रविवार, 5 सितम्बर, 2010
लापरवाही से गई दलित जच्चा-बच्चा की जान
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 लापरवाही से गई दलित जच्चा-बच्चा की जान
छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य योजनाओं पर करोडों रूपये कागजों में खर्च होने का सबूत दिन प्रतिदिन मीडिया के द्वारा उछाला जा रहा है। गत दिनो छतरपुर जिले के बारीगढ़ जनपद अंतर्गत सरबई में नर्स की लापरवाही से अस्पताल के गेट पर डिलेवरी हो गई थी। जिला प्रशासन ने इसे गम्भीरता से लेते हुये नर्स को निलम्बित कर जिम्मेदार स्वास्थ्य अधिकारी बीएमओ को बचा लिया था। इस घटना के चंद दिन ही नहीं बीत पाये कि इसी बारीगढ़ जनपद अंतर्गत चंदला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एएनएम की लापरवाही से एक जच्चा-बच्चा की जान चली गई और प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से जच्चा बच्चा को नुकसान होने की यह तीसरी घटना है।

मिली जानकारी के अनुसार गौरिहार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जचकी के लिये भर्ती की गई प्रसूता की तड़प तड़प कर जान चली गई। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते एक महिला की जान चली गई जबकि ड्यूटी में तैनात एएनएम पंखे के नीचे सोती रही। बताया जाता है कि क्षेत्र के ग्राम पवईथर निवासी महेश बसोर की 21 बर्षीय पत्नी सुनीता को जचकी के लिए 26 जुलाई को दोपहर एक बजे भर्ती कराया गया था। सुनीता के पति महेश का कहना है कि उसने आशा कार्यकार्ता कड़ीबाई पत्नी रामदास रजक को जननी एक्सप्रेस बुलवाने के लिये फोन किया था लेकिन वह न तो खुद आई और न ही जननी एक्सप्रेस भेजी।

बताया कि जब महेश की पत्नी सुनीता की तबियत बिगडती गई तो बैलगाड़ी से बारिश के मौसम में तमाम परिस्थितियों को झेलते हुए वह अपनी पत्नी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आया। प्राथमिक उपचार के बाद वहां पदस्थ नर्स ने बताया कि बच्चा उल्टा है। शाम 4.10 पर सुनीता को मृत बच्चा पैदा करना पड़ा। करीब 4.45 बजे सुनीता को उल्टी दस्त शुरू हो गये। परिजनों ने बार बार अस्पताल में तैनात नर्स से आग्रह किया लेकिन न तो उसने रैफर किया न ही पुख्ता इलाज किया। गोलियां देकर नर्स चली गई।

बताया जाता है कि सुनीता रात भर दर्द से कराहती रही किन्तु रात की ड्यूटी में तैनात एएनएम संध्या मिश्रा पंखे के नीचे सोती रही। सुबह करीब 4 से 5 के बीच सुनीता बसोर ने दम तोड़ दिया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भर्ती पर्चा में काट छांट करने का आरोप लगाया है वहीं वार्ड सर्वेंट संतोष का कहना है कि वह आठ बजे ड्यूटी पर आया उस दौरान भर्ती मरीज की हालत ठीक थी। प्रबंधन ने आनन फानन में चेक भी जारी कर दी।

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