलाया जा रहा है। रोडवेज ऐ ऐसा विभाग है जो रोजाना लाखों रूप्ए  की कमाई कर राजस्व बढा रहा है लेकिन सरकार के पास इतना धन होने के बाद भी कोष की कमी बनी रहती है। न जाने कब रोडवेज बस स्टैंड को अपना भागीरथ मिल पाएगा। <br/><br/>  ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 3:07:34 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ इंडियन महिला हॉकी टीम में 'सेक्स स्कैंडल' ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sex_scandle_in_indian_women_hockey_team_932 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=sex_scandle_in_indian_women_hockey_team_932 </guid> <description><![CDATA[ भारतीय महिला हॉकी फिर से विवादों के घेरे में है। इस बार विवाद एक कोचिंग स्टाफ के सेक्स स्कैंडल में शामिल होने पर हुआ है। यह घटना चीन और कनाडा दौरे के समय की है। 
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हालांकि हॉकी टीम के कोच कौशिक ने हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ से बुधवार को बात करते हुए सेक्स स्कैंडल में शामिल होने के अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। कौशिक ने कहा कि वह किसी सेक्स स्कैंडल में शामिल नहीं हैं और जांच कमिटी की रिपोर्ट में सच सबके सामने आ जाएगा। 

उन्होंने कहा, मेरे अपने स्टैंड पर कायम रहूंगा, मैं जांच कमिटी का सामना करूंगा और उनके सामने सच रखूंगा। तथ्यों को देखने के बाद मेरे मालिक जो फैसला लें। 
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गौरतलब है कि महिला हॉ़की खिलाड़ियों ने सीनियर अधिकारियों से लिखित में शिकायत की है। एक खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि करीब एक साल से उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है। उनकी शिकायत के मुताबिक एक कोचिंग स्टाफ चीन और कनाडा दौरे के दौरान सेक्स स्कैंडल में शामिल रहे हैं। टीम के खिलाड़ियों ने जांच की मांग की है। 
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हॉकी इंडिया ने इस मामले की जांच के लिए एक 4 सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति की बुधवार को दिल्ली में बैठक होगी। हॉकी इंडिया के सचिव नरेंद्र बतरा ने कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष राजीव मेहता होंगे। इसके अलावा भूतपूर्व हॉकी खिलाड़ी अजित पाल सिंह, जफर इकबाल और सुदर्शन पाठक इसके सदस्य होंगे। <br/><br/> ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 2:40:32 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ RTI कार्यकर्ता को BJP सांसद ने मरवाया? ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rti_worker_kill_mp_of_bjp_983 </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=rti_worker_kill_mp_of_bjp_983 </guid> <description><![CDATA[ कल शाम गुजरात हाई कोर्ट के सामने मारे गए आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा के परिवार वालों का कहना है क अमित की हत्या बीजेपी सांसद दीनू सोलंकी ने की है। दीनू ने राज्य में अवैध खनन के खिलाफ कोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल ) दायर की थी। 

यहां बता दें कि कल शाम अहमदाबाद में हाई कोर्ट के सामने दिन दहाड़े आरटीआई कार्यकर्ता अमित जेठवा की गोली मार कर हत्या कर दी गई। जेठवा के परिवार वालों का कहना है कि हत्या के पीछे सीधे-सीधे जूनागढ़ से सांसद दीनू सोलंकी का हाथ है। 
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अमित जेठवा राज्य में अवैध रुप से चल रहे खनन का विरोध कर रहे थे और इसी के मद्देनजर उन्होंने हाई कोर्ट में पीआईएल दायर की थी। 

अमित के पिता भीखू जेठवा का कहना है, 'मुझे लग रहा है कि दीनू सोलंकी ही मेरे बेटे की हत्या के पीछे है। क्योंकि, उसने ही मुझे फोन पर धमकी दी थी। वह कई बार अमित को भी धमका चुका था। कोडिनार और खंबा में करीब हजार लोगों की भीड़ के सामने अमित को धमकी दी थी। लेकिन, किसी ने भी मामले की रिपोर्ट नहीं की।' 

