मध्यप्रदेश के छतरपुर और टीकमगढ़ सीमा के बीचों बीच बहने वाली घसान नदी में फंसे दो मछुवारों को 10 घंटे की मशक्कत के बाद सेना की मदद से बचाया जा सका। इसके पहले तीन ग्रामीणों को जन सहयोग से घंटों की मशक्कत के बाद बचाया गया था। इस मौके पर जिले का जिम्मेदार प्रशासन मौजूद था।
जानकारी के अनुसार घसान नदी के प्रकोप से देवरी बांध के पास एक चट्टान में बैठकर दो मछुवारे मछली पकड़ने चले गये। इन मछुवारों को आस लगी कि बहुत समय बाद पानी गिरा है। मछली पकड़कर बाजार में बिक्री की जाये। दोनो मछुवारे मछली पकड़ने में इतने मस्त हो गये कि उन्हे इस बात का बिलकुल भी एहसास नहीं हो पासा कि घसान नदीं अपनी उफान पर आ गई और देखते देखते ही इन मछुवारों के चारों तरफ तेज लहरों के साथ सांय सांय करते बहने लगी। जब इन मछुवारों ने देखा हम लोग एक चट्टान पर अंघेरी रात में सिर्फ अकेले ही खड़े है अब अपनी जान बचाना मुश्किल है तो इन लोगों ने 10 घंटे तक अपने भगवान को याद कर मदद की लगातार पुकार लगाई। जब आसपास के लोगों ने मदद की पुकार को सुना और देखा। आसपास के मददगारों ने जिला प्रशासन तक खबर दी तब कही जाकर प्रशासन ने रात ही में मौके पर पहुंचकर सेना की मदद मांगी। सेना ने मंगलवार की सुबह छह सात बजे तक दोनो मछुवारों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल कर ली।
जिला प्रभारी कलेक्टर श्रीमती भावना बालम्बे ने मीडिया को बताया कि जनता और सेना के सहयोग से दोनो मछुवारों को सुरक्षित निकाला गया। कमिशन सागर की जानकारी के अनुसार सागर राजस्व संभाग के टीकमगढ़ एवं छतरपुर जिले के तीन स्थानों पर नदी के प्रवाह में फंसे सभी 11 लोगों को 20 घंटे के प्रयास के बाद सुरक्षित बचाया गया। यह भी बताया गया कि छतरपुर जिले के नौगांव के पास स्थित मचा गांव क े पास घसान नदी में फंसे नागरिकों के बचाव हेतु गांव के एक व्यक्ति के नदी के प्रवाह में बहकर शहीद हो जाने की संभावना है। इस व्यक्ति के जीवित न होने की स्थिति में उसके पार्थिव शरीर को खोजने का कार्य प्रशासन द्वारा युद्व स्तर पर किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने नागरिकों के जीवन रक्षा करने के प्रयास में अपने जीवन की आहूति देने वाले श्री दीपचंद्र कुशवाह के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहायता देने के निर्देश दिये है। इस संबंध में विधिवत प्रस्ताव तत्काल उनके पास भेजने को कहा है।