रविवार, 5 सितम्बर, 2010
मोदी ने पूछा- क्या गुजरात दुश्मन राज्य है?
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 मोदी ने पूछा- क्या गुजरात दुश्मन राज्य है?
सोहराबुद्दीन फर्जी एन्काउंटर मामले को गुजरात के बाहर ट्रांसफर करने की सीबीआई की मांग के बाद मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्र और सीबीआई पर शनिवार को जमकर बरसे। उन्होंने सवाल किया कि क्या गुजरात को दुश्मन देश का हिस्सा समझा जा रहा है?

मोदी ने अहमदाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान सवाल किया कि क्या आप गुजरात को भारत का हिस्सा नहीं मानते? गुजरात के साथ ऐसा बर्ताव क्यों किया जा रहा है, जैसे कि वह दुश्मन देश का हिस्सा हो। क्या गुजरात के जज अनुपयोगी हैं? क्या देश की दूसरी अदालतें अच्छी हैं और गुजरात की अदालतें न्याय नहीं करती हैं? सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में हाई कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की थी और मुकदमे के लिए इस मामले को गुजरात के बाहर ट्रांसफर करने की भी मांग की थी। इस रिपोर्ट के एक दिन बाद शनिवार को मोदी ने केंद्र और सीबीआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने फर्जी मुठभेड़ कांड में कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति करने का और सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया और जोरदार हमला बोला। मोदी ने कहा, गुजरात के वातावरण में जहर घोलने की कोशिश की जा रही है। यह गुजरात के जुडिशल सिस्टम- प्रदेश के जजों और प्रदेश के वकीलों का अपमान है।

मोदी ने केंद्र पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया कहा,'पिछले 8 साल से मेरी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने राज्य के जुडिशल सिस्टम की छवि खराब करना शुरू कर दिया है। मैं यह बर्दाश्त नहीं करूंगा। वे मुझ पर हमला कर सकते हैं, लेकिन हमारी न्याय व्यवस्था पर क्यों हमला कर रहे हैं?' उन्होंने पूछा मैं आतंकवाद से लड़ कर कुछ गलत कर रहा हूं-

क्या मैंने अहमदाबाद विस्फोट के आरोपियों को गिरफ्तार करके कुछ गलत किया है। मुझे आतंकवाद से लड़ने से क्यों रोका जा रहा है? मोदी सोहराबुद्दीन फजी मुठभेड़ प्रकरण में अपने करीबी और पूर्व मंत्री अमित शाह की गिरफ्तारी के बाद केंद्र के प्रति ज्यादा हमलवार हो गए हैं। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2005 में फर्जी मुठभेड़ों में सोहराबुद्दीन और उसकी बीबी कौसर बी की हत्या कर दी गई थी। गुजरात पुलिस ने सोहराबुद्दीन को लश्कर ए तैयबा का सदस्य बताते हुए कहा था कि उसने मोदी की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले की जांच कर ही सीबीआई ने कहा है कि यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि असरदार नेता और नौकरशाह अदालती सुनवाई को पटरी से उतारने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर सकते हैं और न्याय को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए सीबीआई ने इस मामले को गुजरात से अलग राज्य में ट्रांसफर करने की मांग की है।

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