अमित की हत्या उस समय हुई जब वह कोर्ट से बाहर आ रहे थे। मोटरसाइकिल पर आए दो अज्ञात युवकों ने उन पर गोली चलाई थी। पुलिस का कहना है कि जेठवा को गोली मारने के बाद हमलावर तुरंत फरार हो गए। 
<br/><br/>
अमित द्वारा दायर की गई पीआईएल के चलते अथॉरिटी में काफी हंगामा मचा हुआ था। अमित ने पीआईएल में गिर के जंगलों और सौराष्ट्र तट पर अवैध खनन का मामला उठाया था।<br/><br/> 
 ]]> </description> <pubDate>7/21/2010 2:21:50 PM </pubDate> </item> <item> <title> <![CDATA[ प्रेरणादायक प्रसंग  ]]> </title> <link> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=प्रेरणादायक_प्रसंग_ </link> <guid isPermaLink="true"> http://www.bharatkesari.com/showarticle.aspx?p=प्रेरणादायक_प्रसंग_ </guid> <description><![CDATA[ आदरणीय संपादक महोदय,

	इस पत्र द्वारा भारत केसरी में प्रकाशनार्थ निम्नलिखित प्रेरणादायक प्रसंग आपको प्रेषित हैं:

1.	कत्र्तव्य की पुकार,
2.	समय का महत्व,
3.	कर्ज,
4.	सच्ची उपासना।

कृपया उक्त रचनाओं को भारत केसरी में स्थान देने की कृपा करें। ये रचनाएं मौलिक हैं और पहले प्रकाषित नहीं हुई हैं।

धन्यवाद सहित,



अमित बहल

कत्र्तव्य की पुकार

एक बार विश्व विजय के स्वप्नदर्षी सिकन्दर अपने गुरु अरस्तु के साथ घने जंगल से होते हुए कहीं जा रहे थे। उनके रास्ते में एक उफनता हुआ नाला आया।

अरस्तु और सिकन्दर में इस बात पर मतभेद उत्पन्न हो गया कि पहले इस नाले को कौन पार करेगा? चूंकि नाले की गहराई और रास्ते के बारे में दोनों अनजान थे। 

कुछ देर विचार करने पर सिकन्दर ने निर्णय लिया कि नाला तो वे ही पहले पार करेंगे। कुछ वाद-विवाद के पश्चात् अरस्तु को सिकन्दर की यह बात माननी पड़ी। परिस्थिति का सफलतापूर्वक मुकाबला करने के बाद अरस्तु सिकन्दर से इस बात पर नाराज हो गए कि सिकंदर ने मेरी अवज्ञा करते हुए मेरी बात नहीं मानी। 

इसपर सिकंदर ने कहा-‘‘आदरणीय गुरुदेव! मेरे कत्र्तव्य की पुकार ने मुझे ऐसा करने हेतु प्रेरित किया। क्योंकि मैं जानता था कि यदि अरस्तु रहेगा तो हजारों सिकन्दर तैयार कर लेगा। किंतु सिकन्दर तो एक भी अरस्तु नहीं बना सकता। षिष्य के उत्तर ने गुरु को निरुत्तर कर दिया।

-अमित बहल, बी-201/300, कृपा अपार्टमेंट, शालीमार गार्डन एक्सटेंषन-2, साहिबाबाद-201007, गाजियाबाद (उ. प्र.)

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समय का महत्व

राष्ट्रपिता गांधी साबरमती आश्रम में प्रवास कर रहे थे। एक दिन गांव के लोग गांधीजी के पास आए और निवेदन किया कि ‘‘बापूजी कल हमारे गांव में एक सभा रखी गई है, यदि आप अपना अमूल्य समय निकालकर गांववालों को देष की वर्तमान स्थिति और आजादी के बारे में कुछ संदेष दे तो आपकी अति कृपा होगी।’’

गांधीजी ने सभा का समय पूछा। मुखिया ने कहा कि सभा कल सांय चार बजे आ