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कॉमनवेल्थ 2014 में होगा जयपुर का टैलेंट!
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जयपुर. दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में कृष्णा पूनिया ने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल कर राजस्थान का नाम विश्व खेलों में दर्ज करा दिया है।
उनके खेल से उत्साहित जयपुर की खिलाड़ियों ने भी अगले कॉमनवेल्थ गेम्स में भागीदारी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। रेसलिंग से लेकर आर्चरी तक, शूटिंग से एथलेटिक्स तक हर खेल में लड़कियां निरंतर मैदान में दिखाई दे रही हैं। सिटी रिपोर्टर ने शहर की कुछ ऐसी ही खिलाड़ियों से बातचीत की जिन्होंने अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का जौहर दिखाते हुए राजस्थान का नाम रोशन किया।
रेसलिंग रफ एंड टफ
पिछले वर्ष इंटर कॉलेज में गोल्ड, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में ब्रान्ज मैडल हासिल कर राजस्थान की पहली गर्ल रेसलर बनने के बाद अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 की बारी है। शहर में कोच राजेन्द्र खत्री के डायरेक्शन में प्रैक्टिस कर रही कनोड़िया कॉलेज की रेसलर मीना शर्मा ने कहा कि पेरेंट्स रेसलिंग के बारे में ज्यादा नहीं जानते। उन्होंने मेरा खेल आज तक नहीं देखा, लेकिन सपोर्ट करते हैं। मुझे बचपन से ही पावरफुल गेम्स आकर्षित करते रहे, इसलिए मार्शल आर्ट भी सीखा। रेसलिंग रफ एंड टफ होने से खेलने में आनंद आता है।
शूटिंग रेंज में शुरू हो तीरंदाजी
वर्ल्ड यूनिवर्सिटी में तीरंदाजी चैम्पियनशिप में पार्टिसिपेट कर पहली राजस्थानी तीरंदाज बनने का गौरव हासिल किया है। इस कामयाबी को अगले कॉमनवेल्थ गेम्स तक ले जाना है। यह कहना है तीरंदाज तारिका शर्मा का। उन्होंने 30वीं रैंक हासिल करते हुए जयपुर में तीरंदाजों को एडवांस तकनीक सिखाने का जिम्मा लिया है। उनका कहना है कि शूटिंग रेंज में यदि शीघ्र ही तीरंदाजी की प्रैटिक्स शुरू हो तो खिलाड़ियों के लिए अच्छा हो सकता है।
ऑस्ट्रेलिया में प्रैक्टिस
बरसों से नेशनल स्वीमिंग मैडल को तरस रहे राजस्थान को 1500 मीटर स्पर्धा में सिल्वर मैडल दिलाते हुए जयपुर की सृष्टि टंडन ने भी ग्लास्गो की तैयारियां शुरू की दीं। 17 वर्षीय सृष्टि ने बताया कि डीयू में स्टडी करते हुए तीन वर्ष प्रैक्टिस भी करूंगी। उसके बाद स्पॉन्सरशिप मिली तो ऑस्ट्रेलिया जाऊंगी।
नए पिस्टल से टारगेट ‘ग्लास्गो
दिल्ली खेलों के ट्रायल से पहले एयर पिस्टल खराब होने से इनमें हिस्सा नहीं ले पाई। इससे निराश जरूर हुई, पर अब नेशनल कैम्प में हिस्सा लेते हुए 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ पर निशाना साधना है। इसके लिए मैंने नया पिस्टल लिया है। यह कहना है इंटरनेशनल जूनियर चैम्पियनशिप खेल चुकी जयपुर की शूटर प्रज्ञा राठौड़ का। वे कहती हैं, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मिले टिप्स से काफी फायदा होगा। उन्होंने बताया कि शूटिंग से पहले तीरंदाजी मंे भी नेशनल खेला। अब मेरा टारगेट ग्लास्गो कॉमनवेल्थ में शूटिंग में मैडल हासिल करना है।
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