छतरपुर(रवि गुप्ता)। मध्यप्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर जिले में दलित और आदिवासी किसानों को कपिलधारा योजना के तहत शासन द्वारा दिये जाने वाले सिंचाई पंपों में बडे स्तर पर लालजी राम मीना जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग द्वारा कमीशनबाजी के साथ गडवडझाला किया जा रहा है। एक पम्प कंपनी को उपकृत करने के लिये जिला संयोजक लालजी राम मीना पम्प कंपनी के सेल्समैन की भूमिका निभा रहा है। पंप वितरण का काम एमपी एग्रो एवं आदिमजाति के संयुक्त अमले के द्वारा वितरित किया जाना है।
इस संबंध मे जिला प्रबंधक एमपी एग्रो के उमेश शर्मा ने मीडिया को बताया कि दलित और आदिवासी किसानों को बरूण कंपनी का पंप दिए जाने का आर्डर आदिमजाति कल्याण विभाग ने दिया है। इसीलिए एमपी एग्रो की मजबरी है कि वह किसानों को वर्क आर्डर के अनुसार ही पंप देगा। इसमें एमपी एग्रो का कोई लेना देना नहीं है। इस संबंध में जिला संयोजक आदिमजाति कल्याण विभाग के लालजी राम मीना ने मीडिया के सामने इस बात को साफ नकार दिया कि हमने कोई वर्क आर्डर बरूण कंपनी का नहीं दिया है।
पुख्ता जानकारी के अनुसार दलित और आदिवासी किसानों को निःशुल्क सिंचाई पंप देने की इस योजना में आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक लालजी राम मीना वरूण कंपनी का पंप बेचने बतौर ऐजेन्ट और सेल्समेन का काम कर रहा है। आदिमजाति कल्याण विभाग से जो आर्डर एमपी एग्रो के लिए जारी किया गया है उस पर वरूण कंपनी का पंप ही खरीदने के लिए स्पष्ट कहा जा रहा है। जबकि करीब 10 हजार रूपए मूल्य का जो पंप दिया जा रहा है उस कीमत पर सीआरआई, एन्को, एन्संस, कोमेड, जैसी ब्रांडेड कंपनियों के पंप बाजार में उपलब्ध है। लेकिन आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक लालजी राम मीना द्वारा बगैर आईएसआई मार्का का वरूण कंपनी के डीलर से बड़ा अनुबंध करके शासन द्वारा पहली किस्त के रूप में विभाग का प्राप्त 60 लाख रूपए की राशि को ठिकाने लगाया जा रहा है। अब तक जिले के छह ब्लाकों में करीब 80 पंपों की डिलेवरी किसानों को दी जा चुकी है जबकि किसानों ने वरूण कंपनी का पंप लेने से इंकार कर दिया है।
शासन की योजनानुसार कपिलधारा कूप योजना के तहत शासन द्वारा हर ब्लाक के दलित आदिवासी वर्ग के किसानों को शतप्रतिशत छूट पर निःशुल्क सिंचाई पंप आईएसआई मार्का के दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिये आदिमजाति कल्याण विभाग के माध्यम से छतरपुर जिले के हर ब्लाक से अनुसूचित जाति जनजाति वर्ग के करीब 120 किसानों को चिन्हित किया गया है। इन्हीं किसानों को सिंचाई पंप दिए जाना है। इसके लिए एमपी एग्रो को आदिमजाति कल्याण विभाग से पंप सप्लाई का आर्डर दिया गया है। नियमानुसार एमपी एग्रो के माध्यम से किसानों को उनकी पसंद का ब्रांडेड कंपनी का पंप दिया जाना चाहिए। लेकिन जनपदों में बुलाए गए किसान हितग्राहियों को केवल एक ही ब्रांड वरूण कंपनी का पंप देने के लिए बाध्य किया जा रहा है। पंप की गुणवत्ता ठीक नहीं होने से किसान वरूण कंपनी का पंप लेने से परहेज कर रहे है। जबकि उन्हे पंप निःशुल्क दिया जा रहा है